बाड़मेर-बालोतरा जिलों की सीमाओं में बदलाव के विरोध में धोरीमन्ना में कांग्रेस की जनआक्रोश रैली में बड़ी भीड़ उमड़ी। नेताओं ने सरकार पर राजनीतिक लाभ लेने का आरोप लगाते हुए निर्णय वापस लेने की मांग की।
धोरीमन्ना (बाड़मेर)। बाड़मेर-बालोतरा जिलों के भूगोल में किए गए बदलाव के विरोध में बुधवार को बाड़मेर जिले के धोरीमन्ना में कांग्रेस ने जनआक्रोश रैली निकाली। गुड़ामालानी और धोरीमन्ना को बाड़मेर से हटाकर बालोतरा जिले में शामिल किए जाने के फैसले के बाद से ही पूर्व मंत्री हेमाराम चौधरी धरने पर बैठे थे।
रैली में जुटी भीड़ को देखकर कांग्रेस नेताओं का उत्साह बढ़ गया। रैली में प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा, नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली, पूर्व उपमुख्यमंत्री सचिन पायलट, विधायक हरीश चौधरी और सांसद उम्मेदाराम बेनीवाल ने सरकार से इस निर्णय को वापस लेने की मांग की।
कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार ने पंचायती राज और नगर निकाय पुनर्गठन में नियम विरुद्ध तरीके से वार्डों का गठन किया है। बाड़मेर-बालोतरा जिलों की सीमाओं में बदलाव कर सरकार चुनावी लाभ लेना चाहती है, लेकिन यह उनकी भूल साबित होगी। आने वाले पंचायती राज और नगर निकाय चुनाव में जनता भाजपा को मुंहतोड़ जवाब देगी।
इस दौरान कांग्रेस नेताओं ने हेमाराम चौधरी से आग्रह किया कि भाजपा सरकार तानाशाही पर उतरी हुई है, इसलिए गुड़ामालानी की जनता के साथ धरने को यहीं समाप्त कर दिया जाए। देर शाम हेमाराम चौधरी ने धरना समाप्त करने की घोषणा की। नेताओं ने कहा कि 2028 में कांग्रेस की सरकार बनने पर इस फैसले को पलटकर धोरीमन्ना और गुड़ामालानी को पुनः बाड़मेर में शामिल किया जाएगा।
डोटासरा ने कहा कि आने वाले पंचायत और निकाय चुनाव बीजेपी का मोरिया बुलाना है। ये तानाशाही तरीके से परिसीमन और एसआईआर के नाम पर दादागिरी कर रहे हैं। परसों अमित शाह आए तो भाजपा नेताओं को धमकाते रहे। जहां जरूरत पड़े, वहां मोरिया बुलाने की जरूरत है। यह लड़ाई केवल गुड़ामालानी और धोरीमन्ना की नहीं, पूरे प्रदेश की लड़ाई है।
टीकाराम जूली ने कहा कि इन्होंने अपने उद्योगपति मित्रों को बाड़मेर और जैसलमेर में केवल जमीन देने का काम किया है। जनता पर्ची के चक्कर में न पड़े, पर्ची के कारण ही कुर्सी चली जाएगी। आने वाले समय में राजस्थान की जनता इसका इलाज करेगी।
सचिन पायलट ने कहा कि इस मुद्दे को विधानसभा में पूरी ताकत से उठाया जाएगा। 35 महीने में राजस्थान में कांग्रेस की सरकार आने वाली है। हमारी सरकार के समय पंचायतों का परिसीमन हो रहा था, तब हेमाराम चौधरी ने पांच सौ आबादी वाले सुझाव दिए थे। हम लोग जोड़ने की राजनीति करते हैं।
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हरीश चौधरी ने कहा कि जब यह आदेश आया तो विश्वास नहीं हुआ। एक अधिकारी को कॉल किया तो उसने दिल्ली की तरह जवाब दिया और कहा कि कुछ तो चल रहा है। बैक डेट में यह खेल चल रहा है और जनता के साथ धोखा किया जा रहा है।
रैली के बाद पूर्व मंत्री हेमाराम चौधरी के नेतृत्व में कांग्रेस पदाधिकारी और कार्यकर्ता एसडीएम कार्यालय ज्ञापन देने पहुंचे। इस दौरान पुलिस और युवाओं के बीच धक्का-मुक्की हो गई।
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