
बालोतरा.
जसोल फांटा से जसोल गांव तक बंद रोडलाइट के चलते यहां से आवागमन करने वालो को हर दिन परेशानी उठानी पड़ती है। व्यस्तम मार्ग पर कई बार हादसे भी होते हैं, लेकिन रोशनी व्यवस्था सुचारू बनाने के लिए जिम्मेदार ध्यान नहीं दे रहे हैं। इनकी अनदेखी पर किसी दिन बड़ा हादसा घटित हो सकता है। इससे आमजन में रोष है।
जसोल के नगर परिषद बालोतरा क्षेत्र में शामिल होने के बाद करीब पांच वर्ष पूर्व परिषद ने लाखों रुपए खर्च कर जसोल फांटा से कस्बे जसोल तक रोडलाइट की व्यवस्था की। पिछले कुछ वर्षों से इसकी देखरेख सही ढंग से नहीं हो रही। एेसे में यहां लगी आधी से अधिक रोडलाइट्स बंद ही पड़ी है। एेसे में आमजन को इसका कोई फायदा नहीं मिल रहा। आवागमन में हर रोज हजारों जनों को परेशानी उठानी पड़ रही है।
व्यस्ततम व महत्वपूर्ण है मार्ग
जसोल फांटा से जैन तीर्थ नाकोड़ा तक फोरलेन मार्ग बना है। इस मार्ग पर कस्बा जसोल, माता राणी भटियाणी मंदिर, नाकोड़ा तीर्थ, तिलवाड़ा, मेवानगर सहित दर्जनों गांव है। इस पर कामकाज से ग्रामीण तो दर्शन पूजन के लिए श्रद्धालुओं को आना जाना लगा रहता है। इस पर बंद रोडलाइट पर इन्हें अधिक परेशानी उठानी पड़ती है। वहीं अंधेरे में हादसे घटित होते हंै। कई जने चोटिल, घायल हो चुके हैं। व्यस्तम मार्ग पर अंधेरा होने पर हरदम हादसा घटित होने का डर सताता है। इस पर परेशान ग्रामीण कई बार नगर परिषद से बंद व खराब रोडलाइट व्यवस्था शुरू करवाने की मांग कर चुके हैं, लेकिन नगर परिषद प्रशासन कोई ध्यान नहीं दे रहा है। इनकी अनदेखी पर किसी दिन हादसा घटित हो सकता है। इससे आमजन में रोष है।
अधिक बंद कम चालू
रोडलाइट व्यवस्था अधिक समय बंद व कम समय चालू रहती है। बीते लंबे समय से ये बंद ही हैं। इससे रात्री आवागमन में हर दिन परेशानी उठाते हैं। जनता से जुड़े कार्यों में नगर परिषद कोई ध्यान नहीं दे रही हैं।
- जितेन्द्र सुथार
देररात तक रहता है आवागमन
जसोल फांटा से नाकोड़ा फोरलेन मार्ग व्यस्तम मार्ग है। देर रात तक लोगों का आना जाना लगा रहता है। इस पर बंद रोडलाइट पर सुख चैन छीन गया है। अधिकारी कोई ध्यान नहीं दे रहे हैं।
- शंकरलाल माली