RBSE 12th Result: राजस्थान माध्यमिक शिक्षा बोर्ड की 12वीं परीक्षा में बाड़मेर के विद्यार्थियों ने उत्कृष्ट प्रदर्शन कर जिले का मान बढ़ाया है। जिले के नरपत जांगिड़ ने प्रदेश में टॉप किया, जिन्हें शिक्षा मंत्री मदन दिलावर ने स्वयं फोन कर बधाई दी।
RBSE 12th Result: Barmer Student Success Story: बाड़मेर: राजस्थान माध्यमिक शिक्षा बोर्ड की ओर से घोषित बारहवीं बोर्ड परीक्षा परिणाम में बाड़मेर जिले के विद्यार्थियों ने शानदार प्रदर्शन किया। कला, विज्ञान और वाणिज्य संकायों में टॉपर्स ने अपनी मेहनत का लोहा मनवाया।
प्रदेश के टॉपर नरपत जांगिड़ से शिक्षा मंत्री मदन दिलावर ने फोन पर बातचीत कर बधाई दी। बाड़मेर के इस वर्ष घोषित परिणाम में कला वर्ग का परिणाम 98.11 फीसदी, विज्ञान वर्ग का 99.08 फीसदी और वाणिज्य वर्ग का 99.06 फीसदी रहा।
प्रदेश के 41 जिलों में बाड़मेर ने विज्ञान वर्ग में दूसरा स्थान प्राप्त किया, जबकि कला में 16वां और वाणिज्य में 15वां स्थान रहा। पिछले दस वर्षों में परिणाम में सुधार दर्ज किया गया है। कला में 8.56 फीसदी, विज्ञान में 14.92 फीसदी और वाणिज्य में 9.33 फीसदी की वृद्धि हुई है। हालांकि इस बार पिछले वर्ष की तुलना में परिणाम में हल्की गिरावट भी देखने को मिली है।
नरपत: मोबाइल पर भटकाने वाला कंटेंट अधिक है, इसलिए दूरी बनाई
कला वर्ग में बाड़मेर की महाराजा पब्लिक स्कूल के छात्र नरपत जांगिड़ ने 99.60 फीसदी अंक हासिल कर प्रदेश में पहला स्थान प्राप्त किया। नरपत ने अपनी सफलता का श्रेय अनुशासन और मोबाइल फोन से दूरी को दिया।
पत्रिका से बातचीत में उन्होंने बताया कि उन्होंने कभी मोबाइल का उपयोग नहीं किया, जिससे उनका पूरा ध्यान पढ़ाई पर केंद्रित रहा। उनके अनुसार आजकल मोबाइल पर भटकाने वाला कंटेंट अधिक है, इसलिए उससे दूर रहना ही बेहतर है।
किसान परिवार से आने वाले नरपत अपने माता-पिता की मेहनत से प्रेरित रहे। नरेश की सफलता मेहनत, अनुशासन और सही दिशा में किए गए प्रयासों का परिणाम है, जो अन्य विद्यार्थियों के लिए प्रेरणा बन गई है।
जिले के सरहदी छोटे से गांव कृष्ण का तला तालसर (धनाऊ) की होनहार बेटी दिव्या भादू ने बारहवीं साइंस में 99.80 प्रतिशत अंक हासिल कर इतिहास रच दिया है। साधारण परिवार की छात्रा दिव्या ने अपनी मेहनत, लगन और अनुशासन से यह मुकाम हासिल किया।
दिव्या का लक्ष्य अब आइएएस बनकर देश की सेवा करना है। दिव्या का मानना है कि अनुशासन और सही मार्गदर्शन से कोई भी लक्ष्य हासिल किया जा सकता है।
सीकर के एक स्कूल में पढ़ने वाली छात्रा दिव्या अपनी सफलता का पूरा श्रेय अपने माता-पिता और शिक्षा को देती हैं। दिव्या बताया कि मैंने स्कूल के अलावा हॉस्टल में प्रतिदिन 6 से 7 घंटे गहन अध्ययन किया।
कक्षा 10 में 82% अंक थे, जिसे सुधारने की जिद ने कक्षा 12वीं में टॉप करने की प्रेरणा दी। दिव्या के पिता सूजाराम अपने गांव की पंचायत में (रोजगार सहायक) सहायक ग्राम सेवक हैं। तथा माता द्रोपदी देवी के संस्कारों ने दिव्या को हमेशा आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया।
दिव्या ने कुल 500 में से 499 अंक प्राप्त किए हैं। हिंदी में 99 अंकों को छोड़कर, उन्होंने अंग्रेजी, फिजिक्स, केमिस्ट्री और बायोलॉजी जैसे कठिन विषयों में 100 में से 100 जाना कर एक मिसाल कायम की है।
इसी तरह महाराजा पब्लिक स्कूल के सवाई जांगिड ने कला वर्ग में 99.40% हासिल किए गए हैं। इन्होंने शिक्षकों के मार्गदर्शन और निरंतर अभ्यास को अपनी उपलब्धि की कुंजी बताया।
वहीं, नरेश ने अपनी सफलता का श्रेय अपने माता-पिता, स्कूल के गुरुजनों को दिया। उन्होंने बताया कि उन्हें निरंतर उनके परिजनों और शिक्षकों से प्रेरणा मिलती रही, जिसके कारण वे इस मुकाम तक पहुंच सके।
चौहटन में ठेठ रेतीले धोरों के बीच ढाणियों में भी प्रतिभाएं बसती हैं। यह मंगलवार को जारी 12वीं बोर्ड के परिणाम ने जाहिर कर दी है। कस्बे के निकटवर्ती नेतराड़ गांव की बेटी सुनीता चौधरी ने 12 वीं बोर्ड परीक्षा कला वर्ग परीणाम में 99.40% प्रतिशत अंक प्राप्त कर सफलता के शिखर को छू लिया।
सुनीता चौधरी पुत्री जैरामाराम भादू निवासी नेतराड़ ने सरकारी विद्यालय राउमावि नेतराड़ में अध्ययन करते हुए इस मुकाम पर पहुंची हैं। उसके पिता एक पुस्तक भंडार की दुकान पर नौकरी करते हैं। वहीं, माता गृहिणी हैं।
सुनीता ने बताया कि वह विद्यालय समय के अलावा नियमित रूप 9 से 10 घंटे पढ़ाई करती थी, उसने इसके लिए अपने गुरुजनों व माता-पिता से मिली प्रेरणा को श्रेय दिया है। परिवार में पढ़ाई का माहौल अच्छा होने तथा 5-अन्य रिश्तेदार सरकारी सेवा में होने के कारण उनसे भी प्रेरणा मिली। सुनीता ने बताया कि वह प्रशासनिक सेवा में अपना भविष्य बनाना चाहती हैं।
वाणिज्य वर्ग में टीटी पब्लिक स्कूल की छात्रा मुस्कान ने 94.40 फीसदी अंक हासिल कर जिले में पहला स्थान प्राप्त किया। मुस्कान ने अपनी सफलता का श्रेय कड़ी मेहनत, आत्मविश्वास और लक्ष्य के प्रति समर्पण को दिया।
उन्होंने बताया कि नियमित रिवीजन और समय पर पाठ्यक्रम पूरा करने से उन्हें बेहतर प्रदर्शन करने में मदद मिली। परिवार और शिक्षकों के सहयोग को उन्होंने अपनी सफलता में महत्वपूर्ण बताया।
विज्ञान वर्ग में टीटी पब्लिक स्कूल की नानवानी पूनम ने 99 फीसदी अंक हासिल किए। वहीं ज्योति विद्या पीठ के रविंद्र चौधरी ने भी 99 फीसदी अंक प्राप्त किए। दोनों विद्यार्थियों ने बताया कि नियमित पढ़ाई, समय प्रबंधन और कठिन विषयों पर विशेष ध्यान उनकी सफलता का मुख्य कारण रहा। उन्होंने शिक्षकों के मार्गदर्शन और निरंतर अभ्यास को अपनी उपलब्धि की कुंजी बताया।
| श्रेणी | कला | विज्ञान | वाणिज्य |
|---|---|---|---|
| प्रथम | 12367 | 3833 | 194 |
| द्वितीय | 4470 | 207 | 15 |
| तृतीय | 397 | 1 | 2 |
| उत्तीर्ण | 0 | 31 | 0 |
| कुल | 17234 | 4072 | 211 |
| वर्ष | कला | विज्ञान | वाणिज्य |
|---|---|---|---|
| 2026 | 98.11% | 99.08% | 99.06% |
| 2025 | 98.73% | 99.27% | 100% |
| 2024 | 98.30% | 98.84% | 100% |
| 2023 | 95.12% | 96.73% | 99.81% |
| 2022 | 97.00% | 95.63% | 95.65% |
| 2021 | 99.32% | 99.38% | 99.62% |
| 2020 | 92.54% | 92.82% | 96.28% |
| 2019 | 90.67% | 91.02% | 95.07% |
| 2018 | 89.55% | 84.16% | 89.73% |
| संकाय | छात्र | छात्राएं |
|---|---|---|
| कला | 97.86% | 98.37% |
| विज्ञान | 99.19% | 98.82% |
| वाणिज्य | 99.26% | 98.72% |