
ravindra singh bhati chotu singh rawna
रेगिस्तानी जिले बाड़मेर में पिछले कुछ दिनों से चल रहा 'भाटी बनाम रावणा' विवाद अब निर्णायक मोड़ पर है। भजन गायक छोटू सिंह रावणा ने सीधे तौर पर शिव विधायक रविंद्र सिंह भाटी की सोच और कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए उन्हें 'डराने-धमकाने वाला' नेता करार दिया है। इस विवाद के विरोध में आज बाड़मेर में रावणा राजपूत समाज पूरी तरह लामबंद नजर आया और विधायक के खिलाफ मोर्चा खोल दिया।
छोटू सिंह रावणा ने बाड़मेर पुलिस अधीक्षक (SP) से मुलाकात कर एक ज्ञापन सौंपा। मीडिया से बातचीत में उन्होंने अपनी चिंता जाहिर करते हुए कहा:
"अगर विधायक की सोच डराने-धमकाने की है, तो उनके समर्थकों की सोच भी वैसी ही होगी। मुझे अपनी सुरक्षा की चिंता है, इसलिए मैं प्रशासन से सुरक्षा मांग रहा हूं।"
रावणा ने स्पष्ट किया कि अभी तक इस विषय में उनकी न तो राज्य सरकार से और न ही किसी अन्य जनप्रतिनिधि से कोई बात हुई है। हालांकि, पुलिस प्रशासन ने उन्हें उचित सुरक्षा देने का भरोसा दिया है।
बाड़मेर में रावणा राजपूत समाज के प्रतिनिधियों ने एकजुट होकर जिला प्रशासन को ज्ञापन सौंपा। समाज का कहना है कि एक कलाकार का अपमान और उसे धमकी देना कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
कानूनी कार्रवाई की मांग: समाज ने विधायक रविंद्र सिंह भाटी के खिलाफ तुरंत कानूनी कार्रवाई करने की मांग की है।
आंदोलन की चेतावनी: समाज के प्रतिनिधियों ने दोटूक कहा कि यदि विधायक के खिलाफ उचित कार्रवाई नहीं हुई, तो पूरे प्रदेश में एक बड़ा जन-आंदोलन किया जाएगा।
प्रतिनिधिमंडल ने एसपी को ज्ञापन सौंपकर क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने, घटनाओं पर सख्त कार्रवाई और समाज के लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग रखी। इस मौके पर छोटूसिंह रावणा ने कहा कि समाज की सुरक्षा सर्वोपरि है और किसी भी प्रकार की अनदेखी बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
उन्होंने प्रशासन से त्वरित और ठोस कार्रवाई की उम्मीद जताई। वहीं, समाज के लोगों ने भी एकजुट होकर अपनी आवाज उठाई और चेतावनी दी कि यदि समस्याओं का समाधान नहीं हुआ तो आगे आंदोलन का रास्ता अपनाया जा सकता है।
विवाद केवल धमकियों तक सीमित नहीं रहा; छोटू सिंह रावणा ने अब रविंद्र सिंह भाटी के राजनीतिक गढ़ 'शिव' की स्थिति पर भी हमला बोला है। उन्होंने आरोपों की झड़ी लगाते हुए कहा कि शिव विधानसभा क्षेत्र में विकास कार्य ठप पड़े हैं और क्षेत्र बदहाली का शिकार है। उन्होंने विधायक पर तंज कसते हुए कहा कि जनता ने उन्हें काम के लिए चुना था, न कि डराने-धमकाने के लिए।
गौरतलब है कि छोटू सिंह रावणा पहले ही यह ऐलान कर चुके हैं कि वे 1 अप्रैल को शिव थाने जाकर विधायक के खिलाफ औपचारिक FIR दर्ज कराएंगे। उन्होंने कहा कि वे धमकियों से डरकर पीछे हटने वाले नहीं हैं और इस मामले को तार्किक परिणति तक लेकर जाएंगे।
इस विवाद ने बाड़मेर की राजनीति में नए समीकरण पैदा कर दिए हैं। एक तरफ रविंद्र सिंह भाटी का विशाल युवा समर्थक वर्ग है, तो दूसरी तरफ रावणा राजपूत समाज और अन्य वे लोग हैं जो विधायक की कार्यशैली से असंतुष्ट हैं। यह टकराव आने वाले दिनों में बाड़मेर और जैसलमेर की राजनीति को काफी हद तक प्रभावित कर सकता है।
Updated on:
31 Mar 2026 03:36 pm
Published on:
31 Mar 2026 03:35 pm
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