बाड़मेर

बाड़मेर का वो खौफनाक हत्याकांड: सो रहे युवक पर बरसाई थी लाठियां और तलवारें, अब कोर्ट ने 8 हत्यारों को सुनाई उम्रकैद की सजा

बाड़मेर में घर में घुसकर युवक की हत्या के मामले में एडीजे कोर्ट संख्या-2 ने बड़ा फैसला सुनाया। कोर्ट ने आठ दोषियों को उम्रकैद की सजा दी और प्रत्येक पर 20-20 हजार रुपए का जुर्माना भी लगाया। घटना से इलाके में सनसनी फैल गई थी, जिसके बाद लंबी सुनवाई के बाद फैसला आया।

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Feb 12, 2026
घर में घुसकर युवक की हत्या, आठ दोषियों को उम्रकैद (फोटो-एआई)

Barmer Murder Case: बाड़मेर शहर के बहुचर्चित हत्या मामले में अपर जिला एवं सेशन न्यायाधीश संख्या-2 बाड़मेर पीयूष चौधरी ने बुधवार को अहम फैसला सुनाते हुए आठ अभियुक्तों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। न्यायालय ने प्रत्येक दोषी पर 20-20 हजार रुपए का अर्थदंड भी लगाया है। अर्थदंड अदा नहीं करने पर एक वर्ष का अतिरिक्त कठोर कारावास भुगतना होगा।

न्यायालय ने अभियुक्त रावताराम उर्फ राजू पुत्र गोबताराम निवासी भीमथल (धोरीमन्ना), शंकरा पुत्र हेमाराम निवासी भीमथल, कानाराम पुत्र सागरराम निवासी बेरीवाला तला (सदर), इरफान उर्फ पठान पुत्र जमाल खां निवासी मेहलू (गुड़ामालानी), वंशीराम पुत्र दुर्गाराम निवासी मानजी करडाली नाड़ी (सिणधरी), भैराराम पुत्र घमाराम निवासी सिणधरी, जरीना पत्नी भैराराम निवासी मानजी (सिणधरी) तथा तगी पत्नी मोबताराम निवासी भीमथल को दोषी करार दिया।

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आधी रात को किया था जानलेवा हमला

अपर लोक अभियोजक अनामिका सांदू ने बताया कि 24 मई 2023 को मजरूब पताराम ने राजकीय अस्पताल बाड़मेर में पर्चा बयान दिया था। उसने बताया कि वह अपने पुत्र मदन के साथ अनिता पत्नी रावताराम के घर ठहरा हुआ था। रात करीब तीन-चार बजे रावताराम सहित अन्य आरोपी हथियारों से लैस होकर वाहन में सवार होकर आए और उसके पुत्र मदन पर लाठियों, लोहे की लगियों व धारदार हथियारों से हमला कर दिया।

सिर और गर्दन पर गंभीर वार किए गए। बीच-बचाव करने पर पताराम पर भी हमला किया गया। दोनों को अस्पताल लाया गया, जहां मदन को मृत घोषित कर दिया गया। पर्चा बयान के आधार पर पुलिस थाना सदर में एफआईआर दर्ज कर अनुसंधान शुरू किया गया।

33 गवाह, 147 दस्तावेज पेश

अनुसंधान पूर्ण होने पर पुलिस ने दो हजार पन्नों की चार्जशीट समेत न्यायालय में आरोप पत्र पेश किया। न्यायिक प्रक्रिया के दौरान अभियोजन पक्ष ने 33 गवाहों के बयान दर्ज करवाए तथा 147 दस्तावेज और 21 आर्टिकल पेश किए। साक्ष्य व दोनों पक्षों की बहस सुनने के बाद न्यायालय ने आठों आरोपियों को दोषी मानते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई।

अन्य आरोपियों पर सुनवाई जारी

प्रकरण से जुड़े अन्य आरोपी चुनाराम, सदीक, दिनेश व मुनाराम उर्फ मोहनलाल के विरुद्ध धारा 173(8) दप्रसं के तहत अनुसंधान लंबित रखा गया था। इनके विरुद्ध पृथक से सेशन प्रकरण संख्या 139/2025 न्यायालय में विचाराधीन है। राज्य सरकार की ओर से इस मामले में पैरवी अपर लोक अभियोजक अनामिका सांदू ने की।

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Published on:
12 Feb 2026 01:35 pm
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