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चार माह से ठीक नहीं हुआ बूस्टर, अब मोटर भी जली
ग्रामीण जिला मुख्यालय पहुंचाकर आए थे बूस्टर
ट्यूबवेल का संचालन भी ग्रामीणों के भरोसे
अब पानी को तरसे ग्रामीण, नहीं हो रही सुनवाई
गडरारोड . सीमावर्ती सुंदरा ग्राम पंचायत के राजस्व गांव बोई में बीते 10 दिन से पेयजल संकट व्याप्त है। यहां स्थित ट्यूबवेल पर लगा बूस्टर करीब चार माह पूर्व खराब हो गया था। ग्रामीणों ने जलदाय विभाग को सूचना दी तो जिम्मेदारी उन्हीं को सौंप दी। इस पर ग्रामीण जिला मुख्यालय पर बूस्टर पहुंचाकर आए, लेकिन यह अब तक वापस नहीं पहुंचा है। व्यवस्था के तौर पर यहां मोटर से काम चल रहा था, लेकिन 10 दिन पहले वह भी जल गई। गौरतलब है कि यहां ट्यूबवेल का संचालन भी ग्रामीण ही कर रहे हैं।
क्षेत्र के अभयसिंह की ढाणी, करनाणियों का पार, मोडरड़ी, नूराणी, शहदाद का पार खुर्द गांवों में जल संकट व्याप्त है। इसको लेकर मंगलवार को ग्रामीणों ने तहसील कार्यालय पहुंच समस्या समाधान के लिए ज्ञापन सौंपा। इसमें उन्होंने बताया कि अकाल के चलते तालाब, बेरियां भी सूख गए। ऐसे में पशुपालकों के लिए पानी की व्यवस्था चुनौति बन गया है। महंगे दाम पर टैंकर मंगवाना उनके बूते से बाहर की बात है। इस दौरान माधूसिंह, खेतसिंह, भीमसिंह, लालाराम ने तहसीलदार व सहायक अभियंता को ज्ञापन सौंपा।
बढ़ी समस्या
ट्यूबवेल पर कोई कार्मिक नहीं है, इसका संचालन मैं ही करता हूं। बूस्टर भी बाड़मेर पहुंचा के आया था। अब तक ट्यूबवेल के पास खेळी बना मोटर से पशुओं को पानी पिलाते थे। अब मोटर जल जाने से समस्या गहरा गई है।
- गिरधरसिंह, पशुपालक
जल्द करेंगे जलापूर्ति
&मुझे ज्वॉइन किए 10-12 दिन ही हुए हैं। बूस्टर खराब होने की जानकारी नहीं है। बूस्टर सहित ट्यूबवेल की मोटर जल्द ठीक करवा ग्रामीणों को पानी की आपूति दी जाएगी।
-कौशल किशोर, कनिष्ठ अभियंता, जलदाय विभाग गडरारोड
रामसर में 3 माह से पेयजल संकट
रामसर ञ्च पत्रिका . कस्बे के सभी मोहल्लों में बीते 3 माह से पर्याप्त पानी नहीं मिल रहा है। इसको लेकर ग्रामीणों ने कई बार जलदाय विभाग के कार्मिकों को बताया, लेकिन समाधान नहीं हो पाया। ग्रामीण प्रागसिंह सोढा ने बताया कि खुढाणी से रामसर आने वाली पाइप लाइन में 40 से ज्यादा अवैध कनेक्शन हैं। ऐसे में पानी रामसर के हौद तक पहुंच ही नहीं पाता। इससे रामसर के सभी मोहल्लों की आपूर्ति रुक जाती है।
कई लोग स्वार्थ के चलते अवैध कनेक्शन से टांकों में पानी भर उसे ट्रैक्टर चालकों को बेच देते हैं। ऐसे में ग्रामीणों को यही पानी हजार रुपए देकर खरीदना पड़ रहा है। ग्रामीण हेमसिंह राठौड़, भगवानसिंह, मांगीलाल, डूंगराराम पूर्व उप सरपंच सहित अन्य ने जल्द अवैध कनेक्शन हटाकर पेयजल व्यवस्था दुरुस्त करने की मांग की।