
Barmer Collector Chinmayee Gopal: बाड़मेर नगर परिषद की लगातार सुस्त कार्यशैली आखिरकार जिला कलक्टर चिन्मयी गोपाल के निशाने पर आ गई। शहरी सेवा शिविरों में अपेक्षित प्रगति नहीं मिलने और बार-बार निर्देशों के बावजूद लंबित पट्टों के वितरण तथा विकास कार्यों में तेजी नहीं आने पर जिला कलक्टर ने नगर परिषद कार्यालय में करीब दो घंटे तक अधिकारियों और कर्मचारियों की मैराथन बैठक ली। बैठक के दौरान उन्होंने साफ शब्दों में कहा, मुझे काम चाहिए, बहाने नहीं। सरकार स्तर पर हर काम की मॉनिटरिंग हो रही है और नगर परिषद की रिपोर्ट लगातार कमजोर आ रही है।
बैठक के दौरान कलक्टर ने नगर परिषद आयुक्त की कार्यशैली पर भी नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि यदि कोई कर्मचारी काम नहीं कर रहा है तो उसके खिलाफ कार्रवाई करें और नोटिस जारी करें लेकिन विकास कार्य किसी भी स्थिति में नहीं रुकने चाहिए। उन्होंने ये भी कहा कि बिना सूचना अवकाश पर जाना स्वीकार्य नहीं है।
कलक्टर ने 91 के तहत लंबित पट्टों के मामलों में व्यापक अभियान चलाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि पूर्व पार्षदों, जनप्रतिनिधियों और गणमान्य नागरिकों की बैठक बुलाकर प्रचार-प्रसार किया जाए, ताकि अधिक से अधिक पात्र लोगों को पट्टे जारी किए जा सकें। शहर की 16 कच्ची बस्तियों में भी लंबित पट्टों के निस्तारण के लिए अलग कार्ययोजना तैयार करने को कहा गया।
समीक्षा बैठक में सड़क निर्माण और टेंडर प्रक्रिया की भी विस्तार से समीक्षा की गई। राजकीय चिकित्सालय के सामने शुरू हुए सड़क निर्माण कार्य को तय समय में पूरा करने तथा शहर के प्रमुख चौराहों की मरम्मत तत्काल कराने के निर्देश दिए गए। साथ ही विभिन्न शाखाओं की योजनाओं की प्रगति की अलग-अलग समीक्षा कर अधिकारियों से जवाब मांगा गया।
गौरतलब है कि दो दिन पहले नगर परिषद आयुक्त बिना सूचना अवकाश पर चले गए थे। इस पर जिला कलक्टर ने अपेक्षित प्रगति नहीं मिलने के कारण उन्हें कारण बताओ नोटिस जारी किया था। शुक्रवार को उसी क्रम में बाड़मेर नगर परिषद कार्यालय पहुंचकर उन्होंने पूरे अमले की समीक्षा बैठक ली और स्पष्ट संकेत दिए कि अब लापरवाही और धीमी कार्यशैली किसी भी स्तर पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी। बैठक में अतिरिक्त जिला कलक्टर राजेंद्र सिंह चांदावत, नगर परिषद आयुक्त भगवत सिंह परमार, राजस्व निरीक्षक अशोक कुमार सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी एवं कर्मचारी मौजूद रहे।