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दीपक कलश लेकर निकलेगा शहर, देवों को जगाने होगा मंत्रोच्चार

देव प्रबोधनी एकादशी का उत्सव,- अक्षरपीठ संस्था द्वारा शहर में लगातार 25 साल से किया जा रहा है देवउठनी एकादशी पर यह भव्य आयोजन।
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दीपक कलश लेकर निकलेगा शहर, देवों को जगाने होगा मंत्रोच्चार


अशोकनगर. आज देवउठनी एकादशी का पर्व जिलेभर में धूमधाम से मनाया जाएगा। इसके लिए अक्षरपीठ संस्था द्वारा शहर में सुबह पौंने पांच बजे प्रभातफेरी निकाली जाएगी, जिसमें हजारों लोग शामिल होंगे और महिलाएं हाथों में दीपक कलश लेकर शामिल होंगी। साथ ही पंडित कैलाशपति नायक शंख की गूंज के साथ हाथ में धर्मध्वजा लेकर चलेंगे। लगातार 25 साल से शहर में इसी तरह से भव्य आयोजन कर देवों को जगाया जाता है।


सोमवार को सुबह 4:45 बजे राजराजेश्वर मंदिर से प्रभातफेरी शुरू होगी। जो श्रीराम जय राम जय जय राम कीर्तन के साथ पुराना बाजार, पाराशर मोहल्ला, विदिशा रोड, मोती मोहल्ला, बजरिया मोहल्ला, इंदिरा पार्क, रामलीला मंच, तुलसी पार्क होते हुए पुराना बाजार स्थित राधाकृष्ण मंदिर पहुंचेगी। जहां पर देव प्रबोधिनी मंत्रों से देवों को जगाया जाएगा।

साथ ही विधि-विधान से पूजा-अर्चना भी होगी। इसके बाद भजन गायक राकेश तिवारी द्वारा भजनों की प्रस्तुति दी जाएगी। वहीं कार्यक्रम में मतदाता जागरुकता की भी शपथ दिलाई जाएगी। इसके लिए संस्था ने तैयारी शुरू कर दी है। इसके अलावा शहर सहित जिलेभर में तुलसी-शालिगराम विवाह का आयोजन होगा, साथ ही अन्य धार्मिक कार्यक्रम होंगे।

दिसंबर में शादियों के सिर्फ तीन मुहुर्त-
देवउठनी एकादशी के बाद शादियों का समय शुरू हो जाता है, लेकिन इस बार पहला मुहुर्त आठ दिसंबर को है। संस्कृत विद्यालय मल्हारगढ़ के आचार्य विश्वनाथ पुरोहित के मुताबिक इस वर्ष शादियों के दिसंबर महीने में सिर्फ तीन ही मुहुर्त हैं, जो आठ, 12 और 15 दिसंबर को हैं। वहीं 16 दिसंबर से धनार्क शुरू हो जाने से 15 जनवरी तक के लिए शादियां फिर से बंद हो जाएंगी और इससे 2019 में 15 जनवरी के बाद ही शादियों के फिर से मुहुर्त शुरू होंगे। क्योंकि धनार्क के दौरान एक महीने तक शुभ कार्यों की शुरुआत नहीं की जाती है।