
बाड़मेर। प्रदेश की महत्वाकांक्षी पचपदरा रिफाइनरी में गैस और डीजल उत्पादन शुरू होने के बाद अब पेट्रोल उत्पादन की तैयारियां अंतिम दौर में पहुंच गई हैं। एचपीसीएल राजस्थान रिफाइनरी लिमिटेड (एचआरआरएल) ने 1 जुलाई से व्यावसायिक उत्पादन शुरू करने का लक्ष्य पहले ही तय कर रखा है। पेट्रोल उत्पादन शुरू होते ही अन्य पेट्रो उत्पादों का उत्पादन भी चरणबद्ध तरीके से आरंभ किया जाएगा।
इधर, रिफाइनरी के लोकार्पण को लेकर भी तैयारियां तेज हो गई हैं। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की बुधवार को रिफाइनरी के सीएमडी के साथ बैठक हो सकती है। सूत्रों के अनुसार रिफाइनरी का लोकार्पण 4 जुलाई को प्रधानमत्री कर सकते हैं, हालांकि अभी कार्यक्रम आधिकारिक रूप से जारी नहीं किया गया है।
संभावित जनसभा को ध्यान में रखते हुए रिफाइनरी क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत किया गया है। प्रस्तावित सभा स्थल पर अस्थायी पुलिस चौकी स्थापित कर सुरक्षा निगरानी बढ़ा दी गई है। इसके अलावा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अन्य विशिष्ट अतिथियों के आगमन के लिए तैयार किए गए हेलीपेड क्षेत्र की भी विशेष निगरानी की जा रही है। यहां सुरक्षा बलों की तैनाती बढ़ाने के साथ बाहरी लोगों की आवाजाही पर नजर रखी जा रही है।
पुलिस, खुफिया एजेंसियां और प्रशासनिक अधिकारी लगातार आपसी समन्वय के साथ तैयारियों को अंतिम रूप देने में जुटे हुए हैं। कार्यक्रम के संभावित रूट, पार्किंग व्यवस्था, यातायात प्रबंधन, बैठक क्षमता और सुरक्षा प्रोटोकॉल जैसे बिंदुओं पर विस्तृत योजना तैयार की जा रही है। अधिकारियों का प्रयास है कि अंतिम समय में किसी प्रकार की अव्यवस्था या सुरक्षा संबंधी चुनौती सामने न आए।
बीते दिनों रिफाइनरी में आग लगने की घटना के बाद जली हुई मशीनरी को दुरुस्त करने और शेष कार्यों को समयबद्ध तरीके से पूरा कराने के लिए मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास लगातार समीक्षा बैठकें कर रहे हैं। 20 अप्रेल 2026 को क्रूड डिस्टिलेशन यूनिट में लगी भीषण आग से प्रभावित इकाई की मरम्मत पूरी की जा चुकी है। 79,459 करोड़ रुपए की लागत से विकसित इस परियोजना में अब सभी उत्पाद इकाइयों को क्रमवार चालू करने की प्रक्रिया तेज कर दी गई है।
रिफाइनरी से व्यावसायिक उत्पादन शुरू होने के बाद राजस्थान और केंद्र सरकार को प्रतिवर्ष करीब 21 हजार करोड़ रुपए का राजस्व मिलने का अनुमान है। इसे पश्चिमी राजस्थान के लिए एक बड़े आर्थिक कॉरिडोर के रूप में देखा जा रहा है, जिससे पूरे प्रदेश को आर्थिक लाभ मिलेगा। रिफाइनरी के पूर्ण संचालन के बाद लगभग 10 हजार स्थायी प्रत्यक्ष रोजगार सृजित होने की संभावना है।
राजस्थान की यह पहली एकीकृत रिफाइनरी एवं पेट्रोकेमिकल परियोजना है। इसके पूरी क्षमता से शुरू होने पर न केवल पेट्रोलियम उत्पादों में आत्मनिर्भरता बढ़ेगी, बल्कि पश्चिमी राजस्थान में उद्योग, निवेश और रोजगार के नए अवसर भी पैदा होंगे।