
Rajasthan Barmer Chinkara Poaching: बाड़मेर जिले के धनाऊ थाना क्षेत्र में वन्यजीवों के शिकार का मामला सामने आया है। शुक्रवार रात शिकारियों ने दो चिंकारों का शिकार कर दिया। आरोपियों ने शिकार के बाद चिंकारे को पेड़ पर लटका दिया। तीसरे चिंकारे का शिकार करने की कोशिश के दौरान पशुओं के शोर मचाने से ग्रामीण जाग गए। ग्रामीणों ने शिकारियों को ललकारा और उनका पीछा किया, लेकिन अंधेरे का फायदा उठाकर आरोपी भाग निकले। मामले में वन विभाग ने तीन आरोपियों को हिरासत में लिया है। उनसे पूछताछ की जा रही है।
घटना चौहटन क्षेत्र के नेहरों की नाड़ी और बिसारणिया गांव की सरहद में शुक्रवार रात करीब 12 बजे की है। ग्रामीणों के अनुसार, शिकारी अपने साथ लोहे का एक डिब्बा लेकर आए थे। इसमें कुछ रहस्यमयी सामान डालकर आवाज निकाली जा रही थी। इस आवाज के जरिए हिरणों को अपनी ओर आकर्षित करने का प्रयास किया जा रहा था। डिब्बे से लगातार आ रही आवाज सुनकर बाड़े में बंधी गाय और भैंस घबराकर इधर-उधर भागने लगीं और चिल्लाने लगीं। पशुओं का शोर सुनकर कंवराराम सहित अन्य ग्रामीणों की नींद खुल गई।
पशुओं की आवाज सुनकर ग्रामीण घरों से बाहर निकले तो उन्हें शिकारियों की गतिविधियों का पता चला। ग्रामीणों ने शिकारियों को ललकारा, लेकिन आरोपियों ने कोई जवाब नहीं दिया। इसके बाद ग्रामीणों ने उनका पीछा किया, लेकिन अंधेरे के कारण वे पकड़ में नहीं आए। लगातार हो रहे वन्यजीवों के शिकार से नाराज वन्यजीव प्रेमी और ग्रामीण शुक्रवार रात से धरने पर बैठे हैं। वे शिकारियों की जल्द गिरफ्तारी की मांग कर रहे हैं।
बाड़मेर वन विभाग के अनुसार, शुक्रवार रात दूरभाष के माध्यम से नेहरों की नाड़ी क्षेत्र की सरहद में चिंकारे के अवैध शिकार की सूचना मिली। सूचना पर क्षेत्रीय वन अधिकारी चौहटन पदमकिशोर खीमावत टीम के साथ मौके पर पहुंचे और घटनास्थल का निरीक्षण किया। इस दौरान दो मृत चिंकारे मिले। वन विभाग ने दोनों को राजकीय अभिरक्षा में लेकर पोस्टमार्टम के लिए बाड़मेर भिजवाया और आवश्यक कार्रवाई शुरू की।
प्रकरण में संलिप्त पाए जाने पर शनिवार को उम्मेदाराम पुत्र भगाराम और गणपत पुत्र भगाराम निवासी हरदानपुरा तथा बंशीलाल पुत्र मोहनलाल, जाति भील, निवासी आदर्श कातरला को हिरासत में लिया गया। वन विभाग के अनुसार, पूछताछ में आरोपियों ने लाठियों से चिंकारों का शिकार करना बताया है। घटनास्थल से आवश्यक साक्ष्य जुटाए गए हैं। वन्यजीव संरक्षण अधिनियम, 1972 के प्रावधानों के तहत दोषियों के विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी।
कार्रवाई करने वाली टीम में क्षेत्रीय वन अधिकारी चौहटन पदमकिशोर खीमावत, क्षेत्रीय वन अधिकारी बायतु रूपाराम बिश्नोई, वनपाल सुरेश कुमार श्याम, गीता, वनरक्षक प्रकाश भाई कोचरा, विजयकुमार, तेजाराम, उदयकुमार, राधा और तुलसी शामिल रहे।