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संसद में गूंजा JJM का मुद्दा: MP उम्मेदाराम बेनीवाल बोले- 5% घरों तक भी पानी नहीं पहुंच रहा, पाइपलाइन बिछी पर नल सूखे

Jal Jeevan Mission: सांसद उम्मेदाराम बेनीवाल ने लोकसभा में जल जीवन मिशन पर सवाल उठाए। बाड़मेर-जैसलमेर में पाइपलाइन के बावजूद पानी नहीं आ रहा। अधूरे काम और अनियमितताओं के आरोप लगाते हुए जांच व कार्रवाई की मांग की।

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Ummedaram Beniwal raises JJM issue in Parliament Water reaches 5 Percent homes pipelines laid but taps run

सांसद उम्मेदाराम बेनीवाल (फोटो पत्रिका नेटवर्क)

MP Ummedaram Beniwal: बाड़मेर: लोकसभा में गुरुवार को शून्यकाल के दौरान सांसद उम्मेदाराम बेनीवाल ने प्रदेश सहित संसदीय क्षेत्र बाड़मेर, जैसलमेर और बालोतरा जिले में केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी योजना जल जीवन मिशन के क्रियान्वयन को लेकर सवाल उठाए। क्षेत्र में गहराते जल संकट का मुद्दा उठाते हुए योजना में व्यापक अनियमितताओं, करोड़ों रुपयों की बर्बादी और घोटाले के आरोप लगाए।

गौरतलब है कि राजस्थान पत्रिका लगातार जल जीवन मिशन के मुद्दे को प्रमुखता से उठाता रहा है। सांसद उम्मेदाराम बेनीवाल ने कहा कि वर्ष 2019 में 'हर घर स्वच्छ जल' के उद्देश्य से शुरू की गई इस योजना का लक्ष्य 2024 तक हर ग्रामीण घर तक नल से जल पहुंचाना था, लेकिन जमीनी स्थिति बेहद चिंताजनक है।

पाइपलाइन बिछाई, पानी की आपूर्ति नहीं

कागजों में 70 से 80 प्रतिशत कार्य पूर्ण दर्शाया जा रहा है, जबकि वास्तविकता इससे बिल्कुल अलग है। कई गांवों में पाइपलाइन बिछाई गई है, लेकिन उनमें पानी की आपूर्ति नहीं हो रही है। बाड़मेर, जैसलमेर और बालोतरा जिले के ग्रामीण क्षेत्रों में केवल पाइपलाइन डालकर कार्य पूर्ण दिखाया गया। जबकि जल स्रोत और सप्लाई व्यवस्था अधूरी है।

कई स्थानों पर काम अधूरे

कई स्थानों पर टंकियां, पंपिंग सिस्टम या तो अधूरे हैं या चालू नहीं हो पाए हैं। वहीं, कई जगह पाइपलाइन क्षतिग्रस्त या अनुपयोगी हो चुकी है। जहां 70-80 प्रतिशत कनेक्शन पर नियमित जल आपूर्ति का दावा किया जा रहा है, वहां 5 प्रतिशत घरों तक भी पानी नहीं पहुंच पा रहा है।

ग्रामीणों को टैंकरों या दूरदराज के जल स्रोतों पर निर्भर रहना पड़ रहा है, जिससे आर्थिक बोझ भी बढ़ रहा है। सांसद ने केंद्र सरकार से योजना की विशेष समीक्षा, उच्च स्तरीय जांच और दोषी अधिकारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है।

केंद्र सरकार ने यह दिए थे निर्देश

पाइपगत जलापूर्ति योजना बनाएं, आर्सेनिक और फ्लोराइड प्रभावित क्षेत्रों में सामुदायिक जलशोधन यंत्र (सीडब्ल्यूपीपी) स्थापित करें और प्रति व्यक्ति प्रतिदिन पाइप लाइन से 8 से 10 लीटर पानी उपलब्ध करवाएं।

नहीं मिला नहरी जल

जलजीवन मिशन को लेकर बाड़मेर, जैसलमेर और बालोतरा जिला अभी फिसड्डी स्थिति में है। यहां दूर गांव ढाणियों में पानी नहीं पहुंचा है। दूरस्थ इलाका और नहरी जल की उपलब्धता नहीं होने से मिशन के तहत हर घर नल का सपना अभी भी अधूरा है।

रेगिस्तान में ‘जल जीवन मिशन’ हांफता, 5 साल में सिर्फ 21% प्रगति

रेगिस्तानी बाड़मेर में बहुप्रतीक्षित जल जीवन मिशन अब धीमी रफ्तार के कारण दम तोड़ता नजर आ रहा है। पांच वर्षों से चल रही इस महत्वाकांक्षी योजना की जमीनी हकीकत यह है कि अब तक कुल लक्ष्य का महज 21.27 फीसदी ही कार्य पूरा हो सका है। ऐसे में ग्रीष्म ऋतु की दस्तक के साथ ही हजारों ग्रामीण परिवारों के सामने पेयजल संकट की आशंका गहरा गई है।

योजना के तहत हर घर नल से जल पहुंचाने का लक्ष्य रखा गया था। लेकिन 2,66,333 परिवारों में से अब तक केवल 58,214 घरों तक ही कनेक्शन पहुंच पाए हैं, जो करीब 21.30 प्रतिशत है। अगस्त 2019 तक यह आंकड़ा मात्र 2.35 फीसदी था, जिससे साफ है कि प्रगति अपेक्षित गति से बहुत पीछे चल रही है।

एक नजर में प्रोजेक्ट की स्थिति

  • लघु योजनाएं: 82.72 करोड़, 64 गांव - वित्तीय प्रगति 44.97 करोड़, जल कनेक्शन 91.26%
  • बाड़मेर लिफ्ट परियोजना पार्ट A: 212.83 करोड़, 99 गांव - वित्तीय 144.21 करोड़, जल प्रगति 37.10%
  • पार्ट B: 155.17 करोड़, 84 गांव - वित्तीय 86.30 करोड़, जल प्रगति 44.50%
  • पार्ट C: 440 करोड़, 346 गांव - वर्क ऑर्डर जारी
  • पोकरण-फलसूंड-बालोरा-सिवाना (पार्ट 4): 239.43 करोड़, 10 गांव - 100% प्रगति
  • नर्मदा नहर आधारित रामसर-गडरारोड़: 167.25 करोड़, 217 गांव - 99.48% प्रगति
  • नर्मदा आधारित गुड़ामालानी-चौहटन: 3197.34 करोड़, 822 गांव - टेंडर प्रक्रिया में
  • कुल: 4494.76 करोड़, 1642 गांव - 389.82 करोड़ व्यय, 21.27% प्रगति

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