
अब जरूरत होने पर उपभोक्ता करवाते हैं बुकिंग
घरेलू गैस सिलेंडर के लगातार बढ़ते दाम, गिर रहा बुकिंग का ग्राफ
बाड़मेर . घरेलू रसोई गैस सिलेंडर की कीमत बढ़कर एक हजार रुपए के करीब हो जाने से बुकिंग के ग्राफ में गिरावट आई है। वहीं कई उपभोक्ता डिलीवरी के लिए आए सिलेंडर को भी लौटा रहे हैं। बुकिंग कम होने से एजेंसियों के पास रिफिल की भरमार होने से दूसरे दिन ही सिलेंडर उपभोक्ता को पहुंचाने लगी हैं।
गैस सिलेंडर की कीमत लगातार बढ़ रही है। पिछले महीने 905 में आ रहा सिलेंडर अब 968 रुपए का हो गया है। हालांकि सब्सिडी भी बढ़ी है। लेकिन कई उपभोक्ताओं के खातों में सब्सिडी की राशि जमा नहीं होने से एडवांस बुकिंग से लोग परहेज करने लगे हैं। वहीं अब मध्यम वर्ग के लोग करीब एक हजार रुपए के हो चुके भरे सिलेंडर का घर में स्टॉक भी नहीं रखते हैं।
पेट्रोलियम मंत्रालय ने साल 2015 में डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर स्कीम (डीबीटीएल) लागू करते हुए सिलेंडर की पूरी राशि ली जाने लगी थी। इसके चलते सिलेंडर पर मिलने वाली सब्सिडी की राशि उपभोक्ताओं के खाते में जाने लगी। सरकार की योजना घरेलू गैस सिलेंडर पर सब्सिडी खत्म करना है। इसके चलते पेट्रोलियम मंत्रालय हर महीने घरेलू गैस सिलेंडर की कीमत धीरे-धीरे बढ़ा रहा है। सिलेंडर की कीमत के साथ सब्सिडी भी बढ़ी है। लेकिन एक हजार रुपए सिलेंडर के लिए देना लोगों के लिए भारी पड़ रहा है।
घर में भरा सिलेंडर रखने से करने लगे परहेज
पिछले चार महीने में ऐसे बढ़े दाम
माह सिलेंडर कीमत
अगस्त 820
सितम्बर 848
अक्टूबर 905
नवम्बर 968
बुकिंग में कमी
&पिछले कुछ समय से बुकिंग में कमी आई है। विशेषकर ग्रामीण क्षेत्रों के उपभोक्ता सिलेंडर का कम उठाव कर रहे हैं।
सुरेंद्रसिंह, मैनेजर, थार गैस एजेंसी, बाड़मेर
एजेंसियों में आई बुकिंग में कमी
सिलेंडर के बढ़ते दामों की वजह से कई गैस एजेंसियों में बुकिंग करीब 5-10 फीसदी कम हो गई है। लोग अब जरूरत होने पर ही बुकिंग करवाते हैं। जबकि सिलेंडर के पूर्व में कम दाम होने पर एडवांस बुकिंग के लिए एजेंसियों के बाहर कतार लगती थी। अब ऐसी स्थिति किसी भी एजेंसी पर देखने को नहीं मिलती है।
नहीं आता सब्सिडी का मैसेज
एक तरफ सिलेंडर के लगातार बढऩे दाम और दूसरी ओर सब्सिडी का मैसेज नहंीं आने से कई उपभोक्ता परेशान हैं। हालांकि बैंकों से ग्राहक को मैसेज आता है। लेकिन बैकों में क्रियाकलापों में परिवर्तन के चलते गैस सब्सिडी की जानकारी उपभोक्ताओं को नहीं मिल पाती है। ऐसे में उपभोक्ता अपनी शिकायत लेकर गैस एजेंसियों पर पहुंचते हैं।
हॉकर हो रहे परेशान
पिछले दिनों दिवाली के चलते सिलेंडर की कुछ अधिक जरूरत रही। लेकिन अब कई लोग सिलेंडर देने आ रहे हॉकर को लौटा रहे हैं। ग्रामीण क्षेत्रों में यह स्थिति ज्यादा है। गांवों के उपभोक्ताओं वाली एजेंसियों में एडवांस बुकिंग में गिरावट आई है। वहीं सर्दी बढऩे के बाद भी सिलेंडर को लेकर मारामारी की स्थिति अब कहीं नजर नहीं आती है।