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बाड़मेर में हाईवे किनारे अवैध निर्माणों पर बड़ी कार्रवाई की तैयारी, चलेगा बुलडोजर, 75 मीटर दायरे में नोटिस जारी

Barmer Highway Encroachment Action : बाड़मेर में नेशनल हाईवे और स्टेट हाईवे के किनारे तेजी से बढ़ रहे अवैध निर्माणों पर अब प्रशासन ने सख्त रुख अपना लिया है। हाईवे के सेंटर से दोनों ओर 75 मीटर दायरे में संचालित होटल, ढाबे-रेस्टोरेंट अन्य निर्माणों को अवैध मानते हुए इन्हें हटाने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
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बाड़मेर

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kamlesh sharma

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Updated: 21 May 2026, 6:25 PM IST

Barmer highway encroachment action

Barmer Highway Encroachment Action : Photo: AI generated

बाड़मेर। नेशनल हाईवे और स्टेट हाईवे के किनारे तेजी से बढ़ रहे अवैध निर्माणों पर अब प्रशासन ने सख्त रुख अपना लिया है। हाईवे के सेंटर से दोनों ओर 75 मीटर दायरे में संचालित होटल, ढाबे, रेस्टोरेंट, दुकानों और अन्य निर्माणों को अवैध मानते हुए इन्हें हटाने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। पीडब्ल्यूडी विंग और हाईवे प्रशासन की ओर से आरओडब्ल्यू (राइट ऑफ वे) क्षेत्र में आने वाले स्थायी और अस्थायी अतिक्रमण धारकों को नोटिस जारी किए गए हैं। प्रारंभिक नोटिस में सात दिन का समय दिया गया है। इसके बाद विभाग स्वयं कार्रवाई करेगा और हटाने का खर्च संबंधित निर्माणकर्ता से वसूला जाएगा।

बाड़मेर बायपास हाइवे शुरू हुए अभी करीब डेढ़ साल ही हुआ है, लेकिन इतने कम समय में ही हाईवे किनारे सैकड़ों निर्माण खड़े हो गए हैं। कई स्थानों पर होटल, ढाबे, रेस्टोरेंट, शोरूम, गोदाम और अन्य व्यावसायिक गतिविधियां संचालित होने लगी हैं। विभागीय अधिकारियों का कहना है कि इनमें से अधिकांश निर्माण नियमों के विपरीत किए गए हैं।

40 मीटर तक पूरी तरह प्रतिबंधित निर्माण

हाईवे के सेंटर से 40 मीटर तक का क्षेत्र ‘बिल्डिंग लाइन’ माना जाता है। इस क्षेत्र में किसी भी प्रकार का निर्माण पूरी तरह प्रतिबंधित है। वहीं सेंटर से 75 मीटर तक का हिस्सा ‘कंट्रोल लाइन’ क्षेत्र में आता है। इस दायरे में किए गए निर्माणों का राजस्व विभाग की ओर से सत्यापन कराया जाएगा और यह देखा जाएगा कि संबंधित निर्माण को प्रशासनिक स्वीकृति प्राप्त है या नहीं।आरओडब्ल्यू यानी राइट ऑफ वे क्षेत्र नेशनल हाईवे की भूमि मानी जाती है। इस क्षेत्र में किसी भी प्रकार का स्थायी निर्माण नियमों के विरुद्ध है। सड़क सुरक्षा, भविष्य में सड़क चौड़ीकरण और यातायात व्यवस्था को ध्यान में रखते हुए यह प्रावधान बनाए गए हैं।

इन मार्गों पर ज्यादा अवैध निर्माण

प्रशासन की निगरानी में धोरीमन्ना रोड़, जैसलमेर रोड, बाड़मेर बायपास, मुनाबाव मार्ग, चूली-भादरेश मार्ग सहित कई प्रमुख मार्ग शामिल हैं। इन इलाकों में हाइवे किनारे बड़ी संख्या में होटल, ढाबे और अन्य व्यवसायिक निर्माण खड़े हो गए हैं। कई जगह अस्थायी ढांचे बनाकर भी व्यवसाय संचालित किए जा रहे हैं।

आबादी क्षेत्र में होगी दस्तावेजों की जांच

रामसर, गागरिया, गडरारोड़, धोरीमन्ना, शिव और अन्य आबादी क्षेत्रों में प्रशासन ग्राम पंचायतों की ओर से जारी पट्टों और अन्य दस्तावेजों की भी जांच करेगा। यदि किसी निर्माण के पास वैध अनुमति या स्वीकृति नहीं मिली तो ऐसे निर्माणों के खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी। राजस्व विभाग को बिल्डिंग लाइन और कंट्रोल लाइन के बीच बने निर्माणों की सूची सौंप दी गई है। नोटिस मिलने के बाद कई लोगों ने स्वयं अपने निर्माण हटाने शुरू कर दिए हैं। प्रशासन का कहना है कि जो लोग तय समय सीमा में अतिक्रमण नहीं हटाएंगे, उनके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।

कई मार्गों पर नोटिस जारी

पीडब्ल्यूडी विंग के अधिशासी अभियंता रोहिताष सिंह ने बताया कि आरओडब्ल्यू में आने वाले स्थायी और अस्थायी अतिक्रमण धारकों को नेशनल हाईवे लैंड एक्ट-2002 के तहत नोटिस जारी किए गए हैं। प्रारंभिक नोटिस में सात दिन का समय दिया गया है। इसके बाद विभाग कार्रवाई करेगा और खर्च संबंधित लोगों से वसूला जाएगा। कई लोगों ने स्वेच्छा से निर्माण हटाने शुरू कर दिए हैं, जबकि शेष मामलों में आगामी कार्रवाई की तैयारी की जा रही है।