बालोतरा। ईरान युद्ध के चलते पेट्रोल-डीजल की सप्लाई रुकने की अफवाह के बाद बालोतरा व समदड़ी में पेट्रोल पंपों पर भारी भीड़ उमड़ पड़ी। वाहनों की लंबी कतारों से यातायात प्रभावित हुआ, जबकि पंप संचालकों ने ईंधन की कमी से इनकार किया।
बालोतरा। जिला मुख्यालय सहित जिलेभर में पेट्रोल-डीजल की कमी की अफवाह फैलने के बाद मंगलवार को पेट्रोल पंपों पर अचानक भारी भीड़ उमड़ पड़ी। सुबह से ही लोग अपने वाहनों में पेट्रोल-डीजल भरवाने के लिए पंपों पर पहुंचने लगे। हालांकि पेट्रोल पंप संचालकों का कहना है कि फिलहाल ईंधन आपूर्ति को लेकर किसी प्रकार की कमी की स्थिति नहीं बनी है। समदड़ी कस्बे के एक पेट्रोल पंप पर मंगलवार को भारी अव्यवस्था का माहौल देखने को मिला।
पेट्रोल भरवाने के लिए दोपहिया और चारपहिया वाहनों की लंबी कतारें लग गई। तेज धूप और भीषण गर्मी के बीच लोग घंटों तक अपनी बारी का इंतजार करते नजर आए। cap समदड़ी. कस्बे के एक पेट्रोल पंप पर वाहनों की लंबी कतार देखने को मिली।
स्थिति इतनी बिगड़ गई कि पेट्रोल पंप परिसर से बाहर तक वाहनों की लाइन पहुंच गई, जिससे सड़क पर यातायात भी प्रभावित हुआ। कई वाहन चालकों ने आरोप लगाया कि लंबे इंतजार के बावजूद उन्हें समय पर पेट्रोल नहीं मिल पाया। इससे आमजन में नाराजगी देखने को मिली। स्थानीय लोगों का कहना है कि अचानक पेट्रोल की कमी की चर्चा से रोजमर्रा के कामकाज प्रभावित हो रहे हैं। किसान, मजदूर और नौकरीपेशा लोगों को समय पर अपने गंतव्य तक पहुंचने में परेशानी का सामना करना पड़ा। वहीं तेज गर्मी के बीच लंबे समय तक लाइन में खड़े रहने से लोगों की मुश्किलें और बढ़ गई।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार भीड़ बढ़ने से कुछ समय के लिए पेट्रोल पंप पर अव्यवस्था की स्थिति बन गई। बाद में कर्मचारियों ने व्यवस्था संभालने का प्रयास किया। ग्रामीणों और वाहन चालकों ने प्रशासन से पेट्रोल-डीजल की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करने की मांग की है, ताकि आमजन को इस तरह की परेशानी का सामना नहीं करना पड़े।
अफवाह के पीछे का मुख्य कारण: इस अचानक उमड़ी भीड़ और घबराहट के पीछे मध्य पूर्व में चल रहा वैश्विक संकट है। सोशल मीडिया पर यह अफवाह तेजी से फैली कि ईरान और उसके पड़ोसी देशों के बीच बढ़ते युद्ध के तनाव के कारण आने वाले दिनों में भारत सहित दुनिया भर में कच्चे तेल की सप्लाई पूरी तरह ठप हो सकती है।
भारत अपनी जरूरत का अधिकांश कच्चा तेल खाड़ी देशों से आयात करता है, इसलिए लोगों में यह डर बैठ गया कि ईरान युद्ध के भीषण रूप लेने से देश में पेट्रोल-डीजल के दाम आसमान छू लेंगे या फिर पंपों पर तेल मिलना ही बंद हो जाएगा। इसी वैश्विक तनाव की खबरों को स्थानीय संकट से जोड़कर सोशल मीडिया पर भ्रामक संदेश वायरल कर दिए गए, जिसने आग में घी का काम किया।