Heatwave Alert Rajasthan रेगिस्तानी बाड़मेर में हीटवेव ने हालात बेहद गंभीर बना दिए हैं। आसमान से आग बरसने जैसी स्थिति के बीच जिले ने प्रदेश में सबसे अधिक तापमान दर्ज किया है।
Heatwave Alert Rajasthan रेगिस्तानी बाड़मेर में हीटवेव ने हालात बेहद गंभीर बना दिए हैं। आसमान से आग बरसने जैसी स्थिति के बीच जिले ने प्रदेश में सबसे अधिक तापमान दर्ज किया है। पिछले 24 घंटे में पारा 46.4 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया, जिससे जनजीवन पूरी तरह प्रभावित हो गया है। मौसम विभाग ने अगले 48 घंटों में तापमान के 47 डिग्री तक पहुंचने की चेतावनी जारी की है। तेज गर्मी को देखते हुए जिला प्रशासन भी सतर्क हो गया है। जिला कलेक्टर के निर्देश पर आंगनवाड़ी और प्राइमरी स्कूलों के समय में बदलाव किया गया है, ताकि बच्चों को लू के असर से बचाया जा सके।
पिछले 24 घंटे में अधिकतम तापमान 46.4 डिग्री और न्यूनतम 30.2 डिग्री दर्ज किया गया। दिन और रात के तापमान में 16.2 डिग्री का बड़ा अंतर देखने को मिला। हालांकि रात का तापमान भी 30 डिग्री के पार रहने से लोगों को राहत नहीं मिल रही है। उल्लेखनीय है कि पिछले वर्ष 30 अप्रेल 2025 को अधिकतम तापमान 46.8 डिग्री दर्ज हुआ था, जबकि इस बार अप्रेल के आखिरी सप्ताह में ही पारा 46 के पार पहुंच गया है।
मौसम विभाग के अनुसार पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय नहीं होने और पाकिस्तान की ओर से आ रही गर्म हवाओं के चलते तापमान में और बढ़ोतरी होगी। अगले दो दिनों में पारा 47 डिग्री तक पहुंच सकता है। भीषण गर्मी का आलम यह है कि कूलर और पंखे भी राहत देने में नाकाम साबित हो रहे हैं। दोपहर के समय सड़कें सूनी नजर आ रही हैं और लोग घरों में कैद रहने को मजबूर हैं।
थार के रेगिस्तान में इस बार अप्रेल के महीने में ही जेठ की तपिश का अहसास होने लगा है। सरहदी जिले बाड़मेर में जनजीवन पूरी तरह अस्त-व्यस्त हो गया है। शहर की सड़कों पर दोपहर 11 बजे बाद ही सन्नाटा पसरने लगता है। विवेकानंद चौराहा, स्टेशन रोड और मुख्य बाजारों में आवाजाही न के बराबर रह जाती है। भीषण गर्मी के कारण स्थिति ऐसी है कि लोग घरों से बाहर निकलने की हिम्मत नहीं जुटा पा रहे हैं। शहर के अधिकांश व्यापारिक प्रतिष्ठान दोपहर में सूने रहते हैं। सबसे बुरी हालत उन राहगीरों और यात्रियों की है जिन्हें ट्रेन और बसों में सफर करना पड़ रहा है। कूलर और पंखे भी अब गर्म हवा फेंकने लगे हैं।
भीषण गर्मी का सीधा असर स्वास्थ्य पर दिख रहा है। कई बच्चे और बुजुर्ग गर्मी की चपेट में आकर बीमार हो गए हैं। वहीं, एयर कंडीशनर और कूलरों के लगातार चलने से बिजली की मांग गई है।
जिला अस्पताल अधीक्षक डॉ. हनुमान राम चौधरी ने बताया कि जिले में बढ़ते तापमान और भीषण लू की स्थिति को देखते हुए जिला अस्पताल प्रशासन पूरी तरह सतर्क है। मरीजों को राहत देने और आपात स्थिति से निपटने के लिए पुख्ता इंतजाम किए हैं। अस्पताल में लू की चपेट में आए मरीजों के लिए वार्ड में कूलर सहित अन्य प्रबंध किए हैं। अस्पताल परिसर में आने वाले मरीजों और उनके परिजनों के लिए भी ठंडे पेयजल की व्यवस्था है। खराब कूलर और पंखों को सुधरवाया गया है। इमरजेंसी में चिकित्सकों और नर्सिंग स्टाफ को अलर्ट मोड पर रखा गया है। पिछले तीन दिनों से पारा 45 डिग्री से ज्यादा है, ऐसे में लोगों को भी सावधानी बरतनी चाहिए।
समय का ध्यानः अनावश्यक रूप से दोपहर 12 बजे से 4 बजे नक बाहर न निकलें।
तरल पदार्थः पर्याप्त मात्रा में पानी, छाछ, नींबू पानी का सेवन करें।
पोशाकः बाहर निकलते समय सिर ढककर रखें एवं हल्के सूती कपड़े पहनें।
विशेष सावधानीः बच्चों, बुजुर्गों एवं बीमार व्यक्तियों का विशेष ध्यान रखें।
पानी : प्यास लगने का इंतजार न करें, नियमित रूप से पानी पीते रहें।
लू के प्रमुख लक्षण : चक्कर आना, बुखार, उल्टी, बेहोशी।
चिकित्सक के अनुसार ये लक्षण दिखने पर तुरंत अस्पताल जाएं।
डॉ. थान सिंह, सीनियर मेडिसिन, जिला अस्पताल