बाड़मेर में मतदाता विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को लेकर बड़ा विवाद सामने आया है। चौहटन, गुड़ामालानी और बायतु में बीएलए के नाम से फर्जी फॉर्म-7 भरने के आरोप लगे हैं। एक ही नाम से अलग-अलग हस्ताक्षर, बिना तारीख और नियमों से अधिक आवेदन मिलने पर जांच शुरू की गई है।
Rajasthan SIR: मतदाता विशेष गहन पुनरीक्षण कार्यक्रम (एसआईआर) को लेकर बाड़मेर जिले में सियासी और प्रशासनिक हलचल तेज हो गई है। कांग्रेस जहां लंबे समय से मतदाता सूची से नाम काटे जाने का आरोप लगाते हुए धरना प्रदर्शन और ज्ञापन सौंप रही है। वहीं, प्रशासन लगातार दावा कर रहा है कि बिना जांच किसी का नाम नहीं काटा जा रहा है। इस बीच चौहटन, गुड़ामालानी और बायतु क्षेत्र के सामने आए कुछ मामलों ने एसआईआर की प्रक्रिया पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
चौंकाने वाली बात यह है कि जिन बीएलए के नाम से फॉर्म-7 जमा कराए गए हैं, उनमें से कुछ ने खुद ही बीएलओ को आवेदन देकर कहा है कि उन्होंने इस तरह का कोई फॉर्म-7 नहीं भरा। वहीं, हरपालिया में रोशन खान नाम से कई फॉर्म-7 भरे गए हैं।
इन फॉर्म में रोशन खान द्वारा किए गए हस्ताक्षर अलग-अलग हैं। कुछ फॉर्म की पूरी जानकारी नहीं है, तो कहीं बिना हस्ताक्षर के ही फॉर्म भरा गया है। एसडीएम सेड़का बद्रीनारायण बिश्नोई के अनुसार, बूथ लेवल अभिकर्ताओं से प्राप्त दावों और आपत्तियों का फील्ड सत्यापन करवाया जा रहा है और पुख्ता जांच रिपोर्ट के आधार पर ही चुनाव आयोग के नियमों के अनुसार कार्रवाई की जाएगी।
नियमों के तहत एक बीएलए-2 एक दिन में अधिकतम 10 ही आवेदन कर सकता है और उनके लिए शपथ पत्र अनिवार्य होता है। इसके बावजूद एक ही दिन में कई आवेदन दिए गए।
-कई स्थानों पर फॉर्म-7 बिना संबंधित मतदाता को सूचना दिए और आवश्यक दस्तावेजों की जांच किए बिना भरे गए।
-मतदाता सूची से नाम हटाने के लिए भाजपा के बीएलए-2 से जुड़े कई फॉर्म संदिग्ध पाए गए हैं। स्वयं बीएलए-2 द्वारा यह कहा जा रहा है कि उनके नाम से प्रस्तुत किए गए फॉर्म फर्जी हैं और उन पर उनके हस्ताक्षर भी नहीं हैं।
-नियमों के अनुसार, एक बीएलए-2 एक दिन में अधिकतम 10 नामों के लिए ही फॉर्म-7 प्रस्तुत कर सकता है। जबकि बाड़मेर जिले में सैकड़ों की संख्या में फॉर्म जमा किए गए हैं।
-बिशाला गांव में जैन समाज के 89 मतदाताओं, जानपालिया गांव में 292, हरपालिया गांव में 504, अरटी में 190, जलीला में 264, बिसासर में 580, झडपा में 160 और भंवार गांव में 116 मतदाताओं के नाम हटाने की सूची सामने आई।
-इस प्रक्रिया में विशेष रूप से अल्पसंख्यक, अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति वर्ग के मतदाताओं को निशाना बनाया जा रहा है।
-निरक्षर महिलाओं के कथित तौर पर फर्जी हस्ताक्षर कर उनके नाम काटे जाने तथा पत्नी के नाम से भरे गए फॉर्म के आधार पर पति का नाम हटाने का मामला भी सामने आए हैं।
केवल प्रपत्र-7 भर देने से किसी का नाम नहीं कटेगा। एसआईआर कार्यक्रम पूरी निष्पक्षता के साथ चल रहा है। कोई नाम नहीं काटा जा रहा है। यदि फर्जी या अप्रमाणिक फॉर्म सामने आते हैं तो उन्हें सीधे खारिज किया जाएगा। जो शिकायतें आई हैं, उनकी पड़ताल की जा रही है। किसी भी वास्तविक मतदाता का नाम नहीं कटेगा।
-टीना डाबी, जिला कलक्टर
एसआईआर की आड़ में वैध मतदाताओं के नाम हटाने की कोशिश हो रही हैं। ऐसे कौन लोग हैं, जो प्रपत्र-7 भरकर दे रहे हैं, उन्हें ढूंढ़ा जाए। उन पर कार्रवाई की जाए। हमने इस मामले में प्रशासन को ज्ञापन सौंपकर पूरी प्रक्रिया को निष्पक्ष रूप से करने को कहा है। किसी भी सही मतदाता का नाम नहीं कटना चाहिए।
-हरीश चौधरी, कांग्रेस विधायक