बाड़मेर जिले में शुक्रवार सुबह एक दर्दनाक हादसे ने पूरे क्षेत्र को शोक में डुबो दिया। मॉर्निंग वॉक पर निकले एक सरकारी लेक्चरर की करंट लगने से मौके पर ही मौत हो गई। अचानक हुए इस हादसे के बाद परिवार में मातम छा गया।
बाड़मेर। शहर के सर्किट हाउस स्थित कांग्रेस कार्यालय के पास शुक्रवार सुबह एक दर्दनाक हादसे में स्कूल व्याख्याता की करंट लगने से मौत हो गई। मॉर्निंग वॉक पर निकले व्याख्याता अत्यधिक गर्मी और उमस के कारण पसीने से भीगे हुए थे। इसी दौरान सड़क किनारे लगे बिजली के लोहे के खंभे को सहारे के लिए छूते ही वे करंट की चपेट में आ गए। तेज झटके से वे मौके पर ही गिर पड़े और उनकी मृत्यु हो गई।
रीको थानाधिकारी चैन प्रकाश के अनुसार मृतक की पहचान तिलोकाराम (57) पुत्र नेनाराम निवासी तारातरा हाल शास्त्री नगर, बाड़मेर के रूप में हुई है। तिलोकाराम वर्तमान में लक्ष्मणसिंहपुरा स्कूल में व्याख्याता पद पर कार्यरत थे। हाल ही में उनका प्रमोशन हुआ था और शुक्रवार को ही उन्हें चौहटन उपखंड के केरानाडा गांव स्थित स्कूल में नई पोस्टिंग पर कार्यभार संभालना था।
जानकारी के अनुसार तिलोकाराम रोज की तरह शुक्रवार सुबह भी मॉर्निंग वॉक पर निकले थे। सुबह करीब आठ बजे वे कांग्रेस कार्यालय के पास सड़क किनारे रुके। वहां पास में ही बिजली का लोहे का खंभा लगा हुआ था। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि संतुलन बनाने या सहारा लेने के लिए उन्होंने जैसे ही खंभे को पकड़ा, तेज करंट लगते ही वे जमीन पर गिर पड़े। आसपास मौजूद लोग कुछ समझ पाते, उससे पहले ही उनकी सांसें थम चुकी थीं।
घटना के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई। वहां से गुजर रहे लोगों ने तुरंत रीको थाना पुलिस को सूचना दी। रीको थाना इंचार्ज चैन प्रकाश पुलिस दल के साथ मौके पर पहुंचे। मामले की गंभीरता को देखते हुए एफएसएल (फोरेंसिक साइंस लेबोरेटरी) और एमओबी (मोडस ऑपरेंडी ब्यूरो) की टीमों को भी मौके पर बुलाया गया। टीमों ने घटनास्थल से तकनीकी और भौतिक साक्ष्य जुटाए। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर जिला अस्पताल की मोर्चरी में रखवाया।
रीको थाना पुलिस ने बताया कि परिजनों को घटना की सूचना दे दी गई है। उनकी ओर से दी जाने वाली रिपोर्ट के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। वहीं डिस्कॉम और पुलिस की टीम यह जांच कर रही है कि आखिर बिजली के खंभे में करंट कैसे आया। प्रारंभिक तौर पर तकनीकी खराबी या लीकेज करंट की आशंका जताई जा रही है।
परिजनों ने बताया कि तिलोकाराम बेहद सरल स्वभाव के व्यक्ति थे और शिक्षा विभाग में लंबे समय से सेवाएं दे रहे थे। प्रमोशन मिलने के बाद परिवार में खुशी का माहौल था। शुक्रवार को नई पोस्टिंग पर जॉइनिंग करने की तैयारी चल रही थी, लेकिन उससे पहले ही यह हादसा हो गया। उनके दो बेटे हैं। इनमें एक बेटा दिल्ली में रहकर सिविल सर्विसेज की तैयारी कर रहा है। हादसे की सूचना मिलते ही परिवार में कोहराम मच गया।