
Rajasthan Transfer Policy : ग्राफिक्स फोटो पत्रिका
Rajasthan Transfer Policy : प्रदेश में लंबे समय से तबादला नीति की मांग कर रहे कर्मचारी संगठनों ने इस मुद्दे सरकार की उदासीनता पर नाराजगी जताई है। संगठनों का आरोप है कि स्पष्ट और पारदर्शी तबादला नीति के अभाव में कई विभागों में मनमानी और भ्रष्टाचार को बढ़ावा मिल रहा है। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि सरकार ने जल्द इस दिशा में कदम नहीं उठाए तो आंदोलन शुरू किया जाएगा। संगठनों ने 'नीति लाओ, भ्रष्टाचार मिटाओ' का नारा देते हुए कहा कि पारदर्शी व्यवस्था से न केवल कर्मचारियों को राहत मिलेगी, बल्कि तबादलों में कथित अनियमितताओं पर भी अंकुश लगेगा।
राज्य कर्मी - 8.50 लाख निगम, बोर्ड, पंचायती राज और स्वायत्तशासी संस्थाओं में कार्मिकः करीब 3 लाख।
इनके नहीं होंगे तबादले - 1.66 लाख तृतीय श्रेणी शिक्षक, 1.50 लाख स्वास्थ्य कर्मी।
2024 में में 10 से 22 फरवरी।
2025 में 1 से 15 जनवरी, 8 मई से 30 जून।
2026 में 19 जून से 5 जुलाई तक।
नीति होगी तो घूसखोरी होगी बंद
नीति होगी तो घूसखोरी बंद होगी। पहुंच वाला तो 5 किमी दूर से भी तबादला करवा लेता है। नीति की मांग लेकर ब्लॉक स्तर पर सीएम के नाम ज्ञापन दिए जाएंगे।
गजेन्द्र सिंह राठौड़, प्रदेशाध्यक्ष, अखिल राजस्थान राज्य कर्मचारी संयुक्त महासंघ (एकीकृत)
नीति का ड्राफ्ट मंत्रियों की दराजों में बंद
2024 में सीएम ने तबादला नीति का भरोसा दिलाया। प्रिंसिपल 5 माह और व्याख्याता 4 माह तक का वेतन तबादले के लिए खर्च करते हैं। नीति का ड्राफ्ट मंत्रियों की दराजों में बंद है।
महावीर शर्मा, प्रदेशाध्यक्ष, अखिल राजस्थान कर्मचारी संयुक्त महासंघ
नीति बनाई जानी चाहिए
कर्मचारी अपने कार्य क्षेत्र में सीमाओं में रहकर राजकीय दायित्वों को पूरा करता है। नीति बनाई जानी चाहिए। इस मुद्दे को प्रदेश स्तर पर प्रमुखता से उठाया जाएगा।
नवीन शर्मा, महामंत्री, राजस्थान राज्य कर्मचारी महासंघ (भामस)
कर्मचारी तबादले से नहीं डरता
नीति बन जाए तो किसी कर्मचारी को तबादले के लिए भटकने की जरूरत ही नहीं पडे। कर्मचारी तबादले से नहीं डरता। नीति नहीं होने से कर्मचारी तबादलों के लिए पैसे देने कों मजबूर होते है।
मनोज सक्सेना, प्रदेश अध्यक्ष, राजस्थान राज्य मंत्रालयिक कर्मचारी महासंघ
स्थाई और पारदर्शी नीति बननी चाहिए
हाल ही संगठन की ओर से विभिन्न मुद्दों को लेकर शिक्षा मंत्री के क्षेत्र रामगंज मंडी में रैली की, जिसमें तबादला नीति प्रमुख मुद्दा था। स्थाई और पारदर्शी नीति बननी चाहिए, इसके लिए तबादलों पर पाबंदी हटने के बाद सरकार को लिखा। मुख्यमंत्री और मंत्री से फिर से तबादला नीति की मांग की जाएगी।
वीरेन्द्र शर्मा, अध्यक्ष, राजस्थान शिक्षक संघ (सियाराम)
हर सरकार से करते हैं नीति की मांग
नीति की रोज आवश्यकता महसूस करते हैं। हर सरकार से नीति की मांग करते हैं, लेकिन किसी सरकार में बनती नहीं है। अब भी मंत्री स्तर पर नीति विचाराधीन है, जिसके लागू नहीं होने से शिक्षक हताश है। वर्तमान सरकार का ढाई साल का कार्यकाल निकल चुका। अब तबादला नीति के लिए आंदोलन किया जाएगा।
गिरधारी गोदारा, प्रदेशाध्यक्ष, राजस्थान शिक्षा सेवा प्राध्यापक संघ (रेसला)
Updated on:
27 Jun 2026 06:51 am
Published on:
27 Jun 2026 06:51 am
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