चिकित्सकों की हड़ताल खत्म होने के बाद गुरुवार को चि्िरकत्सक काम पर लौटे।
बाड़मेर. चिकित्सकों की हड़ताल खत्म होने के बाद गुरुवार को चि्िरकत्सक काम पर लौटे। रोज मरीजांे का हालचाल पूछने वाले चिकित्सकों से भी मरीजों ने हाल पूछे। मरीजांे को बडे़ दिनों बाद राहत मिली। जिन निजी अस्पतालों में कुछ चिकित्सक प्रेक्टिस करते है वहां पर भी इनके आने से राहत मिली। चिकित्सकों ने हड़ताल में मिली कामयाबी पर भी एक दूसरे को बधाई दी। इधर अस्पताल में चिकत्सकों के आते ही अन्य स्टाफ ने भी राहत की सांस ली। यहां आयुष एवं वैकल्पिक व्यवस्था पर लगे चिकित्सकों को भी राहत मिली है।
राजकीय अस्पताल में 36 चिकित्सक हड़ताल पर थे इसमें से 7 चिकित्सक नहीं पहुंचे। शेष ने ज्वाइन कर लिया। चिकित्सकों के आते ही अस्पताल में भीड़ उमड़ पड़ी। एक हजार से अधिक ओपीडी रही है जो बीत दिनों से 300 से कम थी। चिकित्सकों ने यहां आने के बाद उपचार तो किया ही साथ ही वे आने वाले लोगों को भी यह कहते हुए देखे गए है कि हमारी मजबूरी थी इसलिए जाना पड़ा, जो तकलीफ हुई है उसके लिए माफी का भी कईयों ने कहा। इधर अस्पताल में चिकत्सकों के आते ही अन्य स्टाफ ने भी राहत की सांस ली। यहां आयुष एवं वैकल्पिक व्यवस्था पर लगे चिकित्सकों को भी राहत मिली है।
पहले दिन से ही शुरू हुई जांचे और ऑपरेशन- पहले ही दिन से जांच और ऑपरेशन शुरू कर दिए गए है। शिशुवार्ड और महिला वार्ड में चिकित्सकों की हड़ताल से काफी परेशानी थी, यहां चिकित्सक आते ही बड़ी संख्या में भीड़ उमड पड़ी।इधर अस्पताल में चिकत्सकों के आते ही अन्य स्टाफ ने भी राहत की सांस ली। यहां आयुष एवं वैकल्पिक व्यवस्था पर लगे चिकित्सकों को भी राहत मिली है।
तकलीफ के लिए क्षमा- चिकित्सकों की हड़ताल से जो लोगों को परेशानी हुई है उसके लिए सभी ने क्षमा चाही है। हड़ताल के बाद ओपीडी बढ़ी है। व्यवस्थाओं को तत्काल दुरस्त किया जा रहा है।- डा. बी एल मंसूरिया, प्रमुख चिकित्सा अधिकारी बाड़मेर