
Pachpadra Refinery Fire Incident - File PIC
राजस्थान के बालोतरा जिले में स्थित देश की सबसे उन्नत पचपदरा रिफाइनरी अब एक अभेद्य किले में तब्दील होने जा रही है। 20 अप्रैल को हुई आग की घटना ने सुरक्षा मानकों पर जो सवाल खड़े किए थे, उसका असर अब धरातल पर दिखने लगा है। प्रशासन ने साफ कर दिया है कि रिफाइनरी की सुरक्षा के लिए अब 'जीरो टॉलरेंस' की नीति अपनाई जाएगी। इसके तहत न केवल बाहरी लोगों की आवाजाही पर रोक लगेगी, बल्कि रिफाइनरी के मुहाने पर बसे अवैध बाजारों पर भी गाज गिरना तय है।
रिफाइनरी के मुख्य द्वार के निकट पिछले कुछ समय में एक बड़ा बाजार और व्यावसायिक प्रतिष्ठान विकसित हो गए हैं। सूत्रों के अनुसार, सुरक्षा एजेंसियों ने इस पर कड़ी आपत्ति दर्ज की है।
रिफाइनरी प्रोजेक्ट के कारण बालोतरा और पचपदरा के रिहायशी इलाकों में अचानक 50 हजार से अधिक बाहरी लोग आकर रहने लगे हैं।
नागरिक सुरक्षा और खुफिया इनपुट्स के आधार पर अब रिफाइनरी के पास खड़े होकर वीडियो बनाने या फोटो खींचने पर मौखिक पाबंदी लगा दी गई है।
रिफाइनरी के आसपास जमीन के खेल पर भी अब नकेल कसी जाएगी।
प्रशासन ने अन्य संवेदनशील प्रोजेक्ट्स की तुलना में पचपदरा की वर्तमान स्थिति को असुरक्षित पाया है:
Published on:
25 Apr 2026 10:04 am
बड़ी खबरें
View Allबाड़मेर
राजस्थान न्यूज़
ट्रेंडिंग
