- मुख्य मार्गों पर संचालित हो रहे,
बालोतरा.
नगर के मुख्य मार्गों पर संचालित वाहन मरम्मत गैरेज शहर के बढ़े यातायात दबाब में कोढ़ साबित हो रहे हैं। सड़क किनारे दर्जनों आड़े तिरछे खड़े वाहनों पर आवागमन में हर दिन लोगों को परेशानी उठानी पड़ती है। काम को लेकर आपा- धापी में कई जनें खड़े वाहनों से भिड़ कर चोटिल होते हैं। बावजूद इसके उपखंड प्रशासन गैरेज संचालकों को बाहर वाहन खड़े नहीं करने को लेकर पाबंद नहीं कर रहा है। इससे किसी दिन बड़ी अनहोनी से इंकार नहीं किया जा सकता है।8के. बालोतरा में मुख्य मार्गपर संचालित गैरेज पर वाहनों की मरम्मत करता मैकेनिक
70 हजार की आबादी वाले शहर बालोतरा में वाहनों की संख्या भी हजारों में है। शहर में करीब 30 हजार से अधिक दुपहिया, तिपहिया व चौपहिया वाहन है। क्षेत्र के वाहनों की संख्या भी इससे अधिक होगी। इस पर बीते वर्षों में शहर में वाहन मरम्मत के गैरेज खूब खुले हैं। शहर की घनी आबादी क्षेत्र व मुख्य मार्गों पर संचालित ये गैरेज शहर के बढ़े यातायात दबाब पर कोढ़ में साबित हो रहे हैं। शहर के पचपदरा रोड, समदड़ी रोड, जसोल रोड, खेड़ रोड आदि कई प्रमुख मार्गों पर संचालित इन गैरेजों आडे-तिरछे वाहन खड़े हो जाते हैं। इससे यातायात व्यवस्था प्रभावित हो रही है। शहर में कुछ महिनों नहीं वर्षों से यह स्थिति है, लेकिन उपखंड प्रशासन गैरेज संचालकों के खिलाफ कार्रवाई नहीं कर रहा है। इन्हें सड़क पर वाहन खड़े नहीं रखने को पाबंध नहीं कर रहा।
पैदल चलना भी दुभर-
यातायात के अधिक दबाब पर शहर की सड़कें पहले से छोटी हो रखी है। इस पर मार्ग किनारे संचालित गैरेजों से पैदल चलना दूभर हो गया है। प्रशासन संचालकों के खिलाफ कार्रवाई करें।
.महेेन्द्र लखारा
प्रशासन नहीं गंभीर-
उपखंड प्रशासन शहर की व्यस्थाओं को लेकर गंभीर नहीं है। प्रशासन गैरेज संचालकों को मार्ग किनारे वाहन खड़ा नहीं करने के लिए पाबंद करें। इससे आमजन राहत महसूस करें।
.कैलाश जीनगर
लोग हो रहे परेशान- शहर के प्रमुख मार्गों पर संचालित गैरेज नासूर बने हुए हैं। हर दिन परेशानी उठाते हैं। उपखंड प्रशासन को मानो इससे कोई सरोकार ही नहीं। प्रशासन संचालकों को पाबंद करें।
राजु पंवार