
बालोतरा.
राज्य में चिकित्सकों की प्रदेश व्यापी हड़ताल के चौथे दिन भी शहर व क्षेत्र के चिकित्सक काम पर नहीं लौटे। इस पर उपचार को लेकर मरीजों को परेशानी उठानी पड़ी। चिकित्सा विभाग ने नगर के राजकीय नाहटा चिकित्सालय में मेडिकल कॉलेज से तीन चिकित्सकों को नियुक्त किया। इस पर मरीजों ने कुछ राहत महसूस की। इस दिन निजी चिकित्सकों ने चिकित्सा मंत्री के नाम उपखंड अधिकारी को ज्ञापन सौंप सरकारी चिकित्सकों की मांगों का समर्थन किया। काली पट्टी बांध विरोध किया।
चिकित्सकों की जारी प्रदेश व्यापी हड़ताल पर शहर व क्षेत्र के मरीज राहत को तरस गए हैं। हर दिन हजारों मरीजों को परेशानी उठानी पड़ रही है। हड़ताल के चौथे दिन गुरुवार को नाहटा चिकित्सालय में दस आयुष व आयुर्वेद चिकित्सकों ने सेवाएं दी। चिकित्सा विभाग ने इस दिन मेडिकल कॉलेज से तीन चिकित्सकों को वैकल्पिक व्यवस्था के लिए नियुक्त किया। इस पर उपचार के लिए पहुंचे मरीजों ने कुछ राहत महसूस की। चिकित्सकों ने 206 मरीजों का उपचार किया। दो प्रसव भी करवाए। वहीं निजी चिकित्सक वीरेन्द्र गांधी ने एक शव का पोस्टमार्टम किया। वहीं इस दिन निजी चिकित्सालयों के चिकित्सकों ने सरकारी चिकित्सकों की मांगों का समर्थन करते हुए काली पट्टी बांध कर विरोध किया। इण्डियन मेडिकल एसोसियशन शाखा बालोतरा के पदाधिकारियों व सदस्यों ने चिकित्सा मंत्री के नाम उपखंड अधिकारी को ज्ञापन सौंपा। इसमें उन्होंने कहा कि प्रशासन ने उनकी बगैर स्वीकृति निजी चिकित्सालयों में सरकारी पर्ची पर मरीजों को देखने के आदेश स्वीकृत किए हैं। इसका वे विरोध करते हंै।
समदड़ी. प्रदेश में चिकित्सकों की जारी हड़ताल पर कस्बे व ग्रामीण क्षेत्रों के चिकित्सालयों में उपचार की व्यवस्था चरमरा गई है। मरीज उपचार के लिए भटक रहे हंै। चिकित्सा विभाग ने कस्बे के चिकित्सालय में वैकल्पिक व्यवस्था के लिए अजीत, करमावास, कोटड़ी में कार्यरत आयुष चिकित्सकों को लगाया, लेकिन इनकी लिखी आयुर्वेद दवाइयां उपलब्ध नहीं होने पर मरीज राहत को तरस गए हैं। गत तीन दिनों में मात्र 63 मरीज ही उपचार के लिए चिकित्सालय पहुंचे। आयुष चिकित्सक विजयसिंह ने बताया कि जांच के बाद मरीजों को बावड़ी चौक स्थित आयुर्वेद अस्पताल में भेज रहे हैं। वहाँ दवा नि:शुल्क उपलब्ध है। निप्र.