बाड़मेर

Camel Milk Benefits : मां के दूध जितना ही पौष्टिक है ऊंटनी का दूध, रामबाण दवा है कई रोगों की

Camel Milk Benefits : मां के दूध में जितने पोषक तत्व है,उतने ही ऊंटनी के दूध में है। रोगों के लड़ने की क्षमता तो इतनी कि मधुमेह को नियंत्रित कर दे। कई रोगों की रामबाण औषधि।

2 min read
Jan 20, 2023
Camel milk medicine for many diseases
Camel Milk Benefits

Camel Milk Benefits : बाड़मेर। मां के दूध में जितने पोषक तत्व है,उतने ही ऊंटनी के दूध में है। रोगों के लड़ने की क्षमता तो इतनी कि मधुमेह को नियंत्रित कर दे। कई रोगों की रामबाण औषधि। स्वाद मीठा अमृत और राज्य का बीकानेर का राष्ट्रीय ऊष्ट्र अनुसंधान केन्द्र तो दूध बेचने के साथ आइस्क्रीम,चॉकलेट बनाकर स्वाद को और मनचीता कर रहा है। दूध से पनीर, खीर और कॉफी भी बनती है। राज्य में देश के 80 फीसदी ऊंट है।

हमारा राज्यपशु होने के साथ रेगिस्तान के बाड़मेर, जैसलमेर और बीकानेर में करीब एक लाख ऊंट है। चिंता घटती ऊंट की संख्या है लेकिन सरकार इसकी फिक्र सही दिशा में नहीं कर रही कि ऊंटनी के दूध की मार्केटिंग कर इसको बीकानेर से निकालकर बाड़मेर,जैसलमेर, जोधपुर ही नहीं समूचे राजस्थान में दूध के साथ दवा के रूप में सामने लाया जाए। एक-दो कप दूध का सेवन कर तंदुरुस्ती का अहसास होगा तो ऊंट भी बचेगा और सेहत भी। ऊंटनी के दूध पर हुए अनुसंधान से साबित हुआ कि पोषक तत्वों की अधिकता इसको रोग प्रतिरोधक क्षमता में सबसे आगे मानती है।

इन रोगों की दवा
- लिवर एंजाइम्स के बढ़े स्तर को कम करता है

- बढ़े हुए ग्लोब्युलिन को कम करता है

- प्लेटलेट्स बढ़ाता है

-ब्लड शुगर को नियंत्रित करता है

- इंसुलिन रेजिस्टेंस कम करता है

- कैंसर बचाव में सहायक

- किडनी फेल्योर व सेल्स डेमेज में भी गुणकारी

- आर्टिज्म यानि बच्चों में तंत्रिका-तंत्र विकार में रामबाण

-वायरस संक्रमण कम करता है

-आंत संबंधी समस्या कम करता है

- गेस्ट्रिक एसिड को नियंत्रित

- एलर्जी व सूजन कम करता है

- ओटो इम्युन यानि कोशिकाओं के इम्युन सिस्टम में सहायक

ये तत्व है

3.4 प्रतिशत प्रोटीन

3.5 प्रतिशत फेट

4.4 प्रतिशत लेक्टोज

87 प्रतिशत पानी

ये भी- जिंक, मैगनीज, मैग्रेशियम, आयरन, सोडियम, पोटेशियम, कैल्सियम, विटामिनन ए, बी, सी, डी एवं ई।

4-8 लीटर दूध प्रतिदिन
मीठड़ा के ओठारी लखसिंह कहते है कि चार से आठ लीटर दूध दिन में एक ऊंटनी से प्राप्त होता है। 200 से 300 रुपए लीटर बिक्री हों तो रोजगार मिले। इसके लिए राज्य सरकार सब्सिडी दे। डेयरी प्लांट खोले और बिक्री केन्द्र बने तब संरक्षण हों।

क्यों नहीं बनते केन्द्र

- बाड़मेर में 23 हजार ऊंट है। पड़ोस में गुजरात कच्छ में 5000 लीटर दूध का संकलन कर देश में विभिन्न भागों में पहुंचता है तो बाड़मेर में क्यों नहीं?

- जैसलमेर पर्यटन केन्द्र है। यहां 40 हजार के करीब ऊंट है। ऊंटनी के दूध के अलावा चॉकलेट, आईस्क्रीम,कॉफी व अन्य उत्पाद का केन्द्र यहां खोले तो लाखों पर्यटक इसे पसंद कर सकते है।

Published on:
20 Jan 2023 02:47 pm