
बाड़मेर. सरकारी नौकरी पाने की कोशिशों में नाकामी, दवा सप्लाई के कारोबार से सीमित कमाई और ज्यादा मुनाफे का लालच। इसी राह से गुजरते हुए एक युवक नशे के अवैध कारोबार में उतर गया। आरोप है कि उसने यूट्यूब वीडियो देखकर एमडी ड्रग्स बनाने का तरीका सीखा और बालोतरा जिले के मिठौड़ा गांव स्थित अपने घर को ही इसका ठिकाना बना लिया। यहां तैयार की गई एमडी की सप्लाई के लिए उसने अपने संपर्को का इस्तेमाल किया। एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स (एएनटीएफ) ने सिवाना थाना क्षेत्र में दबिश देकर शुक्रवार को कथित ड्रग्स फैक्ट्री का पर्दाफाश किया।
मौके से कच्ची एमडी, रासायनिक पदार्थ और उपकरण बरामद किए गए। एएनटीएफ उप महानिरीक्षक पुलिस अभिजीत सिंह ने बताया कि मिठौड़ा में एमडी बनाने के ठिकाने की सूचना पर टीम ने स्थानीय पुलिस के साथ दबिश दी। पुलिस ने सुरेश कुमार विश्नोई (27) पुत्र किशनाराम, निवासी मिठौड़ा, जिला बालोतरा, डॉ. मुकेश विश्नोई (29) पुत्र लादूराम, उत्कर्ष विश्नोई (19) पुत्र रामनिवास, निवासी मोदरान, थाना रामसीन, जिला जालोर को गिरफ्तार किया है। कार्रवाई में एएनटीएफ टीमों के साथ सिवाना थाना पुलिस की भूमिका रही।
एएनटीएफ के अनुसार, मिठौड़ा निवासी सुरेश कुमार विश्नोई (27) ने स्नातक की पढ़ाई के बाद पटवारी, ग्रामसेवक, राजस्थान पुलिस, वनरक्षक और पुलिस उपनिरीक्षक सहित विभिन्न सरकारी भर्तियों के लिए प्रयास किए, लेकिन सफलता नहीं मिली। इसके बाद वर्ष 2022 में वह अपने दोस्त के साथ बेंगलुरु में दवा सप्लाई यानी मेडिकल रिप्रेजेंटेटिव का काम करने लगा। करीब दो वर्ष तक इस कारोबार से जुड़ा रहने के बाद उसे कमाई सीमित लगने लगी।
पुलिस के अनुसार, वर्ष 2024 में गांव लौटने के बाद सुरेश कुमार परिचित तस्करों के संपर्क में आया। अधिक मुनाफे के लालच में वह एमडी की खरीद-फरोख्त और सप्लाई करने लगा। बाद में उसने खुद एमडी तैयार कर बेचने की योजना बनाई। आरोप है कि उसने सोशल मीडिया और यूट्यूब पर वीडियो देखकर एमडी बनाने का तरीका सीखा और घर पर ही रासायनिक पदार्थों व उपकरणों की मदद से इसे तैयार करने लगा।
एएनटीएफ के मुताबिक, सुरेश कुमार ने एमडी की खेप बेचने के लिए अपने परिचित डॉ. मुकेश विश्नोई और उत्कर्ष विश्नोई को मिठौड़ा स्थित घर बुलाया था। दोनों कार लेकर वहां पहुंचे थे। आरोप है कि डॉ. मुकेश विश्नोई के संपकों के जरिए सुरेश जालोर और सिवाना के आसपास एमडी की सप्लाई करता था। सुरेश ने पूछताछ में अपने साथियों और अन्य तस्करों के माध्यम से एमडी सप्लाई करने की बात बताई।
एएनटीएफ टीम को सूचना मिली थी कि सुरेश कुमार ने अपने घर के पास एमडी बनाने का ठिकाना बना रखा है। सूचना की पुष्टि के बाद टीम ने स्थानीय पुलिस को साथ लेकर दबिश दी। घर के बाहर बने छपरे में तीन व्यक्ति बैठे मिले। पुलिस ने उनकी पहचान सुरेश कुमार विश्नोई, डॉ. मुकेश विश्नोई और उत्कर्ष विश्नोई के रूप में की। मकान और आसपास के परिसर की तलाशी में कच्ची एमडी, रासायनिक पदार्थ और इसे बनाने व सुखाने में इस्तेमाल होने वाले उपकरण मिले। पुलिस ने तीनों को गिरफ्तार कर बरामद सामग्री जब्त कर ली।
कार्रवाई में पैकेजिंग सहित कुल 3.764 किलोग्राम कच्ची एमडी बरामद हुई। इसके अलावा एमडी बनाने में प्रयुक्त बताए गए पाउडर के दो पैकेट मिले, जिनका कुल वजन प्लास्टिक थैली सहित 888 ग्राम है। मिथाइलीन डाई क्लोराइड (एमडीसी) 800 ग्राम और आइसोप्रोपाइल एसिड 514 ग्राम भी जब्त किया गया। मौके से एक इलेक्ट्रिक बिलौना मशीन, इलेक्ट्रिक इंडक्शन चूल्हा, बड़ा कांच का जार, थर्मामीटर और एमडी सुखाने में इस्तेमाल होने वाला पदार्थ लगा कपड़ा भी बरामद हुआ। इसके साथ 3.41,700 रुपए नकद और किआ सेल्टोस कार (आरजे-19-सीटी-10351) जब्त की गई।