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सिणधरी रोड: पहले गड्ढ़े थे जानलेवा, अब दिन-रात उड़ती है धूल

-सिणधरी रोड: स्थानीय लोगों व व्यापारियों की खत्म नहीं हो रही परेशानी-सड़क पर बिछाई कंक्रीट से हो रही दुर्घटनाएं, फिसल रहे दुपहिया वाहन चालक

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concrete on Sindhri road

accidents occurring on concrete on Sindhri road

बाड़मेर. सिणधरी चौराहे से लेकर जीएसएस तक की क्षतिग्रस्त सड़क से आमजन के साथ यहां व्यापार करने वाले दुकानदार व मार्ग पर रहने वाले लोगों की समस्या पिछले दो सालों से जस की तस है। पिछले दिनों से समस्या और बढ़ गई है। पहले तो बरसात के बाद सड़क क्षतिग्रस्त थी। इसलिए गड्ढ़ों के कारण परेशानी थी। आए दिन दुर्घटनाएं होती रहती थी। अब सड़क की मरम्मत शुरू हुई, लेकिन कंक्रीट बिछाकर छोड़ देने से लोगों की परेशानी और बढ़ गई है। कंक्रीट के कारण दुपहिया वाहन चालकों के फिसलने का खतरा बढ़ गया है। वहीं तेज गति से निकल रहे बड़े वाहनों के चलते इतनी मिट्टी उड़ रही है कि आसपास की दुकानों व घरों में रहने वालों के लिए परेशानी बन जाती है। मुख्य मार्ग होने के कारण यहां 24 घंटे यातायात चलता है। इससे रात-दिन मिट्टी उड़ती रहती है।

पता नहीं समाधान कब होगा

-पिछले दो सालों से समस्या झेल रहे हैं। सभी स्तर पर शिकायत कर चुके हैं। कोई सुनवाई नहीं कर रहा है। पिछले दिनों कंक्रीट बिछाने पर लगा कि अब सड़क के दिन सुधर जाएंगे। लेकिन लम्बा समय बीत चुका है, लेकिन काम बंद है। कंक्रीट से आवाजाही प्रभावित हो रही है। वहीं मिट्टी उडऩे से कईयों की तो बीमारों जैसी स्थिति हो गई है।
-दुर्गेश गौड़, व्यापारी


किसी को कोई मतलब ही नहीं

हमारी समस्या से जैसे किसी को कोई लेना देना ही नहीं है। शहर में कई स्थानों पर सड़कें बन रही है तो यहां क्या समस्या आ रही है। बरसात में पानी दुकानों में भर जाता है। समस्या का स्थायी समाधान कब होगा किसी को पता नहीं है। पिछले करीब दो सालों से सड़क क्षतिग्रस्त है। लेकिन सुध लेने के लिए कोई नहीं आ रहा है। कुछ दिनों पहले बिछाई गई कंक्रीट परेशानी बन गई है।
-मदनलाल मेघवाल


रोज ही अंधड़ जैसी स्थिति

पहले गड्ढ़ों के कारण परेशान थे। आए दिन दुर्घटनाएं होती थी। अब कंक्रीट के कारण दुपहिया वाहन चालक फिसल रहे हैं। सड़क से परेशानी खत्म होने का नाम ही नहीं ले रही है। पूरे दिन घर में मिट्टी जमा होती रहती है। सुबह उठते हैं तो घर के माहौल में धूल ही दिखती है। जैसे अंधड़ आया हो। स्थिति यह हो गई है कि सफाई करते-करते थक जाते हैं।
-प्रकाशसिंह, स्थानीय निवासी


-सुबह से शाम तक सफाई

सुबह से शाम तक सफाई में ही लगे रहते हैं। पूरे दिन सड़क पर उडऩे वाली मिट्टी घरों में जमा होती है। सुबह तो सभी लोगों को सफाई में जुटना पड़ता है। पूरी रात वाहनों की आवाजाही से सुबह के समय तो क्षेत्र के घरों में धूल के ढेर लग जाते हैं। परेशानी खत्म नहीं हो रही है। समस्या को लेकर कई बार शिकायत कर चुके हैं। लेकिन कोई सुनवाई नहीं हो रही है।- समुन्द्र कंवर