गणतंत्र दिवस पर बाड़मेर पुलिस के चार जवान कर्तव्य की मिसाल बने हैं। बिना हाई-टेक साधनों और बड़ी टीम के, केवल गोपनीय आसूचना और साहस के बल पर इन्होंने एमडी ड्रग्स नेटवर्क पर करारा प्रहार किया।
Republic Day 2026: जब पूरा देश गणतंत्र दिवस पर संविधान, अधिकारों और कर्तव्यों की बात करता है, तब बाड़मेर पुलिस के ये चार जवान उस कर्तव्य का जीवंत उदाहरण बनकर सामने आते हैं।
न कोई हाईटेक गैजेट, न बड़ी टीम और न ही सुर्खियों की चाह…बस वर्दी के प्रति ईमानदारी, गोपनीय आसूचना और जोखिम उठाने का जज़्बा। इन्हीं हथियारों के दम पर इन कांस्टेबलों ने रेगिस्तान के शांत बाड़मेर में फैल रहे एमडी ड्रग्स के नेटवर्क पर करारा प्रहार किया।
सेड़वा थाने में पदस्थापित कांस्टेबल मनोहर सिंह ने उस वक्त इतिहास रच दिया, जब सेड़वा के धोलकिया क्षेत्र में गुपचुप तरीके से चल रही एमडी ड्रग्स फैक्ट्री को बेनकाब किया। किसी को भनक तक नहीं लगी थी कि सीमांत इलाके में नशे का इतना बड़ा खेल चल रहा है।
गोपनीय मुखबिरी, पुख्ता जानकारी और अधिकारियों से समन्वय कर फैक्ट्री पकड़ी गई। यही नहीं, इसी कड़ी में महाराष्ट्र और जोधपुर तक फैले नेटवर्क पर भी कार्रवाई हुई।
वर्तमान में डीएसटी में पदस्थापित कांस्टेबल रामस्वरूप ने सदर थाना क्षेत्र के केरली आदर्श चवा में संचालित एमडी फैक्ट्री का खुलासा कर पुलिस विभाग को बड़ी सफलता दिलाई।
यहां से 39 किलो एमडी ड्रग्स बरामद हुई, जिसकी अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमत करीब 85 करोड़ रुपए आंकी गई। यह वही ज़हर था, जो युवाओं के भविष्य को निगलने वाला था और रामस्वरूप ने उसे समय रहते नष्ट कर दिया।
सदर थाने में तैनात कांस्टेबल शंकर सिंह ने एक साल में 15 लंबे समय से फरार वांटेड और इनामी अपराधियों की गिरफ्तारी करवाई। इतना ही नहीं, कोतवाली थाना क्षेत्र में हुई 32 लाख रुपए की लूट का खुलासा भी इनके प्रयासों से संभव हुआ।
उनकी कार्यकुशलता को देखते हुए एसपी द्वारा उन्हें कई बार जिला स्तर पर बेस्ट कांस्टेबल के सम्मान से नवाजा गया।
धोरीमन्ना थाने में पदस्थापित कांस्टेबल जगाराम ने कड़ी मेहनत और सतत आसूचना संकलन से मादक पदार्थ तस्करी के मामलों में 7 वांटेड व इनामी आरोपियों को गिरफ्तार करवाया।
सीमावर्ती इलाके में नशे की कमर तोड़ने में उनका योगदान उल्लेखनीय रहा, जिसके लिए उन्हें भी जिला स्तर पर सम्मानित किया गया।