-अखाड़ों का प्रदर्शन
बाड़मेर. मुहर्रम पर रविवार को अकीदतमंदों ने शहर में ताजिया निकाला। इस दौरान अखाड़ों का प्रदर्शन हुआ। ताजिया जिस मोहल्ले से निकला वहां देखने वालों की भीड़ उमड़ी। शहर के मुख्य मार्गों से ताजिया निकाला गया। जुलूस में मुस्लिम समाज के लोग उमड़े। ताजिया जुलूस मीनू स्ट्रीट, गांधी चौक, बावड़ी सब्जी मंडी होते हुए पुराना कोटवाल वास, पनघट रोड, तनसिंह सर्किल से सरदारपुरा, गेहूं रोड स्थित कब्रिस्तान के पास कर्बला मैदान पहुंचा। जहां ताजिये को दफनाया गया।
जिक्र ए शोहदाये कर्बला कार्यक्रम
इमाम हुसैन कर्बला के मैदान में मानवता और इस्लाम की हिफ ाजत के लिए शहीद हो गए। इमाम हुसैन से सारी दुनियां मोहब्बत करती है। यह बात इस्लामिक रिसर्च सेन्टर देहली के चेयरमैन मुफ्ती नबील अख्तर नियाजी ने पीर अहमदशाह जीलानी दरगाह मार्ग पर आयोजित जिक्र ए शोहदाये कर्बला कार्यक्रम के दौरान कही।
अखाड़े के सदस्यों ने जिक्र ए शोहदाये कर्बलाकिए। ताजिया जिस मोहल्ले से निकला वहां देखने वालों की भीड़ उमड़ पड़ी। शहर के मुख्य मार्गों से ताजिया निकाला गया। या अली, या हुसैन के बुलंद नारे लगाते हुए ताजिया जुलूस में हजारों मुस्लिम समाज के लोग उमड़ पड़े। ताजिया जुलूस मीनू स्ट्रीट, गांधी चौक, बावड़ी सब्जी मंडी होते हुए पुराना कोटवाल वास, पनघट रोड, तनसिंह सर्किल से सरदारपुरा, गेहूं रोड स्थित कब्रिस्तान के पास कर्बला मैदान पहुंचा, जहां ताजिये को दफनाया गया।
कार्यक्रम का आयोजन मुस्लिम युवा कमेटी की ओर से किया गया। विशिष्ट अतिथि आजादसिंह राठौड़ ने कहा कि बाड़मेर की कौमी एकता और यहां का भाईचारा एक मिसाल के तौर पर जाना जाता है। विशिष्ट अतिथि हजरत मौलाना सिकन्दर सिद्धिकी, बीकानेर के हजरत पीर सैयद जियाउल हसन कादरी,हजरत पीर सैयद जमील हसन, हजरत पीर सैयद मकबूल हसन कादरी, युवा कमेटी के सदर अबरार मोहम्मद, मुस्लिम इंतेजामिया कमेटी के सदर मोहम्मद मंजूर कुरेशी, जामा मस्जिद के पेश इमाम हाजी मौलाना लाल मोहम्मद सिद्धिकी ने भी संबोधित किया।