Panch Gaurav : एक जिला-एक उपज के तहत ईसबगोल बाड़मेर की पहचान बनेगा। ईसबगोल की खेती से किसानों की तकदीर संवरेगी। जानें कैसे?
Panch Gaurav : बाड़मेर जिले में ‘पंच गौरव’ कार्यक्रम के अंतर्गत 'एक जिला-एक उपज' योजना में ईसबगोल को बढ़ावा देने के उद्देश्य से जिला प्रशासन और उद्यान विभाग के संयुक्त तत्वावधान में आत्मा सभागार में कृषि प्रदर्शनी और कृषक-वैज्ञानिक संवाद का आयोजन किया गया।
इस कार्यक्रम में किसानों को आधुनिक तकनीक, उन्नत बीज और वैज्ञानिक पद्धतियों से खेती करने की जानकारी दी गई। मुख्य अतिथि अतिरिक्त जिला कलेक्टर राजेंद्र सिंह चांदावत ने कहा कि किसान नवीनतम तकनीक अपनाकर कम पानी में भी अधिक उत्पादन ले सकते हैं। उन्होंने किसानों को मिट्टी और पानी की जांच करवाने और कृषि वैज्ञानिकों से नियमित परामर्श लेने की सलाह दी। इस अवसर पर ‘पंच गौरव-एक जिला एक उपज ईसबगोल’ पुस्तिका का विमोचन भी किया गया।
कृषि विभाग के संयुक्त निदेशक केदार प्रसाद शर्मा ने बताया कि पंच गौरव कार्यक्रम राजस्थान सरकार की पहल है, जिसका उद्देश्य प्रत्येक जिले की विशिष्ट पहचान को सुरक्षित और विकसित करना है।
उद्यान विभाग के सहायक निदेशक मोहनलाल वर्मा ने कहा कि ईसबगोल की उन्नत किस्मों के प्रदर्शन से उत्पादन बढ़ेगा और किसानों की आय में सुधार होगा। जैविक और प्राकृतिक खेती से पर्यावरण और मिट्टी का स्वास्थ्य भी बेहतर होगा।
कृषि विज्ञान केंद्र दांता के प्रमुख वैज्ञानिक डॉ. विनय कुमार ने प्राकृतिक और जैविक खेती की विस्तृत जानकारी दी। वहीं डॉ. बुधाराम मोरवाल, डॉ. श्यामदास और डॉ. रणवीर सिंह राजपुरोहित ने ईसबगोल की खेती, रोग-कीट प्रबंधन और इसके औषधीय महत्व पर प्रकाश डाला।
कार्यक्रम में प्रगतिशील किसान डॉ. देवाराम पंवार ने समन्वित कृषि और पशुपालन प्रबंधन के अनुभव साझा करते हुए किसानों को टिकाऊ खेती की दिशा में आगे बढ़ने का आह्वान किया।