
मृतक खेत सिंह (पत्रिका फोटो)
गडरारोड (बाड़मेर): एक बुजुर्ग पिता की आंखों की रोशनी, एक मां का एकलौता सहारा और महज चार महीने पहले दुल्हन बनकर आई एक युवती के अरमान…बाड़मेर-गडरारोड नेशनल हाईवे-25 पर रविवार रात हुए एक दर्दनाक सड़क हादसे ने पलभर में सब कुछ तिनके की तरह बिखेर कर रख दिया। ओवरस्पीड कार के अनियंत्रित होकर रेलिंग से टकराने से बॉर्डर के आखिरी गांव अकली निवासी 23 वर्षीय खेत सिंह की मौत हो गई, जबकि उनका साथी राजू सिंह गंभीर रूप से घायल हो गया।
हादसे की खबर जैसे ही अकली गांव पहुंची, पूरे इलाके में सन्नाटा पसर गया। खेत सिंह की शादी को अभी महज चार महीने ही बीते थे। नई-नवेली दुल्हन मंजूकंवर के हाथों की रची मेहंदी का रंग भी अभी फीका नहीं पड़ा था। घर में शादी के बाद आने वाले पहले बड़े त्योहार 'तीज' की तैयारियां बड़े चाव से चल रही थीं।
खुशियों के रंग में रंगे इस माहौल में खेत सिंह रविवार शाम अपने भाई के साथ बाड़मेर से हंसते-खिलखिलाते गांव की तरफ लौट रहे थे। उन्हें क्या मालूम था कि टोल प्लाजा के पास बिछा काल का जाल उनका इंतजार कर रहा है।
सीमावर्ती अकली गांव के 80 वर्षीय बुजुर्ग अर्जुन सिंह के लिए खेत सिंह महज बेटा नहीं, बल्कि ढलती उम्र की लाठी और बुढ़ापे की उम्मीद थे। इकलौते बेटे के सिर पर सेहरा सजाकर चार महीने पहले जिस आंगन में पिता ने खुशियों के आंसू बहाए थे, आज उसी आंगन में उनके रुदन से हर किसी का कलेजा कांप उठा। परिजन नींब सिंह ने भारी मन से बताया कि माता-पिता का इकलौता सहारा छिन जाने से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है।
गडरारोड़ थानाधिकारी मुकनदान के अनुसार, हादसे की सूचना मिलते ही पुलिस टीम ने मौके पर पहुंचकर घायल राजू सिंह को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया और खेत सिंह के शव को मोर्चरी में रखवाया। सोमवार को पोस्टमॉर्टम के बाद जब शव परिजनों को सौंपा गया, तो गांव में एक भी चूल्हा नहीं जला।
जिस घर से कुछ महीने पहले शहनाइयों की गूंज और शादी के गीत सुनाई दे रहे थे, वहां अब केवल सिसकियां और करुण क्रंदन है। तीज का जो त्योहार खुशियों की सौगात लाने वाला था, वह इस बदनसीब परिवार और पूरे सीमावर्ती क्षेत्र के लिए कभी न भूलने वाला ताउम्र का गम बन गया है।
Updated on:
18 Aug 2026 12:08 pm
Published on:
18 Aug 2026 12:08 pm
