बाड़मेर

बाड़मेर मेडिकल कॉलेज 4 साल से भ्रूण अवस्था में,आखिर ऐसा क्यों? जानिए पूरी खबर

.इस सत्र कॉलेज नहीं होगा शुरू
2 min read
Barmer Medical College
Barmer Medical College in fetal stage from 4 years

बाड़मेर. सीमावर्ती क्षेत्र के लिए बड़ा तोहफा माने जाना वाला मेडिकल कॉलेज 4 साल से भ्रूण अवस्था में है। वर्ष 2011 में इसकी घोषणा की गई थी। इसके बाद चुनावी वादों में चला और पिछले तीन साल से हर साल नए सत्र में कॉलेज संचालित होने के दावे किए जाते हैं, लेकिन सत्र शुरू होने से पहले ही बाड़मेर हासिए पर आ जाता है। इस साल प्रदेश के सात में से पांंच कॉलेज शुरू हो रहे हैं, लेकिन बाड़मेर कॉलेज को पर्याप्त स्टाफ नहीं मिलने का कहकर अगले साल के लिए टरका दिया गया है। डूंगरपुर और बाड़मेर के लिए पच्चीस प्रतिशत अतिरिक्त तनख्वाह देने का वादा करने के बावजूद यह स्थिति है।
यहां 101 कार्मिकांे की जरूरत है और महज 6 प्रोफेसर मिले हैं। ये भी जिला मुख्यालय के अस्पताल में कार्यरत है, जिनको पदोन्नत किया है। एसिस्टेंट प्रोफेसर और एसोसिएट प्रोफेसर नहीं आ रहे हंै। 19 विषयों को पढ़ाने के लिए हर विषय का विशेषज्ञ चाहिए,लेकिन बाड़मेर का नाम सुनते ही जयपुर , जोधपुर और बड़े संभाग के इर्दगिर्द या मुख्यालयों पर बैठे चिकित्सक कतरा रहे हंै। आलम यह है कि इस सत्र में यह कॉलेज शुरू नहीं हो रहा है और अगले सत्र के लिए जुलाई तक एमसीआई (मेडिकल काउंसिल ऑफ इण्डिया ) को फिर से आवेदन करना होगा और सितंबर से दिसंबर के बीच खुलासा होगा कि अगले सत्र में भी यहां प्रवेश मिलेंगे या नहीं?

निरीक्षण किया और कर दी मनाही
बाड़मेर में मेडिकल कॉलेज का संचालन शुरू करने के लिए अप्रेल में एमसीआई ने निरीक्षण किया था। इसके बाद प्रदेश के पांच मेडिकल कॉलेज को तो मंजूरी मिल मिल गई,लेकिन बाड़मेर और सीकर को कमियों के चलते एमसीआई की स्वीकृति नहीं मिल पाई।

जिनको लगाया, जाने के फिराक में
यहां एमसीआई के निरीक्षण से पहले कुछ स्टाफ मेडिकल कॉलेज का नियुक्त किया गया। तकनीकी और अन्य विभागों का यह स्टाफ राजकीय अस्पताल में है। अब यहां मेडिकल कॉलेज नहीं खुल रहा है तो यह स्टाफ भी नए खुले अन्य मेडिकल कॉलेज में जाने की फिराक में है।

इधर, बिल्डिंग भी द्रोपदी का चीर
मेडिकल कॉलेज के बिल्डिंग में अभी काम चल रहा है। कॉलेज का मुख्य भवन, अस्पताल, छात्रावास व प्रशासनिक खंड आदि में निर्माण कार्य जारी है। परिसर में अभी सड़कें भी नहीं बनी हैं।

प्रदेश में सात कॉलेज थे कतार में
प्रदेश में सात कॉलेज को एमसीआई की मंजूरी का इंतजार था। इसमें भरतपुर, भीलवाड़ा, चूरू, डूंगरपुर व पाली को स्वीकृति पिछले दिनों मिल गई थी, लेकिन सीकर व बाड़मेर के कॉलेज को कमियों के चलते मंजूरी नहीं मिल पाई थी।

इस सत्र में नहीं खुलेगा
इस सत्र में मेडिकल कॉलेज नहीं खुलेगा। इसके लिए अगले सत्र में फिर से एमसीआई को आवेदन करेंगे।- डॉ. बीएल मंसूरिया, अधीक्षक मेडिकल कॉलेज बाड़मेर

फैक्ट फाइल
- 2011 में केन्द्र सरकार ने की थी घोषणा

- 2013 में राज्य सरकार ने किया शीघ्र कॉलेज पूरा करने का वादा
- 2014 में भवन निर्माण को बजट स्वीकृत

- 2015 में जमीन चिह्नित

- 2016 में निर्माण कार्य शुरू

- 2017 में कॉलेज शुरू करने का वादा, अब तक अधूरा

Published on:
31 May 2018 07:43 am