
बाड़मेर. चौहटन के विधायक तरूणराय कागा ने शनिवार को भाजपा की प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफा दे दिया। कागा की टिकट काट दी गई थी और बाहरी प्रत्याशी आदूराम मेघवाल को टिकट दिया गया है। इससे नाराज चल रहे कागा ने न केवल भाजपा छोड़ी है सक्रिय राजनीति से भी संन्यास की घोषणा कर दी। कागा ने समर्थकों के बीच यह निर्णय लिया और उन्होंने नारे लगाए कमल का फूल हमाारी भूल।
चौहटन विधानसभा आरक्षित सीट है। यहां से 2013 में कागा विधायक चुने गए। कागा की टिकट कटने के बाद उन्होंने पहले पार्टी के साथ रहने की बात कही लेकिन प्रत्याशी को लेकर नाराजगी थी। प्रत्याशी आदूराम मेघवाल गुरुवार को कागा से मिलने उनके निवास पर भी गए थे।
उस समय कागा ने पार्टी के साथ रहने की ही बात कही थी लेकिन शनिवार को उन्होंने अपनी नाराजगी सामने ला दी। प्रदेश अध्यक्ष मदनलाल सैनी को कागा ने अपना इस्त्ीफा भेज दिया है।
कागा की पंद्रह साल की राजनीति-
कागा सरकारी सेवा से सेवानिवृत्त हैं। 2003 में गंगाराम चौधरी ने भाजपा से चुनाव लड़ा तो कागा निर्दलीय खड़े हुए थे। इससे अनुसूचित जाति के वोट बंटे और कांग्रेस के अब्दुल हादी हार गए। 2008 में कागा भाजपा से चुनाव लड़े लेकिन हार गए।
2013 में भाजपा ने फिर कागा को टिकट दिया और वे जीत गए। इस बार कागा का टिकट काट दिया गया।
कागा की नाराजगी से भाजपा को नुकसान- कागा की नाराजगी से भाजपा को नुकसान हो सकता है। कागा पाक विस्थापित है और उनका शरणार्थी वोटों पर बड़ा असर है। इसके अलावा कागा स्थानीय प्रत्याशी भी थे।
यह बोले कागा
मैने कार्यकर्ताओं की भावनाओं की कद्र करते हुए भाजपा छोड़ी है और सक्रिय राजनीति से भी संन्यास लिया है।
- तरूणराय कागा, चौहटन