बाड़मेर

Rajasthan Water Crisis: 280 गांवों और 800 ढाणियों की प्यास फाइलों में अटकी, कहीं वॉल नहीं तो कहीं पंप हाउस का काम बाकी

Rajasthan Water Crisis: बाड़मेर में 280 गांव और 800 ढाणियों की पेयजल समस्या फाइलों में अटकी है। टैंकर जलापूर्ति के टेंडर के बावजूद स्वीकृति नहीं मिली। कई जगह नल हैं पर पानी नहीं, पाइपलाइन और पंप हाउस अधूरे हैं।

2 min read
Apr 10, 2026
(Photo Patrika)

Barmer Water Crisis: गडरारोड (बाड़मेर): जिले के 280 गांवों और 800 ढाणियों की प्यास सरकारी फाइलों में अटक कर रह गई है। टैंकरों से जलापूर्ति को लेकर फाइल तो चली, लेकिन टेंडर नहीं होने से पानी इन गांवों तक नहीं पहुंच रहा है।

अप्रैल में ही गर्मी के हालात होने से मई-जून की चिंता ने ग्रामीणों और पशुपालकों को परेशान कर रखा है। इंतजार है तो बस इतना कि कब फाइल आगे बढ़ेगी और कब गांव-ढाणियों में पानी पहुंचेगा।

ये भी पढ़ें

पाक तस्करों का ‘वफादार’ निकला बाड़मेर का सलमान और शंकराराम, जैसलमेर से गुजरात तक फैलाया ड्रग्स तस्करी का जाल, उगले बड़े राज

कहीं वॉल नहीं तो कहीं पंप हाउस का काम बाकी

ग्रामीण क्षेत्रों में पेयजल आपूर्ति की स्थिति अच्छी नहीं है। जलदाय विभाग की योजनाओं के साथ जनता जल मिशन के तहत घर-घर नल पहुंचाने का कार्य चल रहा है। हालांकि, कई जगह नल पहुंच गए लेकिन पानी नहीं पहुंचा। कई जगह योजना के तहत पाइप लाइन नहीं बिछी है तो कई जगह निर्माण कार्य रफ्ता-रफ्ता चल रहा है। कहीं वॉल का अभाव है तो कहीं पंप हाउस का निर्माण कार्य पूरा नहीं हो पाया है। ऐसे में सामान्य दिनों में भी पानी को लेकर लोगों को बड़ी परेशानियां उठानी पड़ती है।

गडरारोड उपखंड में हालत खराब

तेज गर्मी में इनकी दिक्कतें कई गुना अधिक बढ़ जाती हैं। गडरारोड उपखंड सहित सीमावर्ती क्षेत्रों के सैकड़ों गांवों में पेयजल आपूर्ति की स्थिति बेहद खराब बनी हुई है। सप्ताह में एक बार या 10 दिन के अंतराल से कम प्रेशर में पानी की आपूर्ति होने के कारण लोगों को रोजमर्रा की जरूरतों के लिए भी पानी के लिए जूझना पड़ रहा है। ग्रामीणों और पशुपालकों को गर्मी के बढ़ते असर के साथ और अधिक परेशानी होने की आशंका है।

टैंकरों से जलापूर्ति शुरू नहीं

हर गर्मी में सरकार के निर्देश पर जलदाय विभाग पेयजल से प्रभावित गांवों, ढाणियों में टैकरों से जलापूर्ति करता है। इससे ग्रामीणों, पशुपालकों को कम से कम परेशानियां हों। जिले में 280 गांवों, 800 ढाणियों में टैंकरों से जलापूर्ति प्रस्तावित है।
जलदाय विभाग ने टेंडर प्रक्रिया पूरी कर प्रस्ताव जिला प्रशासन को भिजवाया। लेकिन अब तक स्वीकृति नहीं मिल पाई है। इससे टैंकरों से शुरु नहीं हुई जलापूर्ति पर ग्रामीणों, पशुपालकों की चिंता बढ़ गई है।

लोगों की पीड़ा स्थिति दिन-ब-दिन गंभीर होती जा रही है। पेयजल को लेकर बहुत परेशान हैं। प्रशासन शीघ्र टैंकरों से जलापूर्ति प्रारंभ करे। इससे कुछ राहत मिले।
-प्रतापराम मेघवाल ,मिसरी की ढाणी

फतु की ढाणी और मीनाणी में केवल नल लगे हैं। लेकिन पानी नहीं आता, जिससे बहुत परेशान है। टैंकरों से जलापूर्ति शुरु करवाएं।
-हबीब खान, ग्रामीण

कई गांवों में आज भी लोग बेरियों से पानी निकालकर गुजारा कर रहे हैं। गर्मी पर इनमें भी पानी कम होने से परेशान हैं।
-गेन सिंह सोढ़ा, ग्रामीण डीएनपी क्षेत्र

सप्ताह में एक बार आने वाले पानी से आधे घरों तक भी पर्याप्त जल नहीं पहुंचता, जिससे लोगों को अपनी बारी का इंतजार करना पड़ता है।
-बैण सिंह, ग्रामीण

टेंडर प्रक्रिया पूरी, प्रस्ताव भेजा

टेंडर प्रक्रिया पूरी कर प्रस्ताव जिला कलक्टर कार्यालय को भेज दिया गया है। शीघ्र स्वीकृति मिलने की उम्मीद है।
-हजारीराम बालवा, अधीक्षण अभियंता, जलदाय विभाग बाड़मेर

ये भी पढ़ें

Pachpadra Refinery: PM मोदी के आगमन से पहले पचपदरा रिफाइनरी पर हाई अलर्ट, संभागीय आयुक्त ने संभाली कमान
Updated on:
11 Apr 2026 11:35 am
Published on:
10 Apr 2026 11:32 am
Also Read
View All