
बालोतरा.
राज्य में चिकित्सकों की प्रदेश स्तरीय सामूहिक हड़ताल को लेकर नगर के राजकीय नाहटा चिकित्सालय के इस्तीफे सौंपने वाले चिकित्सक सोमवार को काम पर नहीं लौटे। इस पर प्रशासन ने वैकल्पिक व्यवस्था के लिए दस आयुष व आयुर्वेद चिकित्सक नियुक्त किए। बावजूद इसके मरीजों को परेशानियां उठानी पड़ी। चिकित्सालय में मरीजों को भर्तीनहीं किया गया।
राज्य में चिकित्सकों की प्रदेश स्तरीय हड़ताल को लेकर नगर के राजकीय नाहटा चिकित्सालय के प्रमुख चिकित्सा अधिकारी सहित अन्य इस्तीफा सौंपने वाले 15 चिकित्सकों में से प्रमुख चिकित्सा अधिकारी के अलावा शेष चिकित्सक सोमवार को काम पर नहीं लौटे। इस पर प्रमुख चिकित्सा अधिकारी के निर्देशन में जिला प्रशासन की ओर से नियुक्त 6 आयुष व चार आयुर्वेद चिकित्सकों ने सेवाएं दी। चिकित्सकों के इस्तीफे सौंप हड़ताल पर जाने पर चिकित्सालय प्रशासन ने वार्डों में भर्ती मरीजों को एक दिन पूर्व ही छुट्टी दे दी और नए मरीज भर्ती नहीं किए। इस पर चिकित्सालय के वार्डों में सन्नाटा पसरा दिखाई दिया। दूसरी ओर उपचार के लिए चिकित्सालय पहुंचें मरीजों को परेशानी उठानी पड़ी। एलौपेथिक उपचार को लेकर चिकित्सालय पहुंचे कई मरीज निराश होकर निजी चिकित्सालय पहुंचे। इस पर निजी चिकित्सालयों में आम दिनोंं की अपेक्षा अधिक भीड़ नजर आई। चिकित्सालय में आयुष व आयुर्वेद चिकित्सकों के उपचार करने की जानकारी पर बहुत से मरीज चिकित्सालय ही नहीं पहुंचे। उपखंड अधिकारी भागीरथराम चौधरी ने चिकित्सालय का निरीक्षण कर व्यवस्थाएं जानी। प्रमुख चिकित्सा अधिकारी से चर्चा कर उन्हें आपातकाल में निजी चिकित्सकों को बुलाने के निर्देश दिए। व्यवस्थाएं बनाए रखने के लिए अतिरिक्त पुलिस जाप्ता तैनात किया गया। चिकित्सालय पोस्टर पर स्वयं के मोबाइल नंबर लिख मरीजों को किसी भी प्रकार की परेशानी होने पर समस्या से अवगत करवाने को कहा। उन्होंने नर्सिंग कर्मियों को मरीजों की अच्छी देखभाल करने के निर्देश दिए।
परेशानी हुई-
मंैं आज उपचार के लिए चिकित्सालय पहुंची। चिकित्सकों के हड़ताल पर होने के समाचार जान बहुत परेशान हुई। निजी चिकित्सालय में उपचार लूंगी। - सीमा देवी, मरीज
समस्या का हल करें- चिकित्सकों की हड़ताल पर परेशानी उठानी पड़ी। दर्जनों जने निराश लौटे। सरकार समस्या का शीघ्र हल करें अन्यथा गरीब परिवारों को अधिक परेशानी उठानी पड़ेगी। - रमेश सालेचा
पन्द्रह चिकित्सकों ने नहीं दी सेवा- चिकित्सालय में वैकल्पिक व्यवस्था के लिए आयुष व आयुर्वेद चिकित्सक लगाए गए। इस्तीफा सौंपने वाले 15 चिकित्सकों ने सेवाएं नहीं दी। मरीजों को भर्ती नहीं किया गया। आठ प्रसूताओं को भर्ती कर प्रसव करवाया । आपतकाल के लिए निजी चिकित्सकों की ऑन कॉल व्यवस्था की गई, लेकिन इसकी जरूरत नहीं पड़ी। - डॉ. बलराजसिंह पंवार, प्रमुख चिकित्सा अधिकारी बालोतरा