
बाड़मेर. जिले की सभी 24 सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्रों पर पोस्टमार्टम को पहुंचने वाले शव को लेकर परिजनों को परेशानी हो रही है। चिकित्सा महकमे ने लाखों के भवन और धर्मशालाएं तो बना ली है लेकिन मोर्चरी के एक कक्ष को लेकर आज भी मोहताज है। कहीं रसोई तो कहीं खुले में ही पोस्टमार्टम हो रहा है। इसे रोजमर्रा का काम मानकर अधिकांश जगह ध्यान ही नहीं दिया जा रहा। मिट्टी की मिट्टी कर रही व्यवस्थाओं को सुधारने को लेकर गंभीरता की दरकार है।
चौहटन. सड़क हादसे, हत्या या आत्महत्याओं जैसे मामले हो या अस्पतालों में इलाज के दौरान होने वाली मौत की घटनाओं के बाद शव को अलग और सुरक्षित रखे जाने की समुचित सुविधाएं आज भी अस्पतालों में उपलब्ध नहीं है। समूचे उपखंड क्षेत्र में महज सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र चौहटन में मोर्चरी की व्यवस्था उपलब्ध है। वहीं सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र सेड़वा में एक अस्थायी मोर्चरी की व्यवस्था की हुई है। सीएचसी चौहटन में बनी मोर्चरी में भी बिजली और सफाई जैसी सुविधाएं नहीं है।
शिव-धर्मशाला की रसोई में होता है-पोस्टमार्टम
उपखंड मुख्यालय स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में मोर्चरी के अभाव में अस्पताल के सामने बनी धर्मशाला की रसोई में पोस्टमार्टम होता है । धर्मशाला की रसोई में शव रखा जाता है जिसमें बिजली की कोई व्यवस्था नहीं है तथा खिड़कियों की जाली भी टूटी हुई है।
बायतु-कवास, बाटाडु, गिड़ा में नहीं मोर्चरी
बायतु उपखण्ड मुख्यालय पर स्थित सीएचसी मे मोर्चरी बनी हुई है। कवास, बाटाडु व गिड़ा सीएचसी पर मोर्चरी की दरकरार है। बाटाडू व गिड़ा क्षेत्र से आने वाले शवो को बायतु स्थित सीएचसी मे लाकर शव को रखवाना पड़ता है। इस कारण शव का अंतिम संस्कार करने तक परिजनो को दो दिन तक का समय लग जाता है।
रामसर:वार्ड में करवाना पड़ता है पोस्टमार्टम
सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में मोर्चरी की व्यवस्था नहीं है। अस्पताल के परिसर में या फिर वार्ड में पोस्टमार्टम करवाया जाता है ।
गिड़ा. क्षेत्र के गिड़ा मुख्यालय पर प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र बने 18 साल हो गए फिर भी मोर्चरी नहीं है। यहां पर सुविधा नही होने पर या तो उसको बायतु ले जाना पड़ता हैं।
दस मोर्चरी का प्रस्ताव भेजा है
जिले में हाईवे के दस स्थानों पर मोर्चरी के लिए प्रस्ताव भेजा गया है। यहां मोर्चरी जरूरी है। इसके अलावा चिकित्सकों को निर्देशित किया गया है कि पोस्टमार्टम खुले में न करें।
- डा. कमलेश चौधरी, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी