बाड़मेर

‘मोनालिसा भाग गई’ कहकर बवाल मचाने वाला अरविंद जोशी निकला टैक्सी ड्राइवर, बोला- किसी और के कहने पर बनाया वीडियो

Monalisa Missing Case: 'मोनालिसा भाग गई' यह कहकर वीडियो वायरल करने वाला शख्स कौन है, कहां का है, क्या करता है और उसने क्यों मोनालिसा के भाग जाने का वीडियो बनाकर वायरल किया? इन सभी बातों को लेकर पत्रिका डिजिटिल टीम ने उस शख्स से बातचीत की, जिसमें उसने कई बातों का खुलासा किया।

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Apr 13, 2026
अरविंद कुमार जोशी (फोटो- पत्रिका)

Monalisa Missing Case Viral Video: 'मोनालिसा का पता अजमेर में नहीं लग पाया है, मैं आज जोधपुर जा रहा हूं। किसी ने मोनालिसा को कहीं देखा है तो कोई भाई-बहन मुझे बताए' यह बात बोलकर सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल करने वाला शख्स राजस्थान के बालोतरा जिले में न्यू बस स्टैंड स्थित जोशी कॉलोनी का रहने वाला है।

बता दें कि वीडियो वायरल करने वाले शख्स का नाम अरविंद कुमार जोशी है, जो टैक्सी चालक है। अरविंद ने ही अपनी खुद की पर्सनल आईडी से वीडियो बनाकर 11 अप्रेल की रात करीब नौ बजे सोशल मीडिया पर पोस्ट किया, जो देखते ही देखते वायरल हो गई।

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क्यों बनाई वीडियो?

पत्रिका डिजिटल से बातचीत के दौरान अरविंद जोशी ने बताया, मैं मोनालिसा से शादी करने वाले फरमान खान की सोशल मीडिया पर रील वीडियो देखा करता था। मुझे किसी एक अन्य व्यक्ति ने बताया कि तू फरमान खान जैसा दिखता है। तू मोनालिसा के भाग जाने का वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर अपलोड कर दे, तेरे फॉलोवर्स बढ़ जाएंगे।

उसी व्यक्ति की बात मानकर अरविंद ने वीडियो बनाई और उसे अपनी खुद के यूट्यूब चैनल पर अपलोड कर दिया। अरविंद के मुताबिक, उसके यूट्यूब चैनल पर करीब 500 फॉलोवर्स हैं, जिसे वह बढ़ाना चाहता था। उसने बताया कि वह पहले से ही कॉमेडी वीडियो बनाकर यूट्यूब पर अपलोड किया करता था।

अंदाजा नहीं था वीडियो वायरल हो जाएगी

अरविंद का कहना है कि उसे इस बात की अंदाजा बिलकुल भी नहीं था कि उसका यह वीडियो सोशल मीडिया पर इतना वायरल हो जाएगा। फिलहाल, अरविंद ने इस वीडियो के वायरल होने के बाद और कमेंट में लगाकर धमकी मिलने के बाद दूसरा वीडियो बनाकर माफी मांग ली है, जिसमें वह कह रहा है कि हमने मजाक-मजाक में यह वीडियो बनाई थी।

उसे इस बात का तनिक भी अंदाजा नहीं था कि उसका एक छोटा सा मजाक खबरों की सुर्खियां बन जाएगा और पुलिस प्रशासन के लिए सिरदर्द खड़ा कर देगा। अरविंद ने वीडियो में स्वीकार किया कि मोनालिसा के भागने की बात पूरी तरह मनगढ़ंत थी।

वीडियो वायरल होने के बाद से ही उन्हें लगातार धमकी भरे कमेंट्स मिल रहे हैं, जिससे वे बेहद डरे हुए हैं। अरविंद ने सार्वजनिक रूप से माफी मांग ली है और स्पष्ट किया है कि वे इस पूरे मामले की सच्चाई बताने के लिए जल्द ही कलेक्टर से मुलाकात करेंगे। उन्होंने लोगों से शांति की अपील की है ताकि इस गलतफहमी को दूर किया जा सके। फिलहाल, यह मामला क्षेत्र में चर्चा का विषय बना हुआ है।

सोशल मीडिया प्रतिक्रिया

अरविंद के वीडियो पर सोशल मीडिया यूजर्स की तीखी प्रतिक्रियाएं देखने को मिल रही हैं। उनके मजाक को लेकर लोग उन्हें कानूनी पचड़े में फंसने की चेतावनी दे रहे हैं। एक यूजर ने चुटकी लेते हुए लिखा कि मोनालिसा के इस विवाद के चक्कर में कहीं आपको जेल की हवा न खानी पड़ जाए।

वहीं, एक अन्य व्यक्ति ने सचेत करते हुए कमेंट किया, इस तरह के मजाक के कारण कहीं तुम्हें सलाखों के पीछे न जाना पड़ जाए। साफ है कि लोग उनके इस कृत्य को गंभीरता से ले रहे हैं और उन्हें भविष्य में आने वाली संभावित कानूनी दिक्कतों के प्रति आगाह कर रहे हैं।

क्या फॉलोअर्स के लिए ऐसा करना सही है?

राजस्थान के बालोतरा से सामने आए अरविंद जोशी के मामले ने एक बार फिर सोशल मीडिया के दुरुपयोग पर बहस छेड़ दी है। महज 500 फॉलोअर्स को बढ़ाने और 'व्यूज' पाने की चाहत में एक टैक्सी चालक ने मोनालिसा के लापता होने की झूठी खबर फैला दी, जो अब उसके लिए गले की फांस बन गई है।

क्यों गलत है यह शॉर्टकट?

आज के डिजिटल युग में वायरल होने की होड़ इतनी बढ़ गई है कि लोग नैतिक और कानूनी सीमाओं को भूल रहे हैं। अरविंद का यह कृत्य कई कारणों से गंभीर चिंता का विषय है। बिना किसी आधार के सनसनीखेज दावे करना पुलिस और प्रशासन के लिए अनावश्यक सिरदर्द पैदा करता है।

मजाक की आड़ में किसी व्यक्ति या घटना पर झूठी अफवाह फैलाना IT Act और अन्य कानूनी धाराओं के तहत दंडनीय अपराध है, जिससे जेल तक हो सकती है। ऐसी खबरें समाज में भ्रम और डर का माहौल पैदा करती हैं, जिससे वास्तविक घटनाओं और सूचनाओं पर से जनता का विश्वास उठने लगता है।

जिम्मेदारी और मनोरंजन

अरविंद ने माफी तो मांग ली है, लेकिन कमेंट बॉक्स में मिल रही धमकियां और कानूनी कार्रवाई का डर यह स्पष्ट करता है कि डिजिटल साक्षरता की भारी कमी है। मनोरंजन के लिए कॉमेडी वीडियो बनाना गलत नहीं है, लेकिन किसी संवेदनशील मुद्दे या व्यक्ति के नाम का इस्तेमाल कर अफवाह उड़ाना एक गंभीर अपराध की श्रेणी में आता है।

सोशल मीडिया एक शक्तिशाली उपकरण है, खिलौना नहीं। फॉलोअर्स बढ़ाने के लिए झूठ का सहारा लेना न केवल अनैतिक है, बल्कि यह आपके करियर और स्वतंत्रता को भी खतरे में डाल सकता है। जैसा कि अरविंद के साथ हुआ, एक मिनट का वीडियो अब महीनों की मानसिक प्रताड़ना और कानूनी चक्कर का कारण बन सकता है।

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Published on:
13 Apr 2026 03:07 pm
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