- शहर के दर्जनों सार्वजनिक स्थलों पर रात में जमती है शराबियों की महफिल
बाड़मेर. रात 8 बजे के बाद शराब बिक्री पर पाबंदी है, लेकिन पीने पर नहीं। यही वजह है कि शहर के सार्वजनिक स्थानों पर रात में महफिलें जमी नजर आती है। रात 9-10 बजे के बाद ज्यों-ज्यों लोगों की आवाजाही कम होती है, खुले स्थानों पर शराब के जाम छलकाने शुरू हो जाते हैं। हालत यह है कि जहां जगह मिली वहां तीन-चार शराबी जमा हो जाते हैं और महफिल शुरू। पुलिस का डर इस कदर खत्म है कि शहर के नेहरू नगर स्थित ओवरब्रिज पर रात 9 बजे बाद शराबी बैठ जाते है तथा पीने के बाद बोतल फेंक चल देते हैं। इसके अलावा तिलक बस स्टैण्ड, आदर्श स्टेडियम, वृद्धिचंद केंद्रीय बस स्टैण्ड, कलक्टे्रट परिसर, महावीर पार्क के पीछे स्थित टैक्सी स्टैण्ड सहित दर्जनों स्थानों पर शराब की महफिलें जमती हैं। 'पत्रिकाÓ ने शनिवार व रविवार रात स्टिंग किया तो कई सार्वजनिक स्थानों पर शराब की महफिल जमी नजर आई। कई फ्लैश पड़ते तो कोई कैमरा देखकर ही भाग छूटे।
आरओबी पर दौड़ पड़े
ओवरब्रिज के साइड में चलने के लिए फुट-वे है। इस पर चार-पांच युवा बैठे हुए थे। इनके पास में 3-4 बीयर की बोतल और कुछ खाने को नमकीन पड़ी थी। शराबी आराम से बैठे मोबाइल पर बतियाते पैग जमा रहे थे। रात 10 बजे इन्हें उम्मीद नहीं थी कि इधर कोई झांकेगा भी। कैमरा देखा तो बोतलें पुल से ही नीचे फेंक दी और दौड़ पड़े।
स्टेडियम से अच्छी जगह और क्या?
आदर्श स्टेडियम का खुला मैदान और टीनशेड। कोई पूछने वाला नहीं। रात को रोशनी के प्रबंध के साथ यहां बैठकर शराब पीने वाले एक-दो नहीं, पांच सात हैं। इन्हें किसी की फिक्र नहीं। सुबह लोग वॉकिंग को आते है तो यहां बोतलों का ढेर लग मिलता है।
नेहरू नगर और इंदिरा सर्किल
नेहरू नगर और जैसलमेर रोड स्थित इंदिरा सर्किल के पास भी शराबियों का जमावड़ा रहता है। इन शराबियों ने मल्लीनाथ सर्किल और बस स्टैण्ड के पास बैठकर शराब पीना शुरू कर दिया है। यहां इन्हें रोकने-टोकने वाला कोई नजर नहीं आता।
यहां पर भी एेसे ही हाल
शहर के सुभाष चौक, चौहटन चौराहे, महावीर पार्क के पीछे, महाबार रोड, हाईवे, सर्किट हाउस के पास, गेहूं रोड, रेलवे स्टेशन के आस-पास सहित कई स्थानों पर शाम ढलते ही जाम छलकने शुरू हो जाते हैं। शहर की शांत सड़कों पर शराबियों का हुड़दंग देर रात तक जारी रहता है।
क्या कहते हैं नियम
नियमानुसार सार्वजनिक स्थल पर कोई भी शराब नहीं पी सकता। उन्हें पुलिस व आबकारी दोनों कार्रवाई कर गिरफ्तार कर सकती है। साथ ही शांतिभंग व विभिन्न धाराओं के तहत गिरफ्तार किया जा सकता है।