बाड़मेर

कांजी हाउस में चारे का संकट, दो दिन से भूख से तड़प रहे बेसहारा पशु

- कांजी हाउस में है 350 से अधिक बेसहारा पशु-चारा अधिक आने की आशंका के चलते ठेकेदार का भुगतान रोका- चारे पर प्रतिमाह खर्च हो रहे करीब 10 लाख-नगर परिषद के जिम्मेदार मामले से जताते रहे अनभिज्ञता
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Nov 03, 2018
Lack of fodder in Kanji House
Lack of fodder in Kanji House

बाड़मेर. नगर परिषद की ओर से जैसलमेर रोड पर संचालित कांजी हाउस में करीब 350 पशुओं पर आफत आ गई है। यहां नगर परिषद की ओर से ठेका प्रणाली के तहत चारा पहुंचाने में गड़बड़ी की आशंका के चलते ठेकेदार का भुगतान रोक दिया गया है। इस पर ठेकेदार ने कांजी हाउस चारा पहुंचाना बंद कर दिया है। अब पशु चारे के अभाव में बेहाल हो गए हंै।

नगर परिषद ने ठेके के तहत 49 लाख रुपए का बजट कांजी हाउस में चारा पहुंचाने के लिए स्वीकृत किया था। जबकि कांजी हाउस में प्रतिमाह 10 लाख रुपए से ज्यादा के चारे की खपत हो रही है। तीन माह में करीब 35 लाख रुपए चारे पर खर्च हो गए। पशुओं के चारे पर ज्यादा राशि व्यय होने पर आयुक्त ने ठेकेदार के बिल रोक दिए हैं।

पशुओं पर संकट, जिम्मेदार लापरवाह

नगर परिषद की उदासीनता के चलते कांजी हाउस में पहले भी कई बार चारे की कमी हो चुकी है। यहां सर्दी में बिना चारे पशुओं के दिन-रात निकालना मुश्किल हो गया है। ऐसे में पशु काल का ग्रास बन सकते हैं। लेकिन जिम्मेदार मामले में अनदेखा कर रहे हैं।

बेहाल हो रहे पशु

कांजी हाउस में पिछले दो दिन से चारा नहीं पहुंचने से पशु बेहाल हो रहे हैं। यहां शुक्रवार को पत्रिका टीम पहुंची तो चारे के अभाव में भूख के मारे पशु निढ़ाल मिले। कइयों की स्थिति मरणासन्न थी। कई पशु पानी व चारा नहीं मिलने पर तड़पते हुए मिले।

पहले भी हो चुकी है ऐसी स्थिति

कांजी हाउस में पहले भी कर्मचारियों की अनदेखी के चलते चारे की कमी के मामले हो चुके हैं। यहां लगे कार्मिकों ने समय पर जिम्मेदारों को चारे की कमी की जानकारी नहीं दी तो पशुओं की जान पर बन आई थी। अब ऐसी ही स्थिति चारे की आवक पर रोक लगने के कारण हो रही है।

- मेरे ध्यान में नहीं

यह प्रकरण मेरे ध्यान में नहीं है। चारे के लिए ठेकेदार को सूचित किया जाएगा। कितना बजट खर्च हुआ है और पूरे मामले की जांच के बाद ही बता पाऊंगा।

- अनिल झिंगोनिया, आयुक्त, नगर परिषद, बाड़मेर

Published on:
03 Nov 2018 01:34 pm