
SHO Achla Ram Dhaka - File PIC
राजस्थान के पचपदरा रिफाइनरी अग्निकांड के बाद 'रील्स' के चक्कर में सस्पेंड हुए थानाधिकारी अचलाराम ढाका का मामला अब एक नया मोड़ ले चुका है। इस कार्रवाई को लेकर सोशल मीडिया पर चल रहे जातिगत नैरेटिव और भ्रामक खबरों पर विराम लगाने के लिए खुद बालोतरा पुलिस को मैदान में उतरना पड़ा है।
बालोतरा एसपी रमेश (IPS) ने एक विस्तृत प्रेस नोट जारी कर उन तमाम चर्चाओं को सिरे से खारिज कर दिया है जो इस निलंबन को किसी समाज विशेष या रिफाइनरी की आग से जोड़कर देख रही थीं।
बालोतरा पुलिस द्वारा जारी स्पष्टीकरण में कहा गया है कि अचलाराम ढाका का निलंबन पूरी तरह से एक प्रशासनिक और अनुशासनात्मक प्रक्रिया है।
एसएचओ के निलंबन के बाद सोशल मीडिया पर एक वर्ग विशेष द्वारा इस कार्रवाई पर आपत्ति जताई जा रही थी। इसे लेकर पुलिस ने सख्त लहजे में कहा है:
बालोतरा पुलिस अब उन लोगों पर कड़ी नजर रख रही है जो इस मामले को लेकर गलत सूचनाएं साझा कर रहे हैं। पुलिस ने चेतावनी दी है कि साइबर सेल लगातार सोशल मीडिया की निगरानी कर रही है। किसी भी अपुष्ट जानकारी को साझा करना भारी पड़ सकता है।
Published on:
25 Apr 2026 01:59 pm
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