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Pachpadra Refinery Fire Incident : अब परिंदा भी नहीं मार पाएगा पंख! ‘अभेद्य किले’ में तब्दील हो रही रिफाइनरी, जानें पहले से कैसे मजबूत हो रहा ‘सुरक्षा चक्र’?

पचपदरा रिफाइनरी अग्निकांड के बाद प्रशासन ने सुरक्षा को लेकर अब तक का सबसे सख्त रुख अपनाया है, जिसके तहत रिफाइनरी के 1 किलोमीटर के दायरे में बसे बाजारों और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों को हटाने की कवायद शुरू हो गई है।

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Pachpadra Refinery Fire Incident - File PIC

Pachpadra Refinery Fire Incident - File PIC

राजस्थान के बालोतरा जिले में स्थित देश की सबसे उन्नत पचपदरा रिफाइनरी अब एक अभेद्य किले में तब्दील होने जा रही है। 20 अप्रैल को हुई आग की घटना ने सुरक्षा मानकों पर जो सवाल खड़े किए थे, उसका असर अब धरातल पर दिखने लगा है। प्रशासन ने साफ कर दिया है कि रिफाइनरी की सुरक्षा के लिए अब 'जीरो टॉलरेंस' की नीति अपनाई जाएगी। इसके तहत न केवल बाहरी लोगों की आवाजाही पर रोक लगेगी, बल्कि रिफाइनरी के मुहाने पर बसे अवैध बाजारों पर भी गाज गिरना तय है।

रडार पर 1 किलोमीटर का दायरा

रिफाइनरी के मुख्य द्वार के निकट पिछले कुछ समय में एक बड़ा बाजार और व्यावसायिक प्रतिष्ठान विकसित हो गए हैं। सूत्रों के अनुसार, सुरक्षा एजेंसियों ने इस पर कड़ी आपत्ति दर्ज की है।

  • भीड़ से खतरा: इन प्रतिष्ठानों में दिनभर रहने वाली भारी भीड़ सुरक्षा में बड़ी सेंध का कारण बन सकती है।
  • जांच शुरू: प्रशासन अब इस 1 किलोमीटर के दायरे में स्थित हर दुकान की बारीकी से जांच कर रहा है। सुरक्षा कारणों से इन्हें यहाँ से विस्थापित भी किया जा सकता है।

50 हजार 'अनजान' चेहरों की होगी पहचान

रिफाइनरी प्रोजेक्ट के कारण बालोतरा और पचपदरा के रिहायशी इलाकों में अचानक 50 हजार से अधिक बाहरी लोग आकर रहने लगे हैं।

  • सत्यापन अनिवार्य: अब तक प्रवासियों के पुलिस वेरिफिकेशन (सत्यापन) में भारी ढिलाई बरती गई थी, लेकिन अब हर किरायेदार का डेटा पुलिस के पास होना अनिवार्य होगा।
  • मकान मालिकों को अल्टीमेटम: बिना पुलिस जांच के किसी भी अजनबी को शरण देने या मकान किराये पर देने वाले मकान मालिकों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।

रील और वीडियो बनाने पर 'ब्रेक'

नागरिक सुरक्षा और खुफिया इनपुट्स के आधार पर अब रिफाइनरी के पास खड़े होकर वीडियो बनाने या फोटो खींचने पर मौखिक पाबंदी लगा दी गई है।

  • वायरल वीडियो का खतरा: प्रशासन का मानना है कि फोटो और वीडियो वायरल होने से यहां अनावश्यक भीड़ बढ़ती है और संवेदनशील जानकारी बाहर जाने का खतरा रहता है।
  • निगरानी: रिफाइनरी के आसपास के क्षेत्रों में अब फोटोग्राफी करना भारी पड़ सकता है।

तहसीलदार-SDM करेंगे अवैध कॉलोनियों की जांच

रिफाइनरी के आसपास जमीन के खेल पर भी अब नकेल कसी जाएगी।

  • महंगी जमीन का सौदा: बाहरी लोगों को ऊंचे दाम पर भूखंड बेचने और बिना अनुमति कॉलोनियां काटने के मामले बढ़ रहे हैं।
  • विशेष जांच: तहसीलदार और उपखंड अधिकारी (SDM) स्तर पर अब इन निर्माण कार्यों और जमीनों के सौदों की विस्तृत जांच की जाएगी।

तुलनात्मक अध्ययन: क्यों असुरक्षित है पचपदरा?

प्रशासन ने अन्य संवेदनशील प्रोजेक्ट्स की तुलना में पचपदरा की वर्तमान स्थिति को असुरक्षित पाया है:

  • भावरेस पावर प्लांट व मंगला टर्मिनल: यहाँ गेट से काफी दूर तक कोई प्रतिष्ठान नहीं हैं और सीसीटीवी से हर गतिविधि पर नजर रखी जाती है।
  • एयरफोर्स उत्तरलाई: यहाँ वायुसेना क्षेत्र की ओर एक भी दुकान नहीं है, जबकि पचपदरा में गेट के पास ही दुकानों की भरमार है।