बाड़मेर

रेगिस्तान की मिट्टी से उड़ान: बनीशपुरी बने फ्लाइंग ऑफिसर, पीयूष को मिली लेफ्टिनेंट की रैंक, जानें सफलता का राज

बाड़मेर के केलनोर गांव के बनीशपुरी ने भारतीय वायुसेना में फ्लाइंग ऑफिसर बनकर ऑल इंडिया में 113वीं रैंक हासिल की। वहीं, नर्सिंग ऑफिसर तुलछाराम चौधरी के पुत्र पीयूष चौधरी ने सीडीएस परीक्षा में 58वीं रैंक के साथ लेफ्टिनेंट पद पाया।
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Oct 12, 2025
Banishpuri became flying officers Piyush got rank of lieutenant
बनीशपुरी और पीयूष चौधरी (फोटो- पत्रिका)

बाड़मेर: रेगिस्तान के भारत-पाक बॉर्डर के पास बसे छोटे से गांव केलनोर (चौहटन) निवासी बनीशपुरी ने भारतीय वायुसेना में फ्लाइंग ऑफिसर पद पर चयनित होकर पूरे जिले का नाम रोशन किया है। उन्होंने ऑल इंडिया में 113वीं रैंक हासिल की है।


वहीं, बाड़मेर के ही पीयूष चौधरी ने भारतीय थल सेना की प्रतिष्ठित सीडीएस परीक्षा में 58वीं रैंक के साथ लेफ्टिनेंट पद हासिल किया है। बनीश ने पत्रिका से बातचीत में कहा कि जब मैं छह साल का था, तब दादा-दादी से कहा करता था कि एक दिन मैं फाइटर प्लेन उड़ाऊंगा। बॉर्डर के पास पला-बढ़ा हूं, इसलिए आर्मी और एयरफोर्स के प्रति लगाव हमेशा रहा।


बनीशपुरी ने बताया, मेरे पिता और मामा ने हर कदम पर मुझे प्रेरित किया। उन्होंने बताया कि रेगिस्तानी इलाकों में संसाधनों की कमी जरूर है, लेकिन मजबूत इच्छाश€क्ति और मेहनत से कोई भी मंजिल हासिल की जा सकती है।


साधारण परिवार से असाधारण सफलता


लकड़ी का काम करने वाले एक साधारण परिवार के बेटे बनीशपुरी की इस उपलब्धि से केलनोर गांव और आसपास के इलाकों में खुशी की लहर दौड़ गई।


पीयूष को पहले प्रयास में ही मिली सफलता


वहीं, बाड़मेर जिला अस्पताल में नर्सिंग ऑफिसर तुलछाराम चौधरी के पुत्र पीयूष चौधरी ने भारतीय थल सेना में लेफ्टिनेंट पद पाया है। वे एनसीसी कैडेट भी रहे और पहले ही प्रयास में सफलता प्राप्त की। उनकी माता सरकारी विद्यालय की प्रधानाचार्य हैं।

Updated on:
12 Oct 2025 09:13 am
Published on:
12 Oct 2025 09:13 am