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‘भाटी vs रावणा’ विवाद : छोटू सिंह के काफिले में SUV कारों का रेला, लोग पूछ रहे- ‘FIR दर्ज करवाने जा रहे हो या शक्ति प्रदर्शन कर रहे हो’? – देखें VIDEO

रेगिस्तानी जिले बाड़मेर की तपिश के बीच 'भाटी बनाम रावणा' विवाद अब एक शक्ति प्रदर्शन की जंग में तब्दील हो गया है। भजन गायक छोटू सिंह रावणा ने शिव विधायक रविंद्र सिंह भाटी के खिलाफ जिस अंदाज में मोर्चा खोला है, उसने पूरे मारवाड़ की राजनीति में खलबली मचा दी है। बुधवार को बाड़मेर से शिव की ओर बढ़ते सैकड़ों गाड़ियों के काफिले को देखकर हर कोई दंग रह गया। लोग सोशल मीडिया पर पूछ रहे हैं कि यह 'FIR' दर्ज कराने की तैयारी है या राजस्थान की राजनीति में कोई नया 'शक्ति प्रदर्शन'?

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Singer Chotu Singh Raoana reaches Shiv Police Station with massive convoy to file FIR against MLA Ravindra Bhati

Singer Chotu Singh Raoana reaches Shiv Police Station with massive convoy to file FIR against MLA Ravindra Bhati

पश्चिमी राजस्थान का बाड़मेर जिला इस वक्त एक बड़े सामाजिक और राजनीतिक टकराव का केंद्र बना हुआ है। चर्चित भजन गायक छोटू सिंह रावणा बुधवार को बाड़मेर शहर से सैकड़ों समर्थकों और लग्जरी कारों के काफिले के साथ शिव पहुंचे। इस दौरान सड़क पर गाड़ियों की लंबी कतार देखकर ऐसा महसूस हो रहा था मानो कोई चुनावी रैली निकल रही हो। छोटू सिंह का यह अंदाज विधायक रविंद्र सिंह भाटी के खिलाफ एक मजबूत संदेश माना जा रहा है।

'कारों का काफिला', वायरल हुए वीडियो

सोशल मीडिया पर बुधवार सुबह से ही छोटू सिंह रावणा के काफिले के वीडियो तेजी से वायरल हो रहे हैं। बाड़मेर शहर से रवाना होकर शिव की ओर जाते हुए इस काफिले में सैकड़ों की संख्या में गाड़ियां और समर्थक नजर आए। छोटू सिंह के समर्थक एसयूवी कारों और मोटरसाइकिलों के साथ रवाना हुए।

सोशल मीडिया पर चर्चा: वायरल वीडियो को देख लोग तरह-तरह की प्रतिक्रिया दे रहे हैं। कुछ इसे 'न्याय की लड़ाई' बता रहे हैं, तो कुछ इसे सीधे तौर पर विधायक भाटी को चुनौती देने वाला 'शक्ति प्रदर्शन' करार दे रहे हैं।

काफिले का ये वीडियो हो रहा वायरल

FIR से पहले रावणा राजपूत समाज की हुंकार

शिव पहुंचने के बाद छोटू सिंह रावणा सीधे पुलिस थाने नहीं गए, बल्कि वहां पहले से आयोजित रावणा राजपूत समाज की एक सभा में शामिल हुए।

समाज की एकजुटता: सभा में समाज के प्रबुद्धजन, युवा और बड़ी संख्या में समर्थक जुटे। वक्ताओं ने मंच से विधायक के कथित व्यवहार की निंदा की और छोटू सिंह का साथ देने का ऐलान किया।

राजनीति बनाम कलाकार: सभा को संबोधित करते हुए रावणा ने दोहराया कि वह एक कलाकार हैं और अपनी सुरक्षा और सम्मान के लिए कानून का सहारा ले रहे हैं।

'राजनीति करने नहीं, मदद मांगने आया हूं'

एक दिन पहले मंगलवार को बाड़मेर एसपी से मुलाकात के दौरान भी छोटू सिंह ने स्पष्ट किया था कि उनका मकसद राजनीति करना नहीं है। उन्होंने कहा, "मैं एक कवि और भजन गायक हूं, राजनीति का मुझे कोई शौक नहीं। लेकिन जिस तरह से विधायक ने मुझे धमकाया है, उससे मुझे अपनी जान का खतरा है। मुझे आशंका है कि उनके प्रभाव के कारण मेरी रिपोर्ट दर्ज करने में बाधा आ सकती है, इसलिए मैं भारी संख्या में समर्थकों के साथ आया हूं।"

क्या है विवाद की जड़?

यह पूरा विवाद सोशल मीडिया पर की गई एक टिप्पणी से शुरू हुआ था।

छोटू सिंह का आरोप: विधायक रविंद्र सिंह भाटी ने उन्हें फोन पर धमकाया और जान से मारने की अप्रत्यक्ष धमकी दी।

विधायक भाटी का जवाब: रविंद्र सिंह भाटी ने इस पर तीखी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि कुछ लोग स्वार्थ के लिए दूसरों के कंधों का इस्तेमाल करते हैं। उन्होंने साफ किया कि किसी को भी किसी के बहकावे में आकर माध्यम नहीं बनना चाहिए।

राजस्थान पुलिस और प्रशासन की बढ़ी चुनौतियां

बाड़मेर की सड़कों पर उमड़ी यह भीड़ प्रशासन के लिए सिरदर्द बन गई है। शिव थाने में FIR दर्ज कराने के इस घटनाक्रम को देखते हुए भारी पुलिस बल तैनात किया गया है। चूंकि रविंद्र सिंह भाटी एक बेहद लोकप्रिय युवा विधायक हैं और छोटू सिंह रावणा की भी अपनी बड़ी फैन फॉलोइंग है, ऐसे में दो बड़े गुटों के बीच टकराव को रोकना पुलिस के लिए बड़ी चुनौती है।