Water Mafia in Rajasthan: राजस्थान में बालोतरा जिला मुख्यालय पर कानून और नियमों को ठेंगा दिखाते हुए बेखौफ माफिया ने अवैध जल कारोबार का जाल बिछा दिया है। नेशनल हाईवे- 325 के नीचे चोरी-छिपे पाइपलाइनें डालकर औद्योगिक इकाइयों तक पानी पहुंचाया जा रहा है।
Water Mafia in Rajasthan: राजस्थान में बालोतरा जिला मुख्यालय पर कानून और नियमों को ठेंगा दिखाते हुए बेखौफ माफिया ने अवैध जल कारोबार का जाल बिछा दिया है। नेशनल हाईवे- 325 के नीचे चोरी-छिपे पाइपलाइनें डालकर औद्योगिक इकाइयों तक पानी पहुंचाया जा रहा है। सड़क की मजबूती से लेकर नदी के प्राकृतिक स्वरूप तक पर खतरा मंडरा रहा है, लेकिन जिम्मेदार विभाग और प्रशासन खामोश बने हुए हैं।
जिले में जल माफियाओं की ओर से आसपास के कृषि कुओं से अवैध रूप से पाइपलाइनें बिछाकर औद्योगिक इकाइयों को जलापूर्ति करने के नए-नए हथकंडे अपनाए जा रहे हैं। इन माफियाओं को न तो कानून का भय है और न ही नियमों की परवाह। बिना किसी अनुमति के नेशनल हाईवे सड़क मार्ग के नीचे खुदाई कर पाइपलाइनें डाली जा रही हैं, जिससे सड़क की संरचना कमजोर हो रही है।
नेशनल हाईवे के नीचे से पानी की अवैध पाइपलाइनें बिछाने के कारण सड़क मार्ग खोखला हो रहा है, जो कभी भी बड़े हादसे का कारण बन सकता है। जल माफियाओं ने नेशनल हाईवे 325 तक को खोखला कर दिया है। इस मार्ग से प्रतिदिन हजारों वाहन गुजरते हैं, ऐसे में जरा-सी चूक जानलेवा साबित हो सकती है।
जल माफियाओं ने मरुगंगा कही जाने वाली लूणी नदी के मार्ग को भी अपने अवैध कारोबार का माध्यम बना लिया है। नदी की तलहटी को खोदकर पाइपलाइनें बिछा दी हैं, जिससे लूणी नदी का प्राकृतिक स्वरूप प्रभावित हो रहा है। पर्यावरणीय संतुलन पर भी इसका प्रतिकूल असर पड़ रहा है।
जल माफियाओं के हौसले इस कदर बुलंद हैं कि जरूरत पड़ने पर नेशनल हाईवे सहित अन्य सड़क मार्गों पर जेसीबी मशीन से खुदाई कर बेधड़क पाइपलाइनें डाल दी जाती हैं। बालोतरा के समीपवर्ती आसोतरा, बिठूजा, भिंडाकुआं, कीटनोद, सांकरणा सहित अनेक गांवों के कृषि कुओं से पानी की पाइपलाइनें बिछाई गई हैं।
यह पानी बालोतरा शहर के विभिन्न क्षेत्रों में बनाए गए बड़े-बड़े हौदों तक पहुंचाया जाता है, जहां से टैंकरों के जरिए औद्योगिक इकाइयों को सप्लाई किया जा रहा है। लंबे समय से चल रहे इस अवैध जल कारोबार के खिलाफ कोई ठोस कार्रवाई नहीं होने से संबंधित विभाग और प्रशासन पर भी कई सवाल खड़े हो रहे है।
नेशनल हाईवे के नीचे अवैध पाइपलाइनें बिछाना बेहद खतरनाक है। इससे सड़क कमजोर हो रही है और कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है। प्रशासन को तुरंत कार्रवाई करनी चाहिए।
लूणी नदी की तलहटी तक खुदाई कर पाइपलाइनें डालना पर्यावरण के साथ खिलवाड़ है। यह अवैध जल कारोबार लंबे समय से चल रहा है, लेकिन जिम्मेदार विभाग आंख मूंदे बैठे हैं।