जैसलमेर- भाभरा रेल लाइन पर कोई घोषणा या बजट नहीं
बाड़मेर.आर्थिक उन्नति और विकास के रथ पर सवार बाड़मेर जिले के लिए सौगात समझी जाने वाली जैसलमेर-बाड़मेर-भाभर रेल लाइन के लिए बजट को हरी झण्डी नहीं मिली। जैसलमेर , बाड़मेर और जालोर जिलों के लिए महत्वपूर्ण इस रेल लाइन के लिए 2012-13 में सर्वे होने के बाद आर्थिक घाटे का सौदा बता इसको रोक दिया गया। सांसद ने इसके पुनर्विचार को लेकर पैरवी का वादा किया। बीते दिनों प्रधानमंत्री के सामने भी पचपदरा की सभा में पुरजोर तरीके से इस रेल सुविधा की मांग की गई थी लेकिन बजट में निराशा हाथ लगी है।
यह है खाका
जैसलमेर- बाड़मेर और जालोर जिलों को सीधे गुजरात से जोडऩे के लिए इस रेल लाइन की मांग लंबे समय से हो रही है। 2012-13 में सरकार ने इसका सर्वे करवा लिया और 339 किमी लाइन पर करीब 517 करोड़ रुपए व्यय होने का अनुमान लगाया गया। इसमें 31 नए रेलवे स्टेशन जुडऩे का प्रस्ताव भी था।
नहीं मिला बजट
सर्वे के बाद 2015 के रेल बजट में भी इस कार्य को आगे बढ़ाने का जिक्र था लेकिन बाद में सांसद को लिखित सवाल के जवाब में बताया गया कि इस लाईन पर 7.74 प्रतिशत ऋणात्मक राजस्व रहेगा। इस कारण इसका निर्माण नहीं हो सकता है। इसको लेकर रक्षा मंत्रालय से बजट जारी करवाने का मशविरा भी दिया गया।
रक्षा मंत्रालय ने नहीं ली रुचि
जैसलमेर-बाड़मेर जिले के पश्चिमी सीमा से जुड़े होने के कारण उम्मीद थी कि इसमें रक्षा मंत्रालय विशेष रुचि ले सकता है। पूर्व में बाड़मेर जिला मुख्यालय को ब्र्रॉडगेज से जोडऩे मंे भी रक्षामंत्रालय ने रुचि ली थी लेकिन एेसा नहीं हुआ है।
प्रधानमंत्री को कहा
पचपदरा में 16 जनवरी को प्रधानमंत्री की सभा में सबसे बड़ी मांग बाड़मेर-जैसलमेर-भाभर रेलवे लाइन उठाई गई लेनिक बजट में इसकी घोषणा नहीं होने से निराशा हाथ लगी है।
इस तरह महत्वपूर्ण है रेल लाइन
- जैसलमेर में सोनू लाइम और पर्यटन
- बाड़मेर में तेल का खजाना और खनिज पदार्थ
- जैसलमेर में विदेशी पर्यटकों का आवागमन
- बाड़मेर- जैसलमेर क्षेत्र सामरिक दृष्टि से महत्वपूर्ण
- रिफाइनरी प्रोजेक्ट को लेकर बाड़मेर में रेलवे की उपयोगिता
- जालोर में गे्रनाइट उद्योग और सूखा बंदरगाह का प्रस्ताव
सरकार लोगों को हक नहीं दे रही
रेल लाइन का सर्वे करवा दिया गया था। 43 हजार करोड़ की रिफाइनरी की बात कर रही सरकार को 517 करोड़ रुपए के रेल प्रोजेक्ट के लिए भी ध्यान देना चाहिए। इस प्रोजेक्ट के लागू होने से पूरा थार का इलाका लाभान्वित होगा। बाड़मेर-जैसलमेर और जालोर जिले के करीब पचास लाख लोगों के लिए यह सुविधा होगी।- हरीश चौधरी, पूर्व सांसद
फैक्ट फाइल- 339 किमी लंबी बिछनी है रेलवे लाइन- 145 किमी जैसलमेर-बाड़मेर की लागत 517 करोड़
- 193.84 किमी बाड़मेर- भाभर की लागत 798 करोड़
- 80.75 किमी थराद- बनासर की लागत 370 करोड़
- 517 करोड़ रुपए कुल लागत