बाड़मेर

एसपी की गाड़ी से युवक की मौत पर हंगामा, नौ घंटे प्रदर्शन फिर बनी सहमति

- परिजनों ने नहीं उठाया शव, देर रात सुलटा मामला

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बालोतरा में विरोध प्रदर्शन करते लोग।

बालोतरा जिले के जसोल थाना क्षेत्र के आसोतरा गांव की सरहद में रविवार को बालोतरा पुलिस अधीक्षक की सरकारी गाड़ी की चपेट में आने से एक बाइक सवार गंभीर रूप से घायल हो गया, जिसकी जिला चिकित्सालय में उपचार के दौरान मौत हो गई। आक्रोशित परिजनों व समाज के लोगों ने दोषी पुलिसकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई को लेकर करीब नौ घंअे तक प्रदर्शन किया। रात को मांगों पर कार्यवाही केआश्वासन बाद शव उठाया गया। बालोतरा पुलिस अधीक्षक हरीशंकर सरकारी वाहन से जयपुर जा रहे थे, इस दौरान आसोतरा सरहद में एनएच-325 पर रविवार सुबह करीब 11:30 बजे गाड़ी की टक्कर से बाड़मेर के बिसुकलां (शिव) व हाल नया बस स्टेंड बालोतरा निवासी किशोरसिंह (29) पुत्र घेवरसिंह राजपुरोहित गंभीर रूप से घायल हो गया। इसे ऑटोरिक्शा व एम्बुलेंस की मदद से राजकीय जिला चिकित्सालय पहुंचाया गया। जहां पर चिकित्सकों ने युवक को मृत घोषित कर दिया।गाड़ी को सरकारी वाहन चालक चला रहा था। गाड़ी में पुलिस अधीक्षक, गार्ड व एसपी के परिवार सदस्य थे।

आक्रोशित हुए परिजन व समाज के लोग

घटना की जानकारी पर बड़ी संख्या में समाज के लोग व परिजन एकत्रित हो गए। शव उठाने से इंकार कर दिया। परिजनों ने आरोप लगाया कि पुलिस अधीक्षक के गाड़ी में मौजूद होने के बावजूद भी युवक को टेम्पो टैक्सी से लाया गया। उसे अस्पताल लाने में देरी की गई। इस वजह से मृत्यु हुई है। लापरवाहीपूर्वक वाहन चलाते हुए टक्कर मारने के बावजूद गैर जिम्मेदाराना व्यवहार की वजह से मौत हुई है।

पुलिस का जाप्ता तैनात, नहीं माने परिजन
चिकित्सालय में पचपदरा विधायक अरूण चौधरी, पूर्व विधायक मदन प्रजापत समेत कई जनप्रतिनिधि भी चिकित्सालय पहुंच गए। बालोतरा एएसपी सुभाषचन्द्र खोजा, डिप्टी नीरज शर्मा, भूपेन्द्र चौधरी ,एसडीएम राजेश बिश्नोई ने परिजनों व समाज के लोगों से वार्ता की गई, लेकिन सहमति नहीं बनी।
देर शाम को आक्रोशित लोगों ने करीब 15 मिनट तक रास्ता जाम कर विरोध प्रदर्शन किया। समझाइश कर इसके लिए पुलिस-प्रशासन ने रास्ता खुलवाया।
रात को हुई सहमति
रात करीब 9 बजे देर शाम को जिला कलक्टर सुशील कुमार यादव, एडीएम राजकुमार कस्वां ,विधायक अरूण चौधरी की मौजूदगी में हुई वार्ता में मृतक आश्रित परिवार सदस्य को संविदा पर नौकरी देने, सरकारी स्तर से आर्थिक सहायता देने व जिले के बाहर से अधिकारी से मामले की जांच करवाने की सहमति पर परिजनों व समाज के लोगों ने शव उठाने पर सहमति जताई।
मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन- मृतक के परिजनों व समाज के लोगों ने घटना को लेकर मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन भेजा। ज्ञापन में आरोप लगाया कि घटना के काफी समय बाद भी घायल मौके पर पड़ा रहा, लेकिन एसपी व पुलिसकर्मियों ने उसे समय पर चिकित्सालय नहीं भिजवाया, जिससे उपचार में देरी होने से उसकी मौत हो गई। इन्होंने दोषी पुलिसकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई करने, मृतक की आश्रित परिवार सदस्य को सरकारी नौकरी देने व 50 लाख रूपए की आर्थिक सहायता देने की मांग की।
शिव विधायक ने लिखा- आ रहा हूं
देर शाम तक वार्ता विफल रही,इधर शिव विधायक रविन्द्रसिंह भाटी ने लिखा कि वे बालोतरा पहुंच रहे है। उनके पहुंचने से पहले ही सहमति बन गई। इसके बाद विधायक बालोतरा पहुंचे।

Published on:
05 Feb 2024 12:22 am
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