
युवती को झोपड़ी से बाहर निकालतीं महिला पुलिसकर्मी। फोटो- पत्रिका
बाड़मेर। शहर में सरकारी जमीन पर सालभर से जारी अतिक्रमण के खिलाफ आखिरकार बुधवार को प्रशासन का बुलडोजर चल गया। जसदेर धाम के पास गैर-मूमकिन आगोर किस्म की सरकारी जमीन पर किए गए अवैध कब्जों को हटाने पहुंची प्रशासनिक टीम को महिलाओं और लड़कियों के तीखे विरोध का सामना करना पड़ा, लेकिन भारी पुलिस जाब्ते की मौजूदगी में कार्रवाई पूरी की गई। प्रशासन ने यहां बनी करीब 20 झुग्गी-झोंपड़ियों को ध्वस्त कर दिया, जबकि अब सरकारी जमीन पर खड़े करीब 50 पक्के निर्माणों पर भी कार्रवाई की तैयारी शुरू कर दी गई है। इनके खिलाफ विधिक राय लेकर नोटिस जारी किए जाएंगे।
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कार्रवाई के दौरान बाड़मेर एसडीएम यशार्थ शेखर, तहसीलदार हुकमीचंद, विकास अधिकारी नीतू व्यास, एएसपी नितेश आर्य, बाड़मेर वृत्त डिप्टी रमेश शर्मा समेत प्रशासनिक व पुलिस अधिकारियों की मौजूदगी रही। सुरक्षा व्यवस्था के लिए चार थानों के प्रभारी और करीब 70 पुलिसकर्मी तैनात किए गए। 5 से 6 बुलडोजरों की मदद से अवैध अतिक्रमण हटाए गए।
अतिक्रमण हटाने पहुंची टीम के सामने सबसे ज्यादा विरोध महिलाओं और लड़कियों ने किया। कई महिलाओं ने अधिकारियों के सामने हाथ जोड़े, पैर पकड़े और कार्रवाई रोकने की गुहार लगाई। कुछ लड़कियां घरों के ऊपर चढ़ गईं और प्रशासन के खिलाफ नाराजगी जताई। मौके पर तनावपूर्ण हालात बने रहे, लेकिन प्रशासन ने जमीन को सरकारी बताते हुए कार्रवाई जारी रखी। इस दौरान एक लड़की झोपड़ी में घुसकर बैठ गई। पुलिसकर्मियों ने उसे पकड़कर बाहर निकालने का प्रयास किया, लेकिन वह बाहर नहीं निकली। इसके बाद बड़ी मशक्कत के बाद उसे बाहर निकाला गया।
इस कार्रवाई ने एक बड़ा सवाल भी खड़ा कर दिया है। सरकारी जमीन पर अतिक्रमण एक दिन में नहीं हो जाते। जसदेर धाम के पास पिछले एक साल से कब्जे बढ़ते रहे, झोंपड़ियां पक्के मकानों में बदलती रहीं, शिकायतें भी होती रहीं, लेकिन प्रशासन ने समय रहते सख्ती नहीं दिखाई। अब कच्चे अतिक्रमण हटाकर प्रशासन ने कार्रवाई की शुरुआत तो कर दी है, लेकिन असली चुनौती उन करीब 50 पक्के अवैध निर्माणों को हटाने की है, जो सरकारी जमीन पर खड़े हो चुके हैं।
फिलहाल प्रशासन ने संकेत दिए हैं कि पक्के निर्माणों के खिलाफ विधिक प्रक्रिया अपनाकर नोटिस जारी किए जाएंगे। ऐसे में अब नजर इस बात पर रहेगी कि क्या प्रशासन कच्ची झोंपड़ियों तक ही सीमित रहेगा या फिर सरकारी जमीन पर खड़े पक्के कब्जों पर भी उतनी ही सख्ती दिखाएगा।
Updated on:
24 Jun 2026 07:30 pm
Published on:
24 Jun 2026 07:30 pm
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