बाड़मेर

भाटी-रावणा विवाद : MLA रविंद्र सिंह के खिलाफ छोटू सिंह की FIR से ऐन पहले आया बड़ा अपडेट, क्या होगा ‘राज़ीनामा’?

विधायक रविंद्र सिंह भाटी और गायक छोटू सिंह रावणा के बीच की तल्खी ने अब बाड़मेर के दो बड़े समाजों के बीच तनाव पैदा कर दिया है। इस बीच, श्री राजपूत समाज सेवा समिति ने एक बड़ी पहल की है।
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Apr 01, 2026
ravindra singh bhati chotu singh rawna
ravindra singh bhati chotu singh rawna

पश्चिमी राजस्थान के बाड़मेर जिले में पिछले कुछ दिनों से जारी सियासी और सामाजिक घमासान थमने का नाम नहीं ले रहा है। शिव विधायक रविंद्र सिंह भाटी और प्रसिद्ध भजन गायक छोटू सिंह रावणा के बीच सोशल मीडिया से शुरू हुआ विवाद अब कलेक्ट्रेट और एसपी ऑफिस की चौखट तक पहुँच गया है। जहाँ एक ओर रावणा समाज आर-पार की लड़ाई के मूड में है, वहीं दूसरी ओर राजपूत समाज के प्रबुद्धजनों ने 'एक ही जाजम' पर बैठकर मामले को सुलझाने की भावुक अपील जारी की है।

'हम एक ही परिवार के सदस्य': श्री राजपूत समाज सेवा समिति की अपील

बाड़मेर स्थित श्री राजपूत समाज सेवा समिति ने बिगड़ते माहौल को देखते हुए एक आधिकारिक अपील जारी की है। समिति के उपाध्यक्ष किशोर सिंह कानोड़ ने स्पष्ट शब्दों में कहा:

  • व्यक्तिगत विवाद बनाम समाज: किसी एक व्यक्ति के मतभेद को पूरे समाज की भावनाओं से जोड़ना अनुचित है। यह केवल दो व्यक्तियों का विवाद है, इसे दो समाजों का संघर्ष नहीं बनाना चाहिए।
  • सद्भाव की अपील: कानोड़ ने कहा कि हम सदियों से एक ही संस्कृति और भाईचारे में बंधे हैं। उन्होंने दोनों समाजों के प्रबुद्धजनों से आग्रह किया कि वे आगे आएं और संवाद के माध्यम से समाधान निकालें।
  • साजिशकर्ताओं को चेतावनी: समिति ने उन तत्वों की घोर निंदा की है जो इस विवाद की आड़ में आपसी टकराव पैदा करने की कोशिश कर रहे हैं।

मैं राजनीति करने नहीं, इंसाफ मांगने आया हूं: छोटू सिंह

इधर, मंगलवार को छोटू सिंह रावणा अपने समर्थकों के साथ बाड़मेर कलेक्ट्रेट पहुंचे। भारी संख्या में जुटे रावणा राजपूत समाज के लोगों ने प्रशासन को ज्ञापन सौंपकर विधायक के खिलाफ सख्त कार्रवाई और छोटू सिंह को सुरक्षा देने की मांग की।

  • FIR का डर: रावणा ने आशंका जताई कि विधायक के रसूख के कारण शिव थाने में उनकी रिपोर्ट दर्ज करने में बाधा उत्पन्न की जा सकती है।
  • कलाकार की सुरक्षा: उन्होंने कहा, "मैं एक कवि और भजन गायक हूं। मैं यहाँ राजनीति करने नहीं आया, बल्कि प्रशासन से मदद मांगने आया हूं क्योंकि मुझे अपनी जान का खतरा महसूस हो रहा है।"

विवाद की जड़: एक कॉल और 'जान से मारने' की धमकी का आरोप

पूरा मामला तब शुरू हुआ जब छोटू सिंह ने आरोप लगाया कि विधायक रविंद्र सिंह भाटी ने उन्हें फोन कर धमकाया और अप्रत्यक्ष रूप से जान से मारने की धमकी दी। दूसरी ओर, विधायक भाटी ने इस पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि कुछ लोग 'दूसरों के कंधों का इस्तेमाल' कर रहे हैं और किसी का माध्यम नहीं बनना चाहिए।

राजस्थान में सामाजिक समरसता की चुनौती

राजस्थान, जहाँ मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में सरकार '36 कौम' को साथ लेकर चलने का दावा कर रही है, वहाँ दो प्रमुख समाजों के बीच इस तरह का खिंचाव चिंता का विषय है। जानकारों का मानना है कि यदि यह विवाद जल्द शांत नहीं हुआ, तो इसका असर आगामी स्थानीय चुनावों और मारवाड़ के सामाजिक ढांचे पर पड़ सकता है।

मोदी सरकार का विजन और राजस्थान की जिम्मेदारी

राजस्थान के सीमावर्ती जिले बाड़मेर में इस तरह का विवाद न केवल स्थानीय शांति को प्रभावित करता है, बल्कि यह विकास के एजेंडे को भी पीछे धकेलता है। अब देखना यह है कि क्या श्री राजपूत समाज सेवा समिति की 'सुलह वाली अपील' का असर दोनों पक्षों पर होता है या आज 1 अप्रैल को शिव थाने में FIR दर्ज होने के बाद यह विवाद और उग्र रूप धारण करेगा।

Updated on:
01 Apr 2026 10:44 am
Published on:
01 Apr 2026 10:01 am