
Couple And Son Died In Accident: बाड़मेर-जैसलमेर हाईवे पर मंगलवार दोपहर हरसाणी फांटा के पास दर्दनाक हादसा हो गया। जिसके बाद अब पति-पत्नी और बेटे की अर्थी एक साथ उठी। दरअसल पिकअप और कार की आमने-सामने हुई भीषण भिड़ंत में पति-पत्नी, उनके मासूम बेटे समेत चार लोगों की मौत हो गई, जबकि पिकअप चालक गंभीर रूप से घायल हो गया। सूचना मिलने पर ग्रामीण थाना पुलिस मौके पर पहुंची और मामले की जानकारी जुटाई।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार हादसा इतना भयावह था कि टक्कर के साथ जोरदार धमाका हुआ और कार पूरी तरह चकनाचूर हो गई। कार में सवार लोग अंदर ही फंस गए। मौके पर पहुंची ग्रामीण थाना पुलिस ने ग्रामीणों की मदद से कड़ी मशक्कत के बाद सभी को बाहर निकालकर अस्पताल पहुंचाया, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी। पुलिस के अनुसार मृतकों में बाबूराम पुत्र दयाराम, उनकी पत्नी बेबी, पुत्र विवान निवासी झालामलिया (भोपालगढ़, जोधपुर) और वीरेन्द्र पुत्र शिवीनाथ (निवासी उत्तर प्रदेश) शामिल हैं। सभी को चिकित्सकों ने मृत घोषित कर दिया। पुलिस ने शवों को राजकीय अस्पताल की मोर्चरी में रखवाया है, जहां पोस्टमार्टम की प्रक्रिया की जाएगी।
यह हादसा इसलिए और भी ज्यादा मार्मिक है क्योंकि बाबूराम अपने परिवार के साथ एक नई शुरुआत करने जा रहे थे। वे बालेसर में एक निजी कंपनी में साइड इंचार्ज के पद पर कार्यरत थे और हाल ही में उनका ट्रांसफर बाड़मेर हुआ था। सिर्फ 15 दिन पहले ही उन्होंने बाड़मेर के तिलक नगर में किराए का मकान लिया था, ताकि परिवार के साथ नई जिंदगी शुरू कर सकें। मंगलवार को वे बालेसर से अपने घर का सामान लेकर बाड़मेर लौट रहे थे। पिकअप में गृहस्थी का सामान लोड था, जबकि बाबूराम अपनी पत्नी और बेटे के साथ कार में सवार थे। उन्हें क्या पता था कि यह सफर उनकी जिंदगी का आखिरी सफर बन जाएगा।
इस हादसे के पीछे एक ऐसा 'काश' भी जुड़ा है, जो अब जिंदगी भर परिवार और जानने वालों को सालता रहेगा। पिकअप चालक राजू सांखला ने बताया कि उसने बाबूराम को पचपदरा होकर आने की सलाह दी थी, क्योंकि वह रास्ता बेहतर और सुरक्षित था। लेकिन बाबूराम ने शिव होकर आने का फैसला किया। अगर उस समय रास्ता बदल लिया जाता, तो शायद आज पूरा परिवार जिंदा होता। यही सोच अब हर किसी के मन में गूंज रही हैं, काश…!
हादसे की खबर मिलने के बाद पिकअप चालक राजू सांखला बाड़मेर पहुंच चुका था। लेकिन जब उसे पता चला कि कार में सवार सभी लोगों की मौत हो गई है, तो वह स्तब्ध रह गया। जिस सामान को लेकर एक नया घर बसाने की उम्मीद थी, वही सामान अब वापस लौट रहा हैं बिना मालिक और बिना सपनों के।
हादसे की सूचना मिलते ही जिला पुलिस अधीक्षक चूनाराम जाट, एएसपी नितेश आर्य मौके पर पहुंचे और घटना की जानकारी ली। वहीं अतिरिक्त जिला कलक्टर राजेंद्रसिंह चांदावत, डीएसटी रमेश शर्मा और मेडिकल अधीक्षक डॉ. हनुमानराम अस्पताल पहुंचे और स्थिति का जायजा लिया।