- युद्धाभ्यास 'हमेशा विजयी' में पहुंचे थलसेनाध्यक्ष - जवानों की हौसला अफजाई
बाड़मेर. भारतीय थलसेनाध्यक्ष जनरल बिपिन रावत ने दो टूक शब्दों में पाक को उसकी नापाक हरकतों पर चेताया है। रावत ने कहा कि पहले वे जम्मू-कश्मीर में आतंककारी गतिविधियां बंद करें, वहां जिस तरह आतंकवाद फैलाया जा रहा है उससे नहीं लगता है कि वे बातचीत करने को तैयार है। रावत ने परमाणु युद्ध की आशंका पर कहा कि 'हमे कोई परवाह नहींÓ। भारतीय सेना की दक्षिण कमान की ओर से पश्चिम राजस्थान में चल रहे युद्धाभ्यास 'हमेशा विजयीÓ के अंतिम दिन शुक्रवार को यहां रावत ने पत्रकारों के साथ बातचीत में यह बात कही।
सेनाध्यक्ष ने स्पष्ट किया कि पश्चिमी सीमा पर यह युद्धाभ्यास कोई संदेश देने का नहीं है और न ही पाकिस्तान के युद्धाभ्यास का जवाब है, यह हमारी ताकत का प्रशिक्षण है। पश्चिमी सीमा पर पाकिस्तान के आगे बढऩे और बाड़मेर-जैसलमेर के ठीक सामने तक सैन्य गतिविधियां बढ़ाने के जवाब में सेनाध्यक्ष ने कहा कि वो बढ़ रहे हैं तो हम भी बढ़ रहे है। देश अपनी सुरक्षा के प्रति सचेत रहता है। उन्होंने संकेत दिया कि सीमा क्षेत्र का यह इलाका काफी मजबूत है और हर चुनौती से निपटने में सक्षम है। सेनाध्यक्ष ने असॉल्ट राइफल की खरीद पर कहा कि राइफल की जांच व ट्रायल चल रही है, सरकार ने इजाजत दे दी है। हमारी सहमति बनते ही उपलब्ध हो जाएगी।
दो माह से प्रशिक्षण, 30 हजार सैनिक जुटे
पश्चिमी सीमा पर दो माह से भारतीय सेना की दक्षिणी कमान ने ऑपरेशन हमेशा विजयी का प्रशिक्षण हासिल किया। इसमें 30 हजार सैनिक व अधिकारी शामिल हुए। 200 युद्ध टैंक के साथ यह प्रशिक्षण लिया । सीमा से 70 किमी दूर हुए इस प्रशिक्षण में दो किलोमीटर क्षेत्र में चले युद्धाभ्यास में प्रशिक्षित किया गया। वायुसेना से बेहतरीन तालमेल के इस अदम्य ताकत के प्रशिक्षण में अत्याधुनिक सर्वलेंस व नेटवर्क प्रणाली को सीखा। अभ्यास में अनेक हवाई व भूमि आधारित सर्वलेंस उपकरण लगाए गए ताकि उनसे सूचना प्राप्त कर कमाण्डर को बड़े पैमाने पर जानकारियां दी जा सके। कई इलेक्ट्रानिक युद्ध उपकरण और नई तकनीक के फोर्स मल्टीप्लायर्स भी इसमें शामिल किए गए ताकि विरोधी के बारे में सूचनाएं प्राप्त कर तत्काल कार्रवाई की जा सके। मध्यम व लम्बी दूरी के हथियारों के साथ-साथ वायु शक्ति का प्रयोग दुश्मनों को नेस्तनाबूद करने के लिए किया गया।