शाब्दिक त्रुटि से वंचित हो रहे सैकड़ों पेंशनधारी
गडरारोड़.वृद्ध, दिव्यांग और बेसहारा लोग जो उम्रदराज, बीमार या कम पढ़े-लिखे हैं,उन्हें क्या मालूम कि उनके नाम में डबल ई लगेगा या आई। सत्तर साल की लीला को यह कहकर महीनों से टरकाया जा रहा है कि उसके नाम में डबल ई आ गया है और बीमार पत्तूराम को यह कह दिया कि यू नहीं डबल ओ होना चाहिए। ये सवाल करते हैं कि एेसा किया किसने, तो जवाब देने वाला कोई नहीं। गडरारोड़ के 800 से अधिक पेंशनर आठ माह से इससे परेशान है।
पेंशनर के नाम को लेकर दस्तावेज में ट्रेजरी या बैंक के स्तर पर गड़बड़ हुई है। पेंशनर अपनी समस्या लेकर पंचायत समिति में पहुंचते हैं तो यहां कहा जाता है कि बैंक की डायरी में यह परेशानी हुई है। बैंक वाले कहते है कि कोष कार्यालय के पीपीओ में यह परिवर्तन हो गया है। एेसे में चक्करघिन्नी बने पेंशनर इधर-उधर घूम रहे हैं।
इत्तीसी हथेली और उसमें फोड़ा- सामाजिक सुरक्षा की यह पेंशन पांच सौ से आठ सौ रुपए ही है। इतनी पेंशन के लिए दो-तीन चक्कर लगाने वाले ग्रामीणों का तो बस का किराया ही इसमें खर्च हो रहा है। पटवारी और ग्रामसेवक स्तर पर इस समस्या का समाधान नहीं हो रहा है।
ये कहां-कहां घूमेंगे- इसमें से अधिकांश वृद्ध और बीमार है। जिनके लिए आना-जाना मुश्किल है। उनको यह पेंशन राशि भी डाक से या बैंक से सीधी मिलती है। अब इनके लिए इन दस्तावेजों की त्रुटि को सुधारना प रेशानी भरा हो रहा है।
कार्मिक तय किया जाए- पेंशनर की इस समस्या के लिए कार्मिक तय कर लिया जाए। एेसे जितने भी मामले हैं उनकी सूची बनाकर इनकी त्रुटि एक साथ सही की जाए। आठ माह से भुगतान शेष है तो तुरंत करवाना चाहिए। इसके लिए उच्चाधिकारी भी निर्देशित करें। - रमेश चंडक, पूर्व सरपंच
छह माह से पेंशन बंद है
छह माह से पेंशन बंद है। कई बार चक्कर काट लिए हैं। परेशान हो गए। कोई जवाब नहीं मिल रहा है।- पत्तुराम मेघवाल, उतरबा
एसबीआइ शाखा में मामूली स्पेलिंग गलती के कारण पेंशन जमा नहीं हो पा रही है। आधार लिंक करवाने के बाद बैंक शाखा को नाम संशोधन कर देना चाहिए। बैंक खाते और पीपीओ नाम में थोड़ा अंतर होने पर भी पेंशन जमा नहीं हो रही है। आठ सौ से अधिक पेंशनधारियों की पेंशन जमा नहीं है।- बनवारीलाल मीणा, सब ट्रेजरी ऑफिसर रामसर