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बाड़मेर: तेज रफ्तार कार की टक्कर से मासूम बच्ची की दर्दनाक मौत, विरोध में गडरारोड़ बंद! अस्पताल पर लापरवाही का आरोप

गडरारोड़ में तेज रफ्तार कार की टक्कर से 12 वर्षीय बालिका भगवती की मौत हो गई। परिजनों ने सीएचसी में समय पर इलाज नहीं मिलने का आरोप लगाते हुए हंगामा किया। ग्रामीणों ने चिकित्सकों की लापरवाही पर कार्रवाई की मांग को लेकर देर रात तक विरोध प्रदर्शन किया।

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Barmer Child Killed

मृतका भगवती (पत्रिका फोटो)

गडरारोड़ (बाड़मेर): गडरारोड़-मुनाबाव राष्ट्रीय राजमार्ग-25 पर तहसील मुख्यालय के सामने शुक्रवार को एक बेहद दर्दनाक हादसा हुआ। यहां एक तेज रफ्तार कार ने 12 वर्षीय मासूम बच्ची की जान ले ली। इस हादसे के बाद अस्पताल प्रशासन की बड़ी लापरवाही सामने आई, जिससे गुस्साए ग्रामीणों ने अस्पताल परिसर में जमकर हंगामा किया और देर रात तक विरोध प्रदर्शन जारी रहा।

जानकारी के अनुसार, 12 वर्षीय मृतका भगवती पुत्री लक्ष्मणराम मेघवाल तहसील कार्यालय से पानी की बोतल भरकर सड़क पार कर रही थी। इसी दौरान तेज गति और लापरवाही से आ रही एक कार ने उसे जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर इतनी भीषण थी कि बालिका गंभीर रूप से घायल हो गई।

हादसे के बाद आरोपी चालक कार लेकर मौके से फरार हो गया। हालांकि, घबराहट में भागने के चक्कर में कुछ ही दूरी पर तामलोर फांटे के पास उसकी कार सड़क किनारे उतरकर दुर्घटनाग्रस्त हो गई।

अस्पताल में नहीं मिले डॉक्टर, इलाज में देरी से मौत का आरोप

दुर्घटना के तुरंत बाद स्थानीय लोगों ने घायल भगवती को आनन-फानन में सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया। लेकिन परिजनों और ग्रामीणों का आरोप है कि उस समय अस्पताल में कोई भी डॉक्टर मौजूद नहीं था। बताया जा रहा है कि डॉक्टर किसी बैठक में व्यस्त थे, जिसके कारण घायल बच्ची को समय पर इलाज नहीं मिल पाया।

परिजनों ने रोते हुए कहा कि अगर भगवती को समय रहते प्राथमिक उपचार मिल जाता, तो आज उसकी जान बचाई जा सकती थी। सही समय पर इलाज न मिलने के कारण मासूम ने दम तोड़ दिया।

सीएचसी परिसर में हंगामा

जैसे ही बच्ची की मौत और अस्पताल की लापरवाही की खबर फैली, बड़ी संख्या में ग्रामीण और मेघवाल समाज के लोग सीएचसी पहुंच गए। लोगों का गुस्सा फूट पड़ा और उन्होंने अस्पताल परिसर में ही धरना शुरू कर दिया।

ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि सीएचसी प्रभारी और डॉक्टर आपातकालीन व्यवस्था को छोड़कर मुख्यालय से बाहर थे। आक्रोशित प्रदर्शनकारियों ने जिम्मेदार डॉक्टरों को तुरंत एपीओ करने की मांग की।

गडरारोड बंद और न्याय की मांग

घटना के दूसरे सुबह तक गतिरोध बना रहा। लोगों ने दुकानें बंद रखकर सीएचसी, एसडीएम कार्यालय और पुलिस थाने पहुंच कर ज्ञापन सौंपा। इस दौरान सभी ने एक सुर में कस्बे की चिकित्सा व्यवस्था सुधारने की मांग रखी, आगे किसी की जान ना जाए इसलिए सीएससी में चिकित्सा व्यवस्था सुधारने हेतु अल्टीमेटम दिया।

उपखंड अधिकारी सुरेश कुमार ने सोमवार तक समय मांगा और उच्च अधिकारियों को अवगत कराने की बात कही, जिस पर ग्रामीणों ने शव उठाया और धरना प्रदर्शन समाप्त किया। साथ ही उन्होंने सोमवार तक चिकित्सा सुविधाओं में सुधार नहीं होने पर उपखंड कार्यालय के आगे अनियमित धरना प्रदर्शन करने की चेतावनी दी।

अधिकारियों ने की समझाइश, देर रात शांत हुआ मामला

घटना की संवेदनशीलता को देखते हुए उपखंड अधिकारी सुरेश कुमार मेघवाल, तहसीलदार राजेंद्र सिंह राजपुरोहित और थानाधिकारी मुकुनदान चारण भारी पुलिस जाब्ते के साथ मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने आक्रोशित परिजनों और ग्रामीणों से लंबी बातचीत की। प्रशासन और मेघवाल समाज के प्रतिनिधियों के बीच हुई इस वार्ता में अधिकारियों ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच करने और वास्तविक स्थिति स्पष्ट करने का पूरा भरोसा दिया।

प्रशासन के इस ठोस आश्वासन के बाद ग्रामीण शांत हुए। इस दौरान पूर्व सरपंच दशरथ मेघवाल, सवाई सिंह सोढ़ा, गोविंदराम चौहान, मोतीराम जयपाल, राजू बालाच, तगाराम और पिंटू सिंह सोढ़ा सहित कई प्रबुद्ध लोग मौजूद रहे और पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने की मांग की।

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