बाड़मेर

राजस्थान: बालोतरा में सिवाना के कुमटाल दुर्ग की तलहटी में बनेगा ऐतिहासिक पैनोरमा, पर्यटन और विकास को मिलेगा बढ़ावा

कुमटाल दुर्ग की तलहटी में ऐतिहासिक पैनोरमा बनेगा। इससे पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा, स्थानीय रोजगार बढ़ेंगे और क्षेत्र के विकास को नई गति मिलेगी।
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Apr 05, 2026
Rajasthan Barmer Panorama at Kumtal Fort foothills in Siwana to boost tourism jobs and regional development
पैनोरमा एवं म्यूजियम निर्माण की योजना को लेकर निरीक्षण करते हुए (फोटो- पत्रिका)

सिवाना: बालोतरा जिले में सिवाना के समृद्ध इतिहास और गौरवशाली विरासत को संरक्षित करने को लेकर राज्य सरकार की ओर से सिवाना दुर्ग की तलहटी में पैनोरमा निर्माण की पहल की जा रही है। इसी कड़ी में शनिवार को राजस्थान धरोहर प्राधिकरण के अध्यक्ष ओंकार सिंह लखावत ने सिवाना में प्रस्तावित निरीक्षण किया।

मंत्री लखावत ने सिवाना के कुमटाल दुर्ग की तलहटी में प्रस्तावित पैनोरमा स्थल का अवलोकन कर संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने परियोजना को समयबद्ध एवं गुणवत्तापूर्ण ढंग से पूर्ण करने के लिए प्रारंभिक तैयारियों की विस्तृत समीक्षा भी की।

इतिहास को मिलेगा जीवंत स्वरूप

मीडिया से बातचीत में लखावत ने कहा कि सिवाना ऐतिहासिक दृष्टि से राष्ट्र रक्षा का प्रमुख केंद्र रहा है। यहां के दुर्ग, पहाड़ों और वीर योद्धाओं ने परकीय आक्रमणों के समय अपनी अस्मिता, धर्म, शासन और जीवन पद्धति की रक्षा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

उन्होंने कहा कि पैनोरमा के माध्यम से सिवाना के इतिहास के प्रमुख घटनाक्रमों और उपलब्ध साक्ष्यों को आधुनिक रूप में प्रदर्शित किया जाएगा, जिससे नई पीढ़ी को प्रेरणा मिल सके। लखावत ने कहा कि जैसे महाराणा प्रताप का स्मरण होते ही हल्दीघाटी की याद आती है, उसी प्रकार सिवाना को भी इतिहास के एक महत्वपूर्ण केंद्र के रूप में स्थापित किया जाएगा।

उन्होंने बताया कि छप्पन के पहाड़ सहित इस क्षेत्र ने भी संघर्ष में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई और वीर योद्धाओं ने परकीय शक्तियों का सामना करते हुए बलिदान दिया। पैनोरमा में इन सभी प्रमुख ऐतिहासिक घटनाओं को दर्शाया जाएगा।

नागाणा माता मंदिर में पैनोरमा और म्यूजियम निर्माण की योजना

कल्याणपुर क्षेत्र में राजस्थान धरोहर प्राधिकरण के अध्यक्ष ओंकार सिंह लखावत ने नागाणा माता मंदिर में दर्शन करने के साथ ही मंदिर परिसर में पैनोरमा एवं म्यूजियम निर्माण की योजना को लेकर निरीक्षण किया।

उन्होंने बताया कि राठौड़ राजपूतों की कुलदेवी के रूप में प्रसिद्ध मंदिर का इतिहास 700 वर्षों से अधिक पुराना है। उन्होंने प्रस्तावित पैनोरमा और म्यूजियम निर्माण से क्षेत्र में पर्यटन और श्रद्धालुओं के आकर्षण में वृद्धि होने की संभावना जताई।
सुल्तान सिंह चारण ने बताया कि लखावत का नागाणा धाम व कल्याणपुर में अभिनंदन किया गया।

इस दौरान भाजपा प्रदेश कार्य समिति सदस्य शमीम खान, कल्याणपुर प्रशासक दौलाराम कुआं, कमलेश पटेल, चनणाराम पटेल, बालुदान थुम्बली, सुजाराम पटेल, सज्जन सिंह नागाणा, नाथूसिंह देवरिया सहित कई लोगों ने लखावत का स्वागत किया। उन्होंने मंदिर को लेकर जानकारी भी साझा की।

4 करोड़ की लागत, जल्द शुरू होगी प्रक्रिया

लखावत ने बताया कि राज्य सरकार ने पैनोरमा निर्माण को लेकर स्वीकृति दे दी है, जिस पर लगभग 4 करोड़ रुपए खर्च होंगे। भूमि का कब्जा मिल चुका है और आगामी एक माह में टेंडर प्रक्रिया प्रारंभ कर समयबद्ध तरीके से कार्य शुरू किया जाएगा।

उन्होंने कहा कि पूर्व में भी विधायक हमीर सिंह भायल ने प्रयास किए थे, लेकिन भूमि वन क्षेत्र में दर्ज होने के कारण कार्य संभव नहीं हो पाया था। वहीं विधायक हमीरसिंह भायल ने कहा कि सरकार आमजन के हित में कार्य कर रही है और क्षेत्र के विकास के लिए निरंतर प्रयासरत है।

पर्यटन व विकास को मिलेगा बढ़ावा

उन्होंने सिवाना को इतिहास, पर्यटन और राष्ट्रभक्ति का प्रमुख केंद्र बनाने की मंशा व्यक्त करते हुए कहा कि यहां आने वाले लोग राष्ट्रभक्ति का पाठ सीख सकेंगे। इस दौरान जनप्रतिनिधियों एवं अधिकारियों के साथ स्थानीय ऐतिहासिक महत्व, पर्यटन संभावनाओं और क्षेत्रीय विकास को लेकर विस्तृत चर्चा की गई।

लखावत ने क्षेत्र के नागरिकों, इतिहासकारों और बुद्धिजीवियों से अपील की कि यदि उनके पास सिवाना के इतिहास से जुड़ी प्रामाणिक जानकारी हो तो उसे साझा करें, ताकि पैनोरमा में उसे शामिल कर आमजन तक पहुंचाया जा सके।

Updated on:
05 Apr 2026 12:24 pm
Published on:
05 Apr 2026 12:24 pm